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शादियों में बाराती बनकर उड़ाते थे मोबाइल, धरे गए
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बरेली। शादियों में बाराती बनकर महंगे मोबाइल उड़ाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनसे पांच मोबाइल बरामद किए गए। तीन में से एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसे किशोर सदन भेजा गया। जबकि बाकी दो को जेल भेज दिया गया।
बारादरी थाना पुलिस ने ताड़ीखाना निवासी लक्ष्मण और सुभाष नगर त्रिमूर्ति पैलेस के सामने वाले करन को ईसाइयों की पुलिया से गिरफ्तार दिखाया। इनके सिरौली क्षेत्र निवासी नाबालिग साथी को भी दबोचा गया। इनकी निशानदेही पर पांच मोबाइल बरामद किए गए जो अलग-अलग बारातघरों से चोरी किए गए थे। लक्ष्मण, करन पहले जेल जा चुके हैं। ये दोनों अच्छे पहनकर बदायूं रोड के बारातघरों में पहुंच जाते थे और बारातियों के साथ डांस कर घुलमिल जाते थे। कोई उन्हें घराती तो कोई बाराती समझता था। यही फायदा उठाकर वह लोगों के मोबाइल चुरा लेते थे। खासतौर पर कमरों में चार्जिंग पर लगे मोबाइल चुराना आसान होता था जिन्हें भूलकर लोग सजने-संवरने में लग जाते थे। तीसरे नाबालिग साथी की मदद से वह इन मोबाइल को सेटेलाइट व जंक्शन जैसी भीड़ वाली जगह यात्रियों को सस्ते में बेच देते थे। ऐसी ही पंद्रह घटनाएं कबूल कीं, लेकिन इन चोरियों की रिपोर्ट थाने में लिखी ही नहीं गईं थीं। मोबाइल खोने की सूचनाओं में अब इन मोबाइल संबंधी शिकायतें खोजी जाएंगी। चर्चा है कि आरोपियों को पुलिस ने दो दिन पहले ही पकड़ लिया था। तब इन्होंने पत्रकारों के सामने दस मोबाइल बरामद कराने की बात कबूली। अब केवल पांच मोबाइल दिखाना खासी चर्चा में रहा।
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बारादरी थाना पुलिस ने ताड़ीखाना निवासी लक्ष्मण और सुभाष नगर त्रिमूर्ति पैलेस के सामने वाले करन को ईसाइयों की पुलिया से गिरफ्तार दिखाया। इनके सिरौली क्षेत्र निवासी नाबालिग साथी को भी दबोचा गया। इनकी निशानदेही पर पांच मोबाइल बरामद किए गए जो अलग-अलग बारातघरों से चोरी किए गए थे। लक्ष्मण, करन पहले जेल जा चुके हैं। ये दोनों अच्छे पहनकर बदायूं रोड के बारातघरों में पहुंच जाते थे और बारातियों के साथ डांस कर घुलमिल जाते थे। कोई उन्हें घराती तो कोई बाराती समझता था। यही फायदा उठाकर वह लोगों के मोबाइल चुरा लेते थे। खासतौर पर कमरों में चार्जिंग पर लगे मोबाइल चुराना आसान होता था जिन्हें भूलकर लोग सजने-संवरने में लग जाते थे। तीसरे नाबालिग साथी की मदद से वह इन मोबाइल को सेटेलाइट व जंक्शन जैसी भीड़ वाली जगह यात्रियों को सस्ते में बेच देते थे। ऐसी ही पंद्रह घटनाएं कबूल कीं, लेकिन इन चोरियों की रिपोर्ट थाने में लिखी ही नहीं गईं थीं। मोबाइल खोने की सूचनाओं में अब इन मोबाइल संबंधी शिकायतें खोजी जाएंगी। चर्चा है कि आरोपियों को पुलिस ने दो दिन पहले ही पकड़ लिया था। तब इन्होंने पत्रकारों के सामने दस मोबाइल बरामद कराने की बात कबूली। अब केवल पांच मोबाइल दिखाना खासी चर्चा में रहा।
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