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कांवड़िये की मौत पर पुलिस ने किया खेल तो हो गया बवाल

Thu, 23 Aug 2018 12:45 AM IST
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:45 AM IST
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कांवड़िये की मौत पर पुलिस ने किया खेल तो हो गया बवाल
सड़क हादसे में कांवड़ियों के घायल होने के मामले में बिहारीपुर चौकी इंचार्ज ने खेल कर दिया। कार ड्राइवर पर ‘दबाव’ बनाने के लिए एफआईआर में जानलेवा हमले की धारा बढ़ा दी। कोर्ट ने पुलिस का यह खेल पकड़ा तो जमकर फटकार लगाई। इसके बाद कोतवाली से ही ड्राइवर को जमानत दे दी गई। बुधवार को एक कांवड़िये की मौत के बाद परिजनों ने चौकी इंचार्ज पर घूस लेकर कार ड्राइवर को थाने से छोड़ने का आरोप लगाते हुए मिशन अस्पताल में दो घंटे तक हंगामा किया। बरेली-दिल्ली हाईवे पर जाम लगाने की भी कोशिश की। अफसरों ने परिजनों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया तो वे शांत हुए।
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इज्जतनगर के संतनगर से शनिवार रात कांवड़ियों का जत्था जल लेने कछला रवाना हुआ था। जत्थे में एक बाइक पर संतनगर के रोहित वाल्मीकि, सूरज और शिवम थे। रात करीब 10.30 बजे चौपुला पुल पर उनकी बाइक एक कार से भिड़ गई। हादसे में तीनों घायल हो गए। पुलिस ने कार ड्राइवर को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे मिशन अस्पताल में 28 वर्षीय रोहित की मौत हो गई। इसी बीच घरवालों को जब यह पता चला कि पुलिस ने कार ड्राइवर सुभाषनगर निवासी परमेश्वर लाल को थाने से ही जमानत दे दी है तो हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसपी सिटी अभिनंदन सिंह, एडीएम सिटी ओपी वर्मा, सीओ कुलदीप कुमार समेत कई थानों का फोर्स अस्पताल पहुंच गया। लोग विवेचक एवं बिहारीपुर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह राणा पर सेंटिंग कर थाने से ही जमानत देने का आरोप लगाते हुए सस्पेंड करने की मांग करने लगे। अफसरों के समझाने के बावजूद कांवड़ियों के घरवाले शांत नहीं हुए और बरेली-दिल्ली हाईवे पर जाम लगाने दौड़ पड़े। यह देख अफसरों ने मिशन अस्पताल का गेट बंद करा दिया। आश्वासन दिया कि चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई होगी और रोहित के घरवालों को मुआवजा भी दिलाया जाएगा, तब वे शांत हुए।
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दरअसल, घटना की रिपोर्ट पहले एक्सीडेंट की धाराओं में ही दर्ज की गई, लेकिन बाद में विवेचक ने घायलों के बयान को आधार बनाकर इसमें जानलेवा हमले की धारा 307 बढ़ा दी। माना जा रहा है कि यह खेल कार ड्राइवर पर दबाव बनाने के लिए किया गया। धारा 307 लगाने का कोई औचित्य न होने की वजह से ही पुलिस जब कार ड्राइवर परमेश्वर लाल को कोर्ट लेकर पहुंची तो कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाकर उसे लौटा दिया। कोर्ट में खेल पकड़े जाने के बाद ही रविवार शाम कार ड्राइवर को कोतवाली से ही जमानत दे दी गई।
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एक्सीडेंट के मामले में जानलेवा हमले की धारा नहीं लगाई जा सकती। ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी। अगर विवेचक की गड़बड़ी सामने आई तो कार्रवाई होगी। - मुनिराज जी., एसएसपी
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