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‘मां हादसे में नहीं मरी, उनकी हत्या हुई’
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:02 AM IST
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‘मां हादसे में नहीं मरी, उनकी हत्या हुई’
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
उर्मिला के पति रूपलाल की बीमारी से पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उसकी इकलौती बेटी गीता की शादी हो चुकी है। मां की मौत की खबर सुनकर वह घटनास्थल पर पहुंची। मां के शव से चिपक कर बिलखती बेटी को देखकर ग्रामीणों की आंखों में भी आंसू आ गए। गांव की महिलाओं ने गीता को ढांढस बंधाया, लेकिन वह विलाप करती रही। रोते हुए वह बेसुध हो जाती। होश में आते ही वह फिर चिल्ला उठती और कहती कि मेरी मां हादसे में नहीं मरी। बाड़ में करंट दौड़ाने वाले ने मां की हत्या कर दी। मां के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए।
हरियाणा के करनाल निवासी सत्येंद्र सिंह और उदयवीर सिंह ने सीबीगंज के गांव दौली मुरावपुरा में जमीन खरीद कर कृषि फ ार्म बना रखा है। उदयवीर के फार्म पर निरंजन चौकीदारी करता है, जबकि सत्येंद्र के खेत पर फोरमैन उर्फ चंदर रहता है। उदयवीर के खेत में गन्ना और सत्येंद्र के खेत में पॉपुलर के पेड़ लगे हैं। आरोप है कि दोनों के खेत में लोहे के तारों की बाड़ लगी है। उदयवीर का नौकर निरंजन दोनों खेत की बाड़ में करंट छोड़ता था। बाकी किसान दिन के वक्त करंट नहीं छोड़ते, लेकिन निरंजन पर ग्रामीणों का आरोप है कि वह दिन में भी करंट छोड़ देता था।
पहले भी होते रहे हैं हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि जंगल जाने के लिए दोनों फार्म के बीच से आम रास्ता है। निरंजन इस रास्ते को खोद दिया करता था, जिसमें बारिश का पानी भर जाता था। मजबूर लोगों को खेतों की मेड़ से होकर जाना पड़ता था। इस बाड़ से पहले भी कई सुअर और गाय मर चुकी हैं। अगर लोग विरोध करते थे तो चौकीदार मारपीट पर उतारू हो जाता था। इस बाड़ में एक लड़की को भी करंट लग चुका है, हालांकि लोगों ने उसे बचा लिया था।
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उर्मिला के पति रूपलाल की बीमारी से पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उसकी इकलौती बेटी गीता की शादी हो चुकी है। मां की मौत की खबर सुनकर वह घटनास्थल पर पहुंची। मां के शव से चिपक कर बिलखती बेटी को देखकर ग्रामीणों की आंखों में भी आंसू आ गए। गांव की महिलाओं ने गीता को ढांढस बंधाया, लेकिन वह विलाप करती रही। रोते हुए वह बेसुध हो जाती। होश में आते ही वह फिर चिल्ला उठती और कहती कि मेरी मां हादसे में नहीं मरी। बाड़ में करंट दौड़ाने वाले ने मां की हत्या कर दी। मां के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए।
हरियाणा के करनाल निवासी सत्येंद्र सिंह और उदयवीर सिंह ने सीबीगंज के गांव दौली मुरावपुरा में जमीन खरीद कर कृषि फ ार्म बना रखा है। उदयवीर के फार्म पर निरंजन चौकीदारी करता है, जबकि सत्येंद्र के खेत पर फोरमैन उर्फ चंदर रहता है। उदयवीर के खेत में गन्ना और सत्येंद्र के खेत में पॉपुलर के पेड़ लगे हैं। आरोप है कि दोनों के खेत में लोहे के तारों की बाड़ लगी है। उदयवीर का नौकर निरंजन दोनों खेत की बाड़ में करंट छोड़ता था। बाकी किसान दिन के वक्त करंट नहीं छोड़ते, लेकिन निरंजन पर ग्रामीणों का आरोप है कि वह दिन में भी करंट छोड़ देता था।
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पहले भी होते रहे हैं हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि जंगल जाने के लिए दोनों फार्म के बीच से आम रास्ता है। निरंजन इस रास्ते को खोद दिया करता था, जिसमें बारिश का पानी भर जाता था। मजबूर लोगों को खेतों की मेड़ से होकर जाना पड़ता था। इस बाड़ से पहले भी कई सुअर और गाय मर चुकी हैं। अगर लोग विरोध करते थे तो चौकीदार मारपीट पर उतारू हो जाता था। इस बाड़ में एक लड़की को भी करंट लग चुका है, हालांकि लोगों ने उसे बचा लिया था।
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