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सुभाषनगर से ही क्यों गुम हो रहे बच्चे, बहन की शादी से चार दिन पहले भाई लापता
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बरेली। सुभाषनगर में करगैना बीडीए कॉलोनी निवासी एक छात्र अपनी बहन की शादी से चार दिन पहले अचानक लापता हो गया। परिवार में खुशी के माहौल की जगह कोहराम मचा है। सुभाषनगर पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है।
करगैना के विनय बहादुर सिंह ड्राइवर हैं। उनके बेटे प्रदीप ने इंटर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह पॉलीटेक्निक परीक्षा की तैयारी करने लगा। प्रदीप की बहन पूजा की बरात सात मार्च को आनी है। इसके लिए परिवार तैयारियों में जुटा है। प्रदीप के बड़े भाई अवधेश ने बताया कि रविवार रात आठ बजे प्रदीप घर से निकल गया। आधा घंटे बाद मौसेरी बहन ने उसे कॉल की तो उसने बताया कि बीस मिनट में आ रहा हूं। तब से उसका पता नहीं चल पा रहा है। मोबाइल भी बंद है। वे लोग समझ नहीं पा रहे कि ऐसे नाजुक वक्त में अचानक प्रदीप कहां चला गया। किसी से कोई नाराजगी या दुश्मनी नहीं है।
लेखपाल के बेटे का सुराग नहीं
मढ़ीनाथ निवासी लेखपाल प्रवीन मिश्रा का पुत्र 12 फरवरी से लापता है। वह आर्मी पब्लिक स्कूल में 11 वीं कक्षा का छात्र था। घर से स्कूल जाने को कहकर निकला और लौटा नहीं। पुलिस ने सर्विलांस पर उसका मोबाइल लगाया तो लास्ट लोकेशन चंडीगढ़ मिली। पुलिस और परिजन वहां तलाश कर आए पर वो नहीं मिला। प्रवीन मिश्रा काफी निराश हैं। कहते हैं कि पुलिस बेटे की तलाश को कुछ भी नहीं कर रही।
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सचिन के परिजन भूख हड़ताल पर
सुभाषनगर से ही 31 जनवरी को लापता पांच साल के सचिन का आज तक पता नहीं लगा है। उसके पिता खुसरो सेना के नेता डोरीलाल कश्यप और मां पूनम दोनों सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में हैं। उनका स्वास्थ्य भी लगातार गिर रहा है। सोमवार को भी कुछ समर्थकों के संग ये लोग बैठे रहे। डोरीलाल का आरोप था कि न तो पुलिस बेटा खोज रही है और न ही धरनास्थल पर कोई सुरक्षा बंदोबस्त है। डॉक्टर भी देखने नहीं आ रहे।
‘सुभाषनगर क्षेत्र से ही बच्चों का लापता होना वाकई चौंकाने वाली बात है। हालांकि कुछ बड़े बच्चे खुद नाराज होकर जाते हैं और वापस आ जाते हैं। सचिन काफी छोटा है, पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। सभी मामलों की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश की जा रही है।’
- सीमा यादव, सीओ सेकेंड
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करगैना के विनय बहादुर सिंह ड्राइवर हैं। उनके बेटे प्रदीप ने इंटर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह पॉलीटेक्निक परीक्षा की तैयारी करने लगा। प्रदीप की बहन पूजा की बरात सात मार्च को आनी है। इसके लिए परिवार तैयारियों में जुटा है। प्रदीप के बड़े भाई अवधेश ने बताया कि रविवार रात आठ बजे प्रदीप घर से निकल गया। आधा घंटे बाद मौसेरी बहन ने उसे कॉल की तो उसने बताया कि बीस मिनट में आ रहा हूं। तब से उसका पता नहीं चल पा रहा है। मोबाइल भी बंद है। वे लोग समझ नहीं पा रहे कि ऐसे नाजुक वक्त में अचानक प्रदीप कहां चला गया। किसी से कोई नाराजगी या दुश्मनी नहीं है।
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लेखपाल के बेटे का सुराग नहीं
मढ़ीनाथ निवासी लेखपाल प्रवीन मिश्रा का पुत्र 12 फरवरी से लापता है। वह आर्मी पब्लिक स्कूल में 11 वीं कक्षा का छात्र था। घर से स्कूल जाने को कहकर निकला और लौटा नहीं। पुलिस ने सर्विलांस पर उसका मोबाइल लगाया तो लास्ट लोकेशन चंडीगढ़ मिली। पुलिस और परिजन वहां तलाश कर आए पर वो नहीं मिला। प्रवीन मिश्रा काफी निराश हैं। कहते हैं कि पुलिस बेटे की तलाश को कुछ भी नहीं कर रही।
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सचिन के परिजन भूख हड़ताल पर
सुभाषनगर से ही 31 जनवरी को लापता पांच साल के सचिन का आज तक पता नहीं लगा है। उसके पिता खुसरो सेना के नेता डोरीलाल कश्यप और मां पूनम दोनों सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में हैं। उनका स्वास्थ्य भी लगातार गिर रहा है। सोमवार को भी कुछ समर्थकों के संग ये लोग बैठे रहे। डोरीलाल का आरोप था कि न तो पुलिस बेटा खोज रही है और न ही धरनास्थल पर कोई सुरक्षा बंदोबस्त है। डॉक्टर भी देखने नहीं आ रहे।
‘सुभाषनगर क्षेत्र से ही बच्चों का लापता होना वाकई चौंकाने वाली बात है। हालांकि कुछ बड़े बच्चे खुद नाराज होकर जाते हैं और वापस आ जाते हैं। सचिन काफी छोटा है, पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। सभी मामलों की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश की जा रही है।’
- सीमा यादव, सीओ सेकेंड