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इंटेलिजेंस की छानबीन के बाद जाली यूरो के सौदागर भेजे गए जेल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:50 PM IST
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यूरोपीय संघ की जाली करेंसी के जरिये ठगी करने वाले पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड के जालसाजों से बंद कमरे में इंटेलिजेंस ने पूछताछ की। बतौर साक्ष्य वीडियोग्राफी करके जाली विदेशी करेंसी के सोर्स तक पहुंचने की कोशिश हुई। प्रेमनगर पुलिस ने पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड पुलिस से जालसाजों की जानकारी साझा करके उनकी क्राइम हिस्ट्री मांगी है। इंटेलिजेंस की छानबीन के बाद सभी आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
प्रेमनगर पुलिस ने जाली यूरो के जरिये ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को लल्ला मार्केट के पास से गिरफ्तार किया था। उनके पास से यूरो का जाली नोट बरामद हुआ। इसे कथित रूप से एक लाख मिलियन यूरो का बताकर ठगी की जा रही थी।
पश्चिम बंगाल के जिला कूचविहार के गांव बाड़ा मढ़िया निवासी हजरत अली खान, उत्तराखंड के बिरिया मझोला में रहने वाला दिनेश चंद्र और रुद्रपुर के रितेश गंगवार तथा जगदीश सिंह को पकड़ा गया। इंटेलिजेंस की पूछताछ में जालसाजों ने कई अहम बात खोली हैं। थाने में उन्होंने बताया कि वह नोट दिखाने के लिए बरेली आए, लेकिन किसी गौस नाम के व्यक्ति से मिलने से पहले ही पकड़ गए।
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प्रेमनगर पुलिस ने जाली यूरो के जरिये ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को लल्ला मार्केट के पास से गिरफ्तार किया था। उनके पास से यूरो का जाली नोट बरामद हुआ। इसे कथित रूप से एक लाख मिलियन यूरो का बताकर ठगी की जा रही थी।
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पश्चिम बंगाल के जिला कूचविहार के गांव बाड़ा मढ़िया निवासी हजरत अली खान, उत्तराखंड के बिरिया मझोला में रहने वाला दिनेश चंद्र और रुद्रपुर के रितेश गंगवार तथा जगदीश सिंह को पकड़ा गया। इंटेलिजेंस की पूछताछ में जालसाजों ने कई अहम बात खोली हैं। थाने में उन्होंने बताया कि वह नोट दिखाने के लिए बरेली आए, लेकिन किसी गौस नाम के व्यक्ति से मिलने से पहले ही पकड़ गए।
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