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इंस्पेक्टर साहब! दरोगा ने आपको जूता लेकर दौड़ाया
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बरेली। अवैध खनन को लेकर चर्चित इंस्पेक्टर को उनके थाने के ही दरोगा ने जूता लेकर दौड़ा लिया। शनिवार को यह मामला चर्चा का विषय बना, जिसके चलते एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने जांच कराने की बात कही है। वहीं, इंस्पेक्टर और दरोगा मामले से पल्ला झाड़कर कार्रवाई से बचने में लगे हैं।
यह घटना देहात क्षेत्र के थाने में शुक्रवार रात करीब नौ बजे हुई। बताया जाता है कि थाने के अंदर ही इंस्पेक्टर और चौकी का प्रभार देख रहे दरोगा बहस के बाद भिड़ गए। इंस्पेक्टर बार-बार स्टाफ से दरोगा की लोकेशन पूछ रहे थे, जिससे वह झल्ला गए थे। गुस्साए दरोगा ने बहस के बीच ही जूता निकाल लिया तो पहले नाराजगी जता रहे इंस्पेक्टर शांत हो गए। अन्य स्टाफ ने बीच में पड़कर मामले को रफा-दफा किया। सब इसे दबाने में जुट गए लेकिन इसकी जानकारी मीडिया और अफसरों तक पहुंच गई। इसके बाद शनिवार को दोनों ही घटना से इनकार करते हुए सफाई देने में लगे रहे। इंस्पेक्टर कह रहे हैं कि दरोगा के साथ कोई विवाद नहीं हुआ है और साजिश रचकर अफवाह फैलाई जा रही है। वह जानकारी कर रहे हैं कि स्टाफ के ही किस शख्स ने खुराफात की है, उस पर कार्रवाई कराएंगे। वहीं, दरोगा का कहना है कि इंस्पेक्टर उनके अधिकारी हैं, वे उनके आदेश का पालन हमेशा करते रहे हैं। विवाद होने का कोई कारण ही नहीं। इसी बीच, शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने इस बारे में एसएसपी से सवाल किया तो उन्होंने जानकारी मिलने की बात कहते हुए जांच कराने को कहा।
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यह घटना देहात क्षेत्र के थाने में शुक्रवार रात करीब नौ बजे हुई। बताया जाता है कि थाने के अंदर ही इंस्पेक्टर और चौकी का प्रभार देख रहे दरोगा बहस के बाद भिड़ गए। इंस्पेक्टर बार-बार स्टाफ से दरोगा की लोकेशन पूछ रहे थे, जिससे वह झल्ला गए थे। गुस्साए दरोगा ने बहस के बीच ही जूता निकाल लिया तो पहले नाराजगी जता रहे इंस्पेक्टर शांत हो गए। अन्य स्टाफ ने बीच में पड़कर मामले को रफा-दफा किया। सब इसे दबाने में जुट गए लेकिन इसकी जानकारी मीडिया और अफसरों तक पहुंच गई। इसके बाद शनिवार को दोनों ही घटना से इनकार करते हुए सफाई देने में लगे रहे। इंस्पेक्टर कह रहे हैं कि दरोगा के साथ कोई विवाद नहीं हुआ है और साजिश रचकर अफवाह फैलाई जा रही है। वह जानकारी कर रहे हैं कि स्टाफ के ही किस शख्स ने खुराफात की है, उस पर कार्रवाई कराएंगे। वहीं, दरोगा का कहना है कि इंस्पेक्टर उनके अधिकारी हैं, वे उनके आदेश का पालन हमेशा करते रहे हैं। विवाद होने का कोई कारण ही नहीं। इसी बीच, शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने इस बारे में एसएसपी से सवाल किया तो उन्होंने जानकारी मिलने की बात कहते हुए जांच कराने को कहा।
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