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कैंट के बंगला नंबर 46 के बाग में गोवंशीय पशु काटा
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बरेली। पशु तस्करों की हिमाकत बढ़ती ही जा रही है। अब उन्होंने सघन सुरक्षा वाले क्षेत्र कैंट के बंगला नंबर 46 के बाहरी हिस्से में गोवंशीय पशु काटा और मांस भर ले गए। रविवार सुबह अवशेष देख मौके पर काफी भीड़ लग गई। सभासद भी पहुंच गए। हंगामे की नौबत से पहले पुलिस ने अवशेष उठवा लिए और अज्ञात तस्करों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली।
रविवार सुबह नौ बजे करीब वीरांगना चौक के पास बदायूं रोड से गुजरते लोगों ने सड़क किनारे बाग में गोवंशीय पशु का सिर व पैर पड़ा देखा तो भीड़ लग गई। आसपास रहने वाले लोग आ गए। सर्वेंट क्वार्टर से निकलकर आए इलेक्ट्रीशियन रामसिंह ने बताया कि यह बाग बंगला नंबर 46 का हिस्सा है जो एमएस बांगा की निजी संपत्ति है। बाउंड्री न होने से रात में तस्करों ने यहां लाकर पशु काटा होगा। बताया कि रात 12 बजे वे हल्द्वानी से आए थे, तब तक यहां कुछ नहीं था। ये घटना रात बारह बजे के बाद हुई होगी। मौके पर पशु की आंतें व मल भी पड़ा था। इसी बीच भाजपा सभासद मदन सिंह विष्ट, कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष शिखा नायर के पति अनिल नायर समेत कई भाजपाई आ गए। भीड़भाड़ से हंगामे की स्थिति बनी। तभी कैंट इंस्पेक्टर अशोक पाल पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पशु अवशेष एकत्र कराकर सील करा दिए। बाद में अनिल नायर की तहरीर पर कुछ अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट करा दी गई।
तस्करों ने बंगला नंबर 29 में भी काटे थे पशु
पिछले दिनों कैंट के बंगला नंबर 29 के खेत में तस्करों ने पशुओं को काटा था। पीड़ित ने डर की वजह से रिपोर्ट तक नहीं कराई। अमर उजाला में खबर छपने के बाद रिपोर्ट हुई भी तो दरोगा पीड़ित से ही सबूत मांग रहे हैं। कैंट के यादव मोहल्ले में डेयरी चलाने वाले कालू यादव के पशु दस दिन पहले चरने गए थे। शाम को दो भैंस और एक गाय नहीं लौटी। बाद में पता लगा कि तीनों पशुओं को तस्करों ने बंगला नंबर 29 के खेत में काट डाला है। कालू को वहां पशुओं के अवशेष भी मिल गए। अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा तो इंस्पेक्टर अशोक पाल ने कालू को चीता पुलिस भेजकर बुलवाया और तहरीर के आधार पर नामजद रिपोर्ट लिख ली। पीड़ित के मुताबिक अब दरोगा विक्रांत उससे घटनास्थल व पशु अवशेष के फोटो मांग रहे हैं जो उनके पास नहीं हैं। वे कह रहे हैं कि साक्ष्य न मिले तो केस खारिज हो जाएगा। मामले में फिर इंस्पेक्टर से शिकायत की गई है।
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गांवों में सख्ती के बाद बंगलों के जंगल तस्करों की पसंद
कैंट पुलिस ने पशु तस्करी के लिए चर्चित ठिरिया निजावत खां गांव में पिछले दिनों में कई बार दबिश दी है। पुलिस ने कुछ तस्कर पकड़े तो कुछ फरार हो गए। इसके बाद ठिरिया में पशु कटान काफी हद तक बंद हो गया है। इसके विकल्प के तौर पर तस्कर बंगलों के बाहरी जंगलनुमा हिस्सों का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस और सेना की संयुक्त सुरक्षा वाले इन इलाकों में कोई शक भी नहीं करता और नशे की हालत में लाए पशु को काटकर तस्कर आराम से मांस भर ले जाते हैं। हालांकि सवाल उठता है कि रात में इन रास्तों से संदिग्ध वाहनों और लोगों की आवाजाही पर तलाशी या टोकाटाकी क्यों नहीं होती।
