फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   करोड़पति बनने का ख्वाब देखा था, कंगाल हो गए

करोड़पति बनने का ख्वाब देखा था, कंगाल हो गए

Sun, 26 May 2019 01:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 01:30 AM IST
विज्ञापन
करोड़पति बनने का ख्वाब देखा था, कंगाल हो गए
बरेली। चिटफंड कंपनी ने सपना दिखाया था करोड़पति बनाने का लेकिन कई लोग इसमें पैसा लगाकर कंगाल हो गए। इस हेल्थकेयर कंपनी ने अपना नेटवर्क आठ महीनों में ही यूपी के साथ दूसरे राज्यों तक फैला लिया था। 25 करोड़ से ज्यादा रकम का निवेश कराने के बाद अचानक ऑफिस में ताला डालकर सीएमडी-एमडी समेत पूरा स्टाफ फरार हो गया। लोगों को कंपनी का हेड ऑफिस दिल्ली में बताया गया था, लेकिन अब निवेशकों ने पता किया तो दिल्ली में उनका कोई ठिकाना नहीं मिला। कई दिनों से निवेशकों के भटकने के बाद भी पुलिस रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन

कंपनी का दफ्तर 23 अक्तूबर 2018 को इज्जतनगर इलाके में एक प्राइवेट अस्पताल के ऊपर खोला गया था। पैसा निवेश कराने की प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगों को बतौर किस्त कुछ रुपये लौटाए गए। मगर बाद में कंपनी का साफ्टवेयर खराब होने का बहाना बनाकर यह सिलसिला बंद कर दिया गया। आरोप है कि सीएमडी एक्सीडेंट होने की बात कहकर कई दिन तक दफ्तर में नहीं बैठे। निवेशकों ने अपनी रकम लौटाने को ज्यादा दबाव बनाया तो एक मई से ऑफिस में ताला डाल दिया गया। पीड़ित लोग सीएमडी के घर गए तो परिवार वालों ने उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की बात कहकर टाल दिया। इससे पहले वही लोग कंपनी के दफ्तर में आते जाते थे। पीड़ित लोगों ने शुक्रवार शाम इज्जतनगर थाने में तहरीर दी। शनिवार को एसएसपी कार्यालय में भी शिकायत की गई।
विज्ञापन


यह थी स्कीम
कंपनी की स्कीम के मुताबिक निवेशकों से एक बार में सात हजार रुपये जमा कराकर एक हजार का सामान (हल्दी, मिर्च, सर्फ, बादाम, किशमिश आदि) देते थे। दो लोगों को जोड़ने पर दो साल तक 21 सौ रुपये प्रति माह देने को कहा गया था। इसी तरह एक बार में तीन लाख रुपये जमा करने पर 25 हजार रुपये प्रतिमाह देने को कहा गया था। इस तरह लोगों को जल्द करोड़पति बनने का सपना दिखाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी हुए ठगी का शिकार
भोजीपुरा निवासी हेमंत ने प्रोवेल हेल्थकेयर कंपनी में दो लाख रुपये निवेश किए थे। डेलापीर के मुकेश ने 2.5 लाख रुपये, अनुराग 4.5 लाख, अनुज 5.5 लाख, हरीश दो लाख, उसावां बदायूं के त्रिभुवन ने 6 लाख रुपये, पंजाब के मलोद निवासी सुरेश 9 लाख रुपये निवेश किए थे। इनके अलावा प्रोवल हेल्थकेयर कंपनी में सैकड़ों लोगों ने रुपये निवेश किए थे।

अभी हमारे पास कोई तहरीर नहीं आई है। अगर ऐसा कोई मामला है तो जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - पंकज त्यागी, प्रभारी निरीक्षक इज्जतनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed