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मौत को सामने देख बेटे को तो बचा लिया.. खुद को नहीं बचा सकीं धनवती
Updated Fri, 23 Nov 2018 02:55 AM IST
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बरेली। धनवती के दो बच्चे सोनी और राजीव हैं। सोनी आठवीं की छात्रा है, जबकि राजीव चौथी में पढ़ता है। धनवती राजीव को स्कूल से रोजाना खुद ही लेने जाती थीं। हादसे के वक्त वह घर के लिए जाने वाले मोड़ से थोड़ा पहले थीं, तभी उन्होंने पीछे से रोडवेज बस को लहराते हुए आते देखा। राजीव के मुताबिक, मां ने अगर समय रहते उसे धक्का देकर दूर न गिराया होता तो वह भी बस की चपेट में आ जाता। मां ने उसे तो बचा लिया लेकिन खुद को नहीं बचा सकीं। राजीव ने रोते हुए बताया कि दोनों रोडवेज बसों के टकराने से तेज आवाज हुई थी। सड़क पर चलने वाले ठहर गये थे। इसके बाद चंद सेकेंड में ही सब कुछ हो गया।
जाम लगाने से पहले पुलिस ने हटवाई लाश
धनवती की मौत के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि फौजी की पत्नी की मौत के बाद प्रशासन ने इस रोड पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद करने की बात कही लेकिन इस पर अमल नहीं किया। प्रशासन की इस लापरवाही धनवती की जान चली गई। लोगों ने जाम लगाने की कोशिश की तो पुलिस ने महिला की लाश को तुरंत वहां से हटवा दिया।
एक और परिवार भी चपेट में आने से बचा
कांधरपुर की बबली भी अपने बच्चों के साथ घर लौट रही थीं। वह भी बस की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। उनके साथ उनकी बेटी नैनसी और बेटा आयुष भी थे। बस को अपनी ओर आते देख बबली दोनों बच्चों को लेकर तेजी से दूसरी तरफ हट गईं।
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‘प्रशासन की लापरवाही ने ली मेरी पत्नी की जान’
पत्नी की मौत की खबर मिली तो रघुनाथ का बुरा हाल हो गया। वह विलाप करते हुए जमीन पर गिर पड़े। बोले, प्रशासन की लापरवाही ने मेरी पत्नी की जान ले ले ली। रघुनाथ ने बताया कि आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की तहेरी बहन उनके भतीजे को ब्याही है। हादसे की खबर पर सांसद के छोटे भाई भूदेव समेत परिवार के कई लोग भी मौके पर पहुंच गए।
पहले भी हुआ था हादसा
लाल फाटक पर 12 नवंबर की शाम रामेश्वर धाम कॉलोनी निवासी फौजी अरविंद की पत्नी खुशबू देवर सुमित के साथ अपने बच्चे का दवा दिलाने जाते वक्त ट्रक की चपपेट में आ गई थीं। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए लोगों ने हंगामा करते हुए पथराव किया था। लाल फाटक पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
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जाम लगाने से पहले पुलिस ने हटवाई लाश
धनवती की मौत के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि फौजी की पत्नी की मौत के बाद प्रशासन ने इस रोड पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद करने की बात कही लेकिन इस पर अमल नहीं किया। प्रशासन की इस लापरवाही धनवती की जान चली गई। लोगों ने जाम लगाने की कोशिश की तो पुलिस ने महिला की लाश को तुरंत वहां से हटवा दिया।
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एक और परिवार भी चपेट में आने से बचा
कांधरपुर की बबली भी अपने बच्चों के साथ घर लौट रही थीं। वह भी बस की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। उनके साथ उनकी बेटी नैनसी और बेटा आयुष भी थे। बस को अपनी ओर आते देख बबली दोनों बच्चों को लेकर तेजी से दूसरी तरफ हट गईं।
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‘प्रशासन की लापरवाही ने ली मेरी पत्नी की जान’
पत्नी की मौत की खबर मिली तो रघुनाथ का बुरा हाल हो गया। वह विलाप करते हुए जमीन पर गिर पड़े। बोले, प्रशासन की लापरवाही ने मेरी पत्नी की जान ले ले ली। रघुनाथ ने बताया कि आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की तहेरी बहन उनके भतीजे को ब्याही है। हादसे की खबर पर सांसद के छोटे भाई भूदेव समेत परिवार के कई लोग भी मौके पर पहुंच गए।
पहले भी हुआ था हादसा
लाल फाटक पर 12 नवंबर की शाम रामेश्वर धाम कॉलोनी निवासी फौजी अरविंद की पत्नी खुशबू देवर सुमित के साथ अपने बच्चे का दवा दिलाने जाते वक्त ट्रक की चपपेट में आ गई थीं। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए लोगों ने हंगामा करते हुए पथराव किया था। लाल फाटक पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।