बंगला नंबर 46 के बाग में गोवंशीय पशु काटा गया है। अवशेष कब्जे में लेकर रिपोर्ट कराई गई है। जल्दी ही पशु तस्करों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्षेत्र में लगातार एक जैसी दूसरी घटना है, आरोपी बच नहीं पाएंगे। - अशोक पाल, इंस्पेक्टर कैंट
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रविवार सुबह नौ बजे करीब वीरांगना चौक के पास बदायूं रोड से गुजरते लोगों ने सड़क किनारे बाग में गोवंशीय पशु का सिर व पैर पड़ा देखा तो भीड़ लग गई। आसपास रहने वाले लोग आ गए। सर्वेंट क्वार्टर से निकलकर आए इलेक्ट्रीशियन रामसिंह ने बताया कि यह बाग बंगला नंबर 46 का हिस्सा है जो एमएस बांगा की निजी संपत्ति है। बाउंड्री न होने से रात में तस्करों ने यहां लाकर पशु काटा होगा। बताया कि रात 12 बजे वे हल्द्वानी से आए थे, तब तक यहां कुछ नहीं था। ये घटना रात बारह बजे के बाद हुई होगी। मौके पर पशु की आंतें व मल भी पड़ा था। इसी बीच भाजपा सभासद मदन सिंह विष्ट, कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष शिखा नायर के पति अनिल नायर समेत कई भाजपाई आ गए। भीड़भाड़ से हंगामे की स्थिति बनी। तभी कैंट इंस्पेक्टर अशोक पाल पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पशु अवशेष एकत्र कराकर सील करा दिए। बाद में अनिल नायर की तहरीर पर कुछ अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट करा दी गई।
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तस्करों ने बंगला नंबर 29 में भी काटे थे पशु
पिछले दिनों कैंट के बंगला नंबर 29 के खेत में तस्करों ने पशुओं को काटा था। पीड़ित ने डर की वजह से रिपोर्ट तक नहीं कराई। अमर उजाला में खबर छपने के बाद रिपोर्ट हुई भी तो दरोगा पीड़ित से ही सबूत मांग रहे हैं। कैंट के यादव मोहल्ले में डेयरी चलाने वाले कालू यादव के पशु दस दिन पहले चरने गए थे। शाम को दो भैंस और एक गाय नहीं लौटी। बाद में पता लगा कि तीनों पशुओं को तस्करों ने बंगला नंबर 29 के खेत में काट डाला है। कालू को वहां पशुओं के अवशेष भी मिल गए। अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा तो इंस्पेक्टर अशोक पाल ने कालू को चीता पुलिस भेजकर बुलवाया और तहरीर के आधार पर नामजद रिपोर्ट लिख ली। पीड़ित के मुताबिक अब दरोगा विक्रांत उससे घटनास्थल व पशु अवशेष के फोटो मांग रहे हैं जो उनके पास नहीं हैं। वे कह रहे हैं कि साक्ष्य न मिले तो केस खारिज हो जाएगा। मामले में फिर इंस्पेक्टर से शिकायत की गई है।
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गांवों में सख्ती के बाद बंगलों के जंगल तस्करों की पसंद
कैंट पुलिस ने पशु तस्करी के लिए चर्चित ठिरिया निजावत खां गांव में पिछले दिनों में कई बार दबिश दी है। पुलिस ने कुछ तस्कर पकड़े तो कुछ फरार हो गए। इसके बाद ठिरिया में पशु कटान काफी हद तक बंद हो गया है। इसके विकल्प के तौर पर तस्कर बंगलों के बाहरी जंगलनुमा हिस्सों का उपयोग कर रहे हैं। पुलिस और सेना की संयुक्त सुरक्षा वाले इन इलाकों में कोई शक भी नहीं करता और नशे की हालत में लाए पशु को काटकर तस्कर आराम से मांस भर ले जाते हैं। हालांकि सवाल उठता है कि रात में इन रास्तों से संदिग्ध वाहनों और लोगों की आवाजाही पर तलाशी या टोकाटाकी क्यों नहीं होती।
बंगला नंबर 46 के बाग में गोवंशीय पशु काटा गया है। अवशेष कब्जे में लेकर रिपोर्ट कराई गई है। जल्दी ही पशु तस्करों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्षेत्र में लगातार एक जैसी दूसरी घटना है, आरोपी बच नहीं पाएंगे। - अशोक पाल, इंस्पेक्टर कैंट