{"_id":"5cdb2176bdec220756711dea","slug":"31557864822-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मृतक और लापता शख्स पर भी रंगदारी मांगने की रिपोर्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
मृतक और लापता शख्स पर भी रंगदारी मांगने की रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीगंज। जमीन बेचने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रंगदारी मांगने के मामले में सोमवार को दर्ज कराई रिपोर्ट में मृतक और लापता को भी आरोपी बना दिया गया है। ऐसे में रिपोर्ट की प्रासंगिकता और कार्रवाई को लेकर ही संशय पैदा हो गया है।
सोमवार को सर्वोदय नगर निवासी गुलाम साबिर आजाद ने एक जमीन में फर्जीवाड़े और रंगदारी मांगने की रिपोर्ट कराई थी। इसमें सात लोग, अनिल राव, सुनील राव, प्रदीप राव, जॉर्ज राव, निक्की, बेबी मार्क और मार्था राव को नामजद कराया गया था। अब पता लगा है कि जॉर्ज राव का निधन चार साल पहले हो चुका है और अनिल राव नौ साल से लापता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मृतक और लापता आरोपियों को पुलिस कैसे ढूंढेगी। नौ साल से लापता अनिल राव की गुमशुदगी तो इसी थाने में लिखी है, जिसे पुलिस अब तक नहीं ढूंढ पाई। तफ्तीश भी अंडर ट्रेनिंग दरोगा को दी गई है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि वादी पर पहले से कई मुकदमे चल रहे हैं, उसने फर्जी मामला लिखवाया है। इंस्पेक्टर राजकुमार भारद्वाज का कहना है कि वादी की तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखी गई है। जांच में जो सही स्थिति होगी, उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। वादी ने तहरीर में मृतक व लापता शख्स के नाम क्यों लिखवाए? इसकी भी जांच करेंगे।
विज्ञापन
सोमवार को सर्वोदय नगर निवासी गुलाम साबिर आजाद ने एक जमीन में फर्जीवाड़े और रंगदारी मांगने की रिपोर्ट कराई थी। इसमें सात लोग, अनिल राव, सुनील राव, प्रदीप राव, जॉर्ज राव, निक्की, बेबी मार्क और मार्था राव को नामजद कराया गया था। अब पता लगा है कि जॉर्ज राव का निधन चार साल पहले हो चुका है और अनिल राव नौ साल से लापता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मृतक और लापता आरोपियों को पुलिस कैसे ढूंढेगी। नौ साल से लापता अनिल राव की गुमशुदगी तो इसी थाने में लिखी है, जिसे पुलिस अब तक नहीं ढूंढ पाई। तफ्तीश भी अंडर ट्रेनिंग दरोगा को दी गई है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि वादी पर पहले से कई मुकदमे चल रहे हैं, उसने फर्जी मामला लिखवाया है। इंस्पेक्टर राजकुमार भारद्वाज का कहना है कि वादी की तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखी गई है। जांच में जो सही स्थिति होगी, उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। वादी ने तहरीर में मृतक व लापता शख्स के नाम क्यों लिखवाए? इसकी भी जांच करेंगे।
विज्ञापन