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साहब! इस बुजुर्ग की भी सुन लो, बड़ा धोखा हुआ है इसके साथ
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लखीमपुर खीरी। एक बुजुर्ग के कम दिखाई और कम सुनाई पड़ने का फायदा उठाकर पीलीभीत-बस्ती हाईवे किनारे स्थित आठ बीघा जमीन का कुछ लोगों ने बैनामा करा लिया। पीड़ित बुजुर्ग अब अपने नाती के साथ डीएम-एसपी से लेकर कोतवाली तक के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्राम लालपुर मजरा बेरिहातारनपुर के रहने वाले 82 वर्षीय भासू शनिवार को अपने नाती उत्तम कुमार के साथ सदर कोतवाली पहुंचे। उत्तम ने बताया कि उसके नाना अनपढ़ है और उन्हें दिखाई भी कम पड़ता है और सुनाई भी। भासू के कोई बेटा नहीं है, इसलिए वह दूसरों पर आश्रित हैं। इसी का थाना फरधान के गांव कोढैय्या टीकर के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने फायदा उठाया। वह चार अप्रैल को सीतापुर के एक व्यक्ति को लेकर घर आया और जमीन का सौदा सात लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से 54 लाख रुपये में तय कराया। नाना को 20 हजार रुपये बतौर पेशगी दी। इसके बाद तहसील में इकरारनाम के लिए तहसील में बुलाया। वहां 50 हजार का चेक देते हुए नाती को बैंक भेज दिया। उसके पीछे वृद्ध भूसा से बैनामा के कागजों पर अंगूठे लगवा लिए। चलने-फिरने में असमर्थ भासू अब नाती के साथ न्याय पाने के लिए भटक रहा है, लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं है।
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ग्राम लालपुर मजरा बेरिहातारनपुर के रहने वाले 82 वर्षीय भासू शनिवार को अपने नाती उत्तम कुमार के साथ सदर कोतवाली पहुंचे। उत्तम ने बताया कि उसके नाना अनपढ़ है और उन्हें दिखाई भी कम पड़ता है और सुनाई भी। भासू के कोई बेटा नहीं है, इसलिए वह दूसरों पर आश्रित हैं। इसी का थाना फरधान के गांव कोढैय्या टीकर के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने फायदा उठाया। वह चार अप्रैल को सीतापुर के एक व्यक्ति को लेकर घर आया और जमीन का सौदा सात लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से 54 लाख रुपये में तय कराया। नाना को 20 हजार रुपये बतौर पेशगी दी। इसके बाद तहसील में इकरारनाम के लिए तहसील में बुलाया। वहां 50 हजार का चेक देते हुए नाती को बैंक भेज दिया। उसके पीछे वृद्ध भूसा से बैनामा के कागजों पर अंगूठे लगवा लिए। चलने-फिरने में असमर्थ भासू अब नाती के साथ न्याय पाने के लिए भटक रहा है, लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं है।
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