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बरेली का सलमान बनकर बागपत में छिपा हिस्ट्रीशीटर पुलिस ने दबोचा
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शाहजहांपुर। नवंबर 2018 में मिर्जापुर क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर के अपहरण की रिपोर्ट उसकी मां ने चार लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। लेकिन वह हिस्ट्रीशीटर बागपत में बरेली का सलमान बनकर रह रहा था। हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी।
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि थाना मिर्जापुर के गांव इस्लामनगर निवासी खातून पत्नी स्वर्गीय असगर ने 15 नवंबर 2018 को पुलिस को बताया कि उसके बेटे गुड्डू की हत्या करने के उद्देश्य से गांव के ही कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है। पुलिस ने गांव के चार लोगों के खिलाफ तहरीर के आधार पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली और गुड्डू को तलाशने की कोशिश शुरू कर दी। गुड्डू हिस्ट्रीशीटर था, इसलिए पुलिस को अपहरण की कहानी पर संदेह था। इस दौरान गुड्डू की मां ने नदी किनारे बेटे के कपड़े बरामद कराकर यह भी बताने की कोशिश की कि बेटे की हत्या करके लाश को कहीं छिपा दिया गया है। इधर, गुड्डू घर से जाने के बाद बागपत व पानीपत में बरेली निवासी सलमान बनकर रहने लगा और प्राइवेट काम करता रहता था।
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा के आदेश पर एएसपी ग्रामीण सुभाष चंद्र शाक्य के निर्देशन में थानाध्यक्ष सुधाकर पांडेय ने गुड्डू के रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवा रखे थे। परिवार व रिश्तेदारों से बातचीत की पुष्टि होने पर पुलिस ने गुड्डू को सोमवार सुबह फर्रुखाबाद रोड पर ढाईघाट चौराहे के पास पकड़ लिया। उसके पास से पुलिस ने एक तमंचा, दो कारतूस भी बरामद कर लिए। हिस्ट्रीशीटर गुड्डू के खिलाफ फर्रुखाबाद जिले में 15 और मिर्जापुर व दो कलान थाने में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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इसलिए रची थी अपहरण की कहानी
पुलिस के मुताबिक गुड्डू एक गैंग के साथ भैंस चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। उसने अपने साथियों के साथ शमशाबाद (फर्रुखाबाद) से एक बार भैंस चोरी की थी। इसके बारे में दूसरे गैंग के लोगों को पता लग गया और वे लोग भैंस लेकर चले गए। गुड्डू को शक था कि गांव के लोगों ने उसकी मुखबिरी की है, इसलिए उसने मां को शामिल कर मुखबिरी करने वालों को सबक सिखाने के लिए अपहरण की कहानी रची।
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एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि थाना मिर्जापुर के गांव इस्लामनगर निवासी खातून पत्नी स्वर्गीय असगर ने 15 नवंबर 2018 को पुलिस को बताया कि उसके बेटे गुड्डू की हत्या करने के उद्देश्य से गांव के ही कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है। पुलिस ने गांव के चार लोगों के खिलाफ तहरीर के आधार पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली और गुड्डू को तलाशने की कोशिश शुरू कर दी। गुड्डू हिस्ट्रीशीटर था, इसलिए पुलिस को अपहरण की कहानी पर संदेह था। इस दौरान गुड्डू की मां ने नदी किनारे बेटे के कपड़े बरामद कराकर यह भी बताने की कोशिश की कि बेटे की हत्या करके लाश को कहीं छिपा दिया गया है। इधर, गुड्डू घर से जाने के बाद बागपत व पानीपत में बरेली निवासी सलमान बनकर रहने लगा और प्राइवेट काम करता रहता था।
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एसपी डॉ. एस चन्नप्पा के आदेश पर एएसपी ग्रामीण सुभाष चंद्र शाक्य के निर्देशन में थानाध्यक्ष सुधाकर पांडेय ने गुड्डू के रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवा रखे थे। परिवार व रिश्तेदारों से बातचीत की पुष्टि होने पर पुलिस ने गुड्डू को सोमवार सुबह फर्रुखाबाद रोड पर ढाईघाट चौराहे के पास पकड़ लिया। उसके पास से पुलिस ने एक तमंचा, दो कारतूस भी बरामद कर लिए। हिस्ट्रीशीटर गुड्डू के खिलाफ फर्रुखाबाद जिले में 15 और मिर्जापुर व दो कलान थाने में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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इसलिए रची थी अपहरण की कहानी
पुलिस के मुताबिक गुड्डू एक गैंग के साथ भैंस चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। उसने अपने साथियों के साथ शमशाबाद (फर्रुखाबाद) से एक बार भैंस चोरी की थी। इसके बारे में दूसरे गैंग के लोगों को पता लग गया और वे लोग भैंस लेकर चले गए। गुड्डू को शक था कि गांव के लोगों ने उसकी मुखबिरी की है, इसलिए उसने मां को शामिल कर मुखबिरी करने वालों को सबक सिखाने के लिए अपहरण की कहानी रची।