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तंत्र-मंत्र के जाल में हैवानियत का शिकार हुई महिला
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बदायूं। उघैती इलाके में सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या के मामले में तंत्र-मंत्र का जाल भी बड़ी कारण हो सकता है। गांव वालों की बातों पर गौर करें तो आरोपी पुजारी तंत्र-मंत्र करने के साथ रुहानी बीमारियों के इलाज के लिए दवाएं भी देता था। महिला पूजा करने के लिए अक्सर मंदिर जाती थी तो उसके घर पुजारी भी कभी कभी आता था। इसी चक्कर में वह हैवानियत का शिकार हो गई।
सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या के मामले को लेकर जब से गांव में पुलिस की आवाजाही शुरू हुई है, तब से ग्रामीणों की जुबान नहीं खुल रही है। और तो और एक ही दीवार से सटे पड़ोसी तक कुछ कहने को तैयार नहीं है। इन सबके बीच कुछ ऐसी बातें भी सामने आई हैं जो अब तक पर्दे के पीछे थीं। घटनास्थल पर जो मंदिर है। वहां समीप रहने वाले एक बुजुर्ग समेत कुछ लोग इस बात को स्वीकारते भी हैं कि आरोपी पुजारी तंत्र-मंत्र करने के साथ-साथ ऐसी बीमारियों की दवा भी देता था। वारदात का शिकार हुई महिला भी अक्सर मंदिर जाती थी। इस गांव में मृतका का मायका भी है। वहां एक विधवा मां के अलावा कोई नहीं रहता।
इधर मृतका के बच्चे भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी मां पूजा पाठ बहुत किया करती थी, इसके लिए एक अलग कोठरी में भगवान के कई चित्र भी लगा रखे थे। संभव है इस पूजा पाठ के पीछे कहीं आरोपी पुजारी ने कोई साजिश रच ली हो। फिलहाल इसका पता पुलिस की जांच में ही लग सकता है।
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टूटा था मोबाइल
महिला के बेटे के अनुसार रविवार रात लगभग 11:30 बजे उसके दरवाजे पर उसका नाम लेकर पुजारी ने पुकारा था, जिस पर उसने दरवाजा खोल दिया था। जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो उसकी मां को दरवाजे पर डालकर आरोपी पुजारी व वेदराम चले गए। गाड़ी जसपाल चला रहा था। जबकि पुजारी सत्यनारायण व वेदराम पीछे बैठे थे। जिस गद्दे पर उसकी मां लेटी थी, उसे भी आरोपियों ने गाड़ी से बाहर फेंक दिया। उसी में उसकी मां का मोबाइल भी था जो बिल्कुल टूट चुका था।
पति की चुप्पी में छिपे हैं कई राज
मृतका के पति को कोई मानसिक मंदित तो कोई कम बोलने वाला बता रहा है। हालांकि मृतका के बच्चे भी उसे मानसिक मंदित बता रहे हैं, जबकि गांव के कुछ लोगों के अनुसार उसने कभी कोई ऐसी हरकत नहीं की जिससे उसे मानसिक मंदित कहा जा सके। गांव वाले इतना जरूर कहते हैं कि वह सीधा साधा है तथा कम बोलता है। गुरुवार को भी जब उसके घर पर पुलिस, नेताओं और अधिकारियों का जमावड़ा लगा तो वह एक तरफ चुपचाप बैठा रहा। कुछ पूछे जाने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया। ये भी चर्चा है कि उस पर कोई न कोई तो दबाव ऐसा है, जिसने उसकी जुबान पर ताला लगा रखा है। कुछ ग्रामीणों के अनुसार, शाम के जिस वक्त महिला मंदिर की तरफ गई थी तो उस समय उसका पति भी उसके साथ था।
पुलिस ने कब्जे में नहीं लिया खून से सना गद्दा
अमूमन पुलिस हत्या के मामलों में वह हर साक्ष्य एकत्र करती है जो उस घटना से जुड़ा होता है लेकिन इस मामले में पुलिस ने उस गद्दे को हाथ तक नहीं लगाया, जो महिला के खून से सना था। यदि उस गद्दे को कब्जे में लेकर जांच को भेजा जाता तो उससे कई अहम बातें पता चल सकती थीं लेकिन वह गद्दा गुरुवार दोपहर तक महिला के घर पर यूं ही एक कोने में पड़ा था जिसे परिवार वाले मीडिया को दिखाते रहे। यह गद्दा भी महिला के साथ हुई हैवानियत को बयां कर रहा था।
सादा कपड़ों में तैनात रही पुलिस, हर एक व्यक्ति पर थी नजर
गुरुवार को सादी वर्दी में पुलिस महिला के घर पर तैनात रही। वजीरगंज थाना इंचार्ज अमित कुमार समेत कई कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल यहां डटी रहीं। यहां तक कि महिला के घर पर आने जाने वाले हर व्यक्ति पर इन लोगों द्वारा नजर रखी जा रही थी। मीडिया वाले भी जब परिवार वालों से कुछ बात करने की कोशिश कर रहे थे तो कोई न कोई पुलिस कर्मी वहां आकर खड़ा हो जा रहा था।
