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मुस्लिम युवक की गोवंश चोरी, हिंदू युवा वाहिनी ने टेंपो ड्राइवर को पकड़ा
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बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में मुस्लिम युवक के गोवंशीय पशु चोरी के बाद खासा हंगामा हुआ। हिंदू युवा वाहिनी पदाधिकारियों की मदद से एक टेंपो ड्राइवर को पकड़कर थाना पुलिस को सौंपा गया। गाय मालिक ने अपने दो पड़ोसियों पर गोवंशीय पशु काटने और टेंपो में भरकर मांस बेचने का आरोप लगाया। इज्जतनगर पुलिस ने ड्राइवर हिरासत और टेंपो को कब्जे में लेकर रिपोर्ट लिख ली है।
बड़ी बिहार में चंदा की आटा चक्की के पास रहने वाले जीशान खां के साथ हिंदू युवा वाहिनी के धर्मेंद्र यादव, शेखर आदि पदाधिकारी एक टेंपो और ड्राइवर रहपुरा चौधरी निवासी दिव्यांग जुम्मन को लेकर सोमवार सुबह इज्जतनगर थाने पहुंचे। इन लोगों ने जुम्मन को पुलिस को सौंप दिया। जीशान ने इंस्पेक्टर मनोज त्यागी को बताया कि रात दो बजे खटपट हुई तो वह जाग गए। देखा तो पड़ोसी पशु तस्कर असलम और उसका भाई झइया उनके गोवंशीय पशु को टेंपो में लादकर ले जा रहे थे। इतनी देर में लाइट चली गई और ये लोग पशु को लेकर निकल गए। रात से वो पशु खोज रहे थे। सुबह हियुवा के लोगों से मदद मांगी। उन लोगों ने देखा कि सुबह गली के बाहर इसी टेंपो पर खड़े दोनों आरोपी इस ड्राइवर से बात कर रहे हैं। उन लोगों ने जुम्मन को पकड़ लिया जबकि दोनों पशु तस्कर फरार हो गए। जुम्मन का कहना था कि रात का घटनाक्रम उसे नहीं पता पर सुबह जरूर असलम और झइया अपने घर से उसके टेंपो से मांस ले गए और श्यामगंज इलाके में किसी को बेच आए। मांस किस पशु का था? ये भी उसे नहीं पता। वहीं, जीशान ने दोनों आरोपी भाइयों पर अपने पशु को घर में काटकर मांस बेचने का आरोप लगाया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर जुम्मन को हिरासत में ले लिया।
टेंपो मालिक को भी ड्राइवर पर शक
जिस टेंपो से तस्करी की गई वो 15 दिन पहले ही खरीदा गया है। टेंपो मालिक पुराना शहर निवासी दीपक भी मौके पर आ गए। उन्होंने बताया कि टेंपो लेने के बाद जुम्मन को ड्राइवर बनाया था। जुम्मन रोज सुबह घर आकर टेंपो ले जाता और रात को खड़ा कर जाता था। रविवार को वह देर रात में ही टेंपो ले गया। कहा कि अपने घर पर खड़ा करेगा और तड़के ही काम पर निकल जाएगा। हो सकता है कि तस्करों से उसकी सेटिंग रही हो।
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पशु तस्करी में ही मारा गया तीसरा भाई
असलम और झइया दोनों ही बड़े पशु तस्कर हैं। इनके खिलाफ पहले से ही मुकदमे चल रहे हैं। बताया गया कि इनका भाई मोहसिन करीब दो साल पहले फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में पशु चुराते वक्त ग्रामीणों की पकड़ में आ गया था। उन्होंने उसे पीटकर मार दिया। इंस्पेक्टर मनोज त्यागी ने बताया कि घर में गाय काटने या टेंपो में लादकर ले जाने का कोई प्रमाण अभी नहीं मिल सका है पर रिपोर्ट लिखकर जांच की जा रही है। दोनों पशु तस्कर भाइयों की तलाश कर रहे हैं। वे घरों से फरार हैं।
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बड़ी बिहार में चंदा की आटा चक्की के पास रहने वाले जीशान खां के साथ हिंदू युवा वाहिनी के धर्मेंद्र यादव, शेखर आदि पदाधिकारी एक टेंपो और ड्राइवर रहपुरा चौधरी निवासी दिव्यांग जुम्मन को लेकर सोमवार सुबह इज्जतनगर थाने पहुंचे। इन लोगों ने जुम्मन को पुलिस को सौंप दिया। जीशान ने इंस्पेक्टर मनोज त्यागी को बताया कि रात दो बजे खटपट हुई तो वह जाग गए। देखा तो पड़ोसी पशु तस्कर असलम और उसका भाई झइया उनके गोवंशीय पशु को टेंपो में लादकर ले जा रहे थे। इतनी देर में लाइट चली गई और ये लोग पशु को लेकर निकल गए। रात से वो पशु खोज रहे थे। सुबह हियुवा के लोगों से मदद मांगी। उन लोगों ने देखा कि सुबह गली के बाहर इसी टेंपो पर खड़े दोनों आरोपी इस ड्राइवर से बात कर रहे हैं। उन लोगों ने जुम्मन को पकड़ लिया जबकि दोनों पशु तस्कर फरार हो गए। जुम्मन का कहना था कि रात का घटनाक्रम उसे नहीं पता पर सुबह जरूर असलम और झइया अपने घर से उसके टेंपो से मांस ले गए और श्यामगंज इलाके में किसी को बेच आए। मांस किस पशु का था? ये भी उसे नहीं पता। वहीं, जीशान ने दोनों आरोपी भाइयों पर अपने पशु को घर में काटकर मांस बेचने का आरोप लगाया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर जुम्मन को हिरासत में ले लिया।
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टेंपो मालिक को भी ड्राइवर पर शक
जिस टेंपो से तस्करी की गई वो 15 दिन पहले ही खरीदा गया है। टेंपो मालिक पुराना शहर निवासी दीपक भी मौके पर आ गए। उन्होंने बताया कि टेंपो लेने के बाद जुम्मन को ड्राइवर बनाया था। जुम्मन रोज सुबह घर आकर टेंपो ले जाता और रात को खड़ा कर जाता था। रविवार को वह देर रात में ही टेंपो ले गया। कहा कि अपने घर पर खड़ा करेगा और तड़के ही काम पर निकल जाएगा। हो सकता है कि तस्करों से उसकी सेटिंग रही हो।
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पशु तस्करी में ही मारा गया तीसरा भाई
असलम और झइया दोनों ही बड़े पशु तस्कर हैं। इनके खिलाफ पहले से ही मुकदमे चल रहे हैं। बताया गया कि इनका भाई मोहसिन करीब दो साल पहले फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में पशु चुराते वक्त ग्रामीणों की पकड़ में आ गया था। उन्होंने उसे पीटकर मार दिया। इंस्पेक्टर मनोज त्यागी ने बताया कि घर में गाय काटने या टेंपो में लादकर ले जाने का कोई प्रमाण अभी नहीं मिल सका है पर रिपोर्ट लिखकर जांच की जा रही है। दोनों पशु तस्कर भाइयों की तलाश कर रहे हैं। वे घरों से फरार हैं।