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मुफ्त में कोल्डड्रिंक मांगने का मामला- सेटिंग में जुटा दरोगा, एसपी का फोन उठाया न इंस्पेक्टर का
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सीबीगंज। मुफ्त की कोल्डड्रिंक के चक्कर में फंसे दरोगा को कोकाकोला फैक्ट्री के लिफ्टर का ई चालान करना पुलिस के गले की फांस बन गया है। सीबीगंज पुलिस कार्रवाई के तरीके को लेकर परेशान है। वहीं दरोगा प्रभावशाली लोगों से संपर्क कर अफसरों की कृपा पाने की जुगत में है।
फैक्ट्री प्रबंधन ने सोमवार शाम थाने में की गई शिकायत में आरोप लगाया कि थाने के दरोगा ने फैक्ट्री से कोल्डड्रिंक भरकर गोदाम में उतारने जा रहे ट्रक को रोक लिया। ड्राइवर से कोल्डड्रिंक मांगीं। उसने विरोध किया तो दरोगा ने ट्रक को छोड़ दिया और फिरकंपनी के लिफ्टर का ई-चालान कर दिया। प्रबंधन ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो सीओ ने जांच कराने को कहा। प्रबंधन की शिकायत पर इंस्पेक्टर राजकुमार भारद्वाज ने दरोगा को फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। बाद में एसपी सिटी ने स्वयं दरोगा का नंबर मिलाया मगर तब भी कॉल नहीं रिसीव हुई। दरोगा मंगलवार को दिन भर थाने में भी नहीं दिखे। चर्चा रही कि वह कार्रवाई से बचने के लिए जुगाड़ में लगे हैं। मामला निपटाने के लिए पीलीभीत बाईपास के एक होटल में कुछ लोगों की दावत भी की गई। इधर, पुलिस परेशान हैं कि थाने में खड़े लिफ्टर का क्या किया जाए। बैटरी चलित होने और रजिस्ट्रेशन न होने के कारण उसका चालान नहीं किया सकता। हालांकि इंस्पेक्टर का कहना है कि लिफ्टर को सड़क पर नहीं चलाना चाहिए था इसलिए ही ई चालान कर थाने में खड़ा किया है। वहीं, मुंशी परेशान है कि लिखित चालान की कार्रवाई किस धारा के तहत की जाए। ढाबे पर मारपीट कर पैसे न देने वाले चीता सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई भी जांच के नाम पर अटक गई है। वहीं, फैक्टरी प्रबंधन के लोग मंगलवार को डीएम, एसएसपी से मिलने पहुंचे लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
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फैक्ट्री प्रबंधन ने सोमवार शाम थाने में की गई शिकायत में आरोप लगाया कि थाने के दरोगा ने फैक्ट्री से कोल्डड्रिंक भरकर गोदाम में उतारने जा रहे ट्रक को रोक लिया। ड्राइवर से कोल्डड्रिंक मांगीं। उसने विरोध किया तो दरोगा ने ट्रक को छोड़ दिया और फिरकंपनी के लिफ्टर का ई-चालान कर दिया। प्रबंधन ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो सीओ ने जांच कराने को कहा। प्रबंधन की शिकायत पर इंस्पेक्टर राजकुमार भारद्वाज ने दरोगा को फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। बाद में एसपी सिटी ने स्वयं दरोगा का नंबर मिलाया मगर तब भी कॉल नहीं रिसीव हुई। दरोगा मंगलवार को दिन भर थाने में भी नहीं दिखे। चर्चा रही कि वह कार्रवाई से बचने के लिए जुगाड़ में लगे हैं। मामला निपटाने के लिए पीलीभीत बाईपास के एक होटल में कुछ लोगों की दावत भी की गई। इधर, पुलिस परेशान हैं कि थाने में खड़े लिफ्टर का क्या किया जाए। बैटरी चलित होने और रजिस्ट्रेशन न होने के कारण उसका चालान नहीं किया सकता। हालांकि इंस्पेक्टर का कहना है कि लिफ्टर को सड़क पर नहीं चलाना चाहिए था इसलिए ही ई चालान कर थाने में खड़ा किया है। वहीं, मुंशी परेशान है कि लिखित चालान की कार्रवाई किस धारा के तहत की जाए। ढाबे पर मारपीट कर पैसे न देने वाले चीता सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई भी जांच के नाम पर अटक गई है। वहीं, फैक्टरी प्रबंधन के लोग मंगलवार को डीएम, एसएसपी से मिलने पहुंचे लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
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