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दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में फंसे ट्यूटर ने की खुदकुशी
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बरेली। प्रेमनगर क्षेत्र के गुद्दड़ बाग में होम ट्यूटर ने अपने ही घर में फंदा लगाकर जान दे दी। भाभी ने शव लटका देखा तो पुलिस बुला ली। शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम होगा। युवक के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज था, जिसकी वजह से वह डिप्रेशन में रहता था।
पुलिस के मुताबिक 35 वर्षीय रितेश शर्मा की शादी कुछ साल पहले नवाबगंज की ममता से हुई थी। दो साल पहले ममता मायके चली गई और आंगनबाड़ी का काम करने लगी। बताते हैं कि ममता ने पति पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा लिखाया था। इसके चलते वह तनाव में रहते थे। रितेश के माता-पिता हरिद्वार के एक आश्रम में रहते हैं। पैतृक मकान में वह नीचे के कमरे में तो बड़ा भाई शंकर परिवार के साथ पहली मंजिल पर रहते थे। सोमवार शाम शंकर की पत्नी नीचे आईं तो विंडो से देखा कि कमरे में फंदे पर कुंडी से रितेश का शव लटका है। सूचना पर शंकर व पड़ोसी आ गए। प्रेमनगर थाना पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी और शव निकालकर सील किया। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को परिवार वालों ने बताया कि रितेश पहले घरों में जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। अवसाद की वजह से वह काम भी छोड़ दिया और शराब पीने लगे थे।
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पुलिस के मुताबिक 35 वर्षीय रितेश शर्मा की शादी कुछ साल पहले नवाबगंज की ममता से हुई थी। दो साल पहले ममता मायके चली गई और आंगनबाड़ी का काम करने लगी। बताते हैं कि ममता ने पति पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा लिखाया था। इसके चलते वह तनाव में रहते थे। रितेश के माता-पिता हरिद्वार के एक आश्रम में रहते हैं। पैतृक मकान में वह नीचे के कमरे में तो बड़ा भाई शंकर परिवार के साथ पहली मंजिल पर रहते थे। सोमवार शाम शंकर की पत्नी नीचे आईं तो विंडो से देखा कि कमरे में फंदे पर कुंडी से रितेश का शव लटका है। सूचना पर शंकर व पड़ोसी आ गए। प्रेमनगर थाना पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी और शव निकालकर सील किया। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को परिवार वालों ने बताया कि रितेश पहले घरों में जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। अवसाद की वजह से वह काम भी छोड़ दिया और शराब पीने लगे थे।
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