पति की हो चुकी है एक और शादी, दूसरी पत्नी थी मृतका
जिस महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई उसके पति की यह दूसरी शादी थी। गांव वाले दबी जुबान इसकी भी चर्चा कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार मृतका उसके पति की दूसरी बीबी थी, जबकि उसकी पहली पत्नी पास ही के एक दूसरे गांव की है। उसके तीन बच्चे भी हैं और तीनों की शादी हो चुकी है।
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सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या के मामले को लेकर जब से गांव में पुलिस की आवाजाही शुरू हुई है, तब से ग्रामीणों की जुबान नहीं खुल रही है। और तो और एक ही दीवार से सटे पड़ोसी तक कुछ कहने को तैयार नहीं है। इन सबके बीच कुछ ऐसी बातें भी सामने आई हैं जो अब तक पर्दे के पीछे थीं। घटनास्थल पर जो मंदिर है। वहां समीप रहने वाले एक बुजुर्ग समेत कुछ लोग इस बात को स्वीकारते भी हैं कि आरोपी पुजारी तंत्र-मंत्र करने के साथ-साथ ऐसी बीमारियों की दवा भी देता था। वारदात का शिकार हुई महिला भी अक्सर मंदिर जाती थी। इस गांव में मृतका का मायका भी है। वहां एक विधवा मां के अलावा कोई नहीं रहता।
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इधर मृतका के बच्चे भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी मां पूजा पाठ बहुत किया करती थी, इसके लिए एक अलग कोठरी में भगवान के कई चित्र भी लगा रखे थे। संभव है इस पूजा पाठ के पीछे कहीं आरोपी पुजारी ने कोई साजिश रच ली हो। फिलहाल इसका पता पुलिस की जांच में ही लग सकता है।
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टूटा था मोबाइल
महिला के बेटे के अनुसार रविवार रात लगभग 11:30 बजे उसके दरवाजे पर उसका नाम लेकर पुजारी ने पुकारा था, जिस पर उसने दरवाजा खोल दिया था। जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो उसकी मां को दरवाजे पर डालकर आरोपी पुजारी व वेदराम चले गए। गाड़ी जसपाल चला रहा था। जबकि पुजारी सत्यनारायण व वेदराम पीछे बैठे थे। जिस गद्दे पर उसकी मां लेटी थी, उसे भी आरोपियों ने गाड़ी से बाहर फेंक दिया। उसी में उसकी मां का मोबाइल भी था जो बिल्कुल टूट चुका था।
पति की चुप्पी में छिपे हैं कई राज
मृतका के पति को कोई मानसिक मंदित तो कोई कम बोलने वाला बता रहा है। हालांकि मृतका के बच्चे भी उसे मानसिक मंदित बता रहे हैं, जबकि गांव के कुछ लोगों के अनुसार उसने कभी कोई ऐसी हरकत नहीं की जिससे उसे मानसिक मंदित कहा जा सके। गांव वाले इतना जरूर कहते हैं कि वह सीधा साधा है तथा कम बोलता है। गुरुवार को भी जब उसके घर पर पुलिस, नेताओं और अधिकारियों का जमावड़ा लगा तो वह एक तरफ चुपचाप बैठा रहा। कुछ पूछे जाने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया। ये भी चर्चा है कि उस पर कोई न कोई तो दबाव ऐसा है, जिसने उसकी जुबान पर ताला लगा रखा है। कुछ ग्रामीणों के अनुसार, शाम के जिस वक्त महिला मंदिर की तरफ गई थी तो उस समय उसका पति भी उसके साथ था।
पुलिस ने कब्जे में नहीं लिया खून से सना गद्दा
अमूमन पुलिस हत्या के मामलों में वह हर साक्ष्य एकत्र करती है जो उस घटना से जुड़ा होता है लेकिन इस मामले में पुलिस ने उस गद्दे को हाथ तक नहीं लगाया, जो महिला के खून से सना था। यदि उस गद्दे को कब्जे में लेकर जांच को भेजा जाता तो उससे कई अहम बातें पता चल सकती थीं लेकिन वह गद्दा गुरुवार दोपहर तक महिला के घर पर यूं ही एक कोने में पड़ा था जिसे परिवार वाले मीडिया को दिखाते रहे। यह गद्दा भी महिला के साथ हुई हैवानियत को बयां कर रहा था।
सादा कपड़ों में तैनात रही पुलिस, हर एक व्यक्ति पर थी नजर
गुरुवार को सादी वर्दी में पुलिस महिला के घर पर तैनात रही। वजीरगंज थाना इंचार्ज अमित कुमार समेत कई कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल यहां डटी रहीं। यहां तक कि महिला के घर पर आने जाने वाले हर व्यक्ति पर इन लोगों द्वारा नजर रखी जा रही थी। मीडिया वाले भी जब परिवार