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बरेली: बोगस फर्म बनाकर 2.41 करोड़ की जीएसटी चोरी, पीलीभीत का आरोपी मुताहिर अली गिरफ्तार

Thu, 03 Sep 2026 01:04 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 03 Sep 2026 01:04 AM IST
सार

एसआईटी ने पीलीभीत के जहानाबाद निवासी मुताहिर अली को गिरफ्तार किया है। उस पर बोगम फर्म बनाकर जीएसटी चोरी का आरोप है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। 

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Accused arrested in GST evasion case involving a bogus firm in Bareilly
आरोपी मुताहिर अली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में बोगस फर्म बनाकर 2.41 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पीलीभीत के जहानाबाद निवासी मुताहिर अली को मंगलवार को अभयपुर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेजा है। शातिर ने अपने भाइयों के नाम से भी फर्म खुलवाई थी।

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भोजीपुरा थाना क्षेत्र में बोगस फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने के मामले में राज्य कर विभाग खंड पांच की ओर से कुछ दिन पहले रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जीएसटी मामलों में कार्रवाई के लिए बनाई गई पुलिस की एसआईटी के प्रभारी संजय धीर ने बताया कि इसमें विजन ट्रेडर्स नाम की फर्म ने फर्जी जीएसटी अभिलेख तैयार किए थे।
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आरोपी माल की आपूर्ति किए बिना ही फर्जी चालान बनाकर आरोपी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास ऑन कराते थे। जीएसटी विभाग की जांच में फर्म अस्तित्वहीन पाई गई। जांच में 2,41,32,710 रुपये का फर्जी आईटीसी हस्तांतरण के सबूत मिले थे।

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मेवों व मसालों का कारोबार दिखाते थे आरोपी
एसआईटी प्रभारी के मुताबिक, मुताहिर से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। मुताहिर ने टीम को बताया कि वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात मुरादाबाद के कटघर निवासी मुबारक खां उर्फ उमेर से हुई थी। मुबारक ने अपने भाई उजैर से मुलाकात कराई। 

मुबारक, उजैर और अख्तर रसूल ने मसालों और मेवों का कारोबार करने के लिए फर्म बनाने के लिए कहा। मुताहिर ने अपने भाई मुशफिक अली और मुशाहिद अली के दस्तावेज इन लोगों को दे दिए। उजैर, अख्तर और उमेर ने मुशफिक के नाम विजन ट्रेडर्स और मुशाहिद के नाम मिनहा इंटरप्राइजेज नाम से फर्म पंजीकृत करा ली।

मुताहिर ने खुद को बताया मोहरा
एसआईटी की पूछताछ में मुताहिर अली ने खुद को बड़े लोगों का मोहरा बताया। बताया कि दोनों फर्मों का संचालन भी उजैर, अख्तर और उमेर ने अपने हाथ में रख लिया था। जरूरत पड़ने पर वह मुताहिर से ओटीपी मांग लेते थे। वर्ष 2023 में मुशफिक के पास जीएसटी का नोटिस आया था। 

शिकायत करने पर तीनों ने इसे निपटाने की बात कही थी। मुताहिर ने बताया कि फर्म के खातों से कैसे धोखाधड़ी की गई, इसकी जानकारी उमेर, उजैर और अख्तर को है। फर्म के खातों में जो रुपये आते थे, उसमें से कमीशन काटकर बांट लिया जाता था।

एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि जीएसटी अधिकारियों ने 23 फरवरी को भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसआईटी ने मुताहिर अली को अब गिरफ्तार किया है। उसने अन्य सहयोगियों की मदद से दो करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी और रकम के बंटवारे की बात कबूल कर ली है। 
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