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परिवार मिला तो एडीजी ने सीओ सिटी को सौंपी जांच
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बरेली। शहर के एक निजी अस्पताल में बच्चा बदलकर बच्ची देने का आरोप लगाने वाले परिवार ने बृहस्पतिवार को एडीजी, डीएम आर सीएमओ से शिकायत की। एडीजी ने मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी है।
रामपुर में थाना कैमरी के गांव राज डंडिया निवासी राजेंद्र ने गुरुवार दोपहर एडीजी को बताया कि उनकी पत्नी ममता ने डंडिया के ही निजी अस्पताल में 6 मई को बेटे को जन्म दिया था। सात माह गर्भ का बच्चा पैदा होने से कमजोर था, इसलिए उन्होंने बरेली में प्रेमनगर के अस्पताल में उसे भर्ती करा दिया। बेटे को जन्म देने वाले अस्पताल के रिकार्ड से लेकर यहां तक उसे मेल (पुरुष) दिखाकर इन्क्यूवेटर में भर्ती किया गया। मगर 28 मई को जब उन्होंने भुगतान करके बच्चा मांगा तो बच्ची थमाई गई। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि उन्होंने बेटी ही भर्ती कराई थी। उन्हें उनका बेटा दिलाया जाए। एडीजी ने इस मामले में सीओ सिटी को जांच सौंपी है। परिवार का कहना है कि वे अपना बच्चा ही लेंगे।
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रामपुर में थाना कैमरी के गांव राज डंडिया निवासी राजेंद्र ने गुरुवार दोपहर एडीजी को बताया कि उनकी पत्नी ममता ने डंडिया के ही निजी अस्पताल में 6 मई को बेटे को जन्म दिया था। सात माह गर्भ का बच्चा पैदा होने से कमजोर था, इसलिए उन्होंने बरेली में प्रेमनगर के अस्पताल में उसे भर्ती करा दिया। बेटे को जन्म देने वाले अस्पताल के रिकार्ड से लेकर यहां तक उसे मेल (पुरुष) दिखाकर इन्क्यूवेटर में भर्ती किया गया। मगर 28 मई को जब उन्होंने भुगतान करके बच्चा मांगा तो बच्ची थमाई गई। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि उन्होंने बेटी ही भर्ती कराई थी। उन्हें उनका बेटा दिलाया जाए। एडीजी ने इस मामले में सीओ सिटी को जांच सौंपी है। परिवार का कहना है कि वे अपना बच्चा ही लेंगे।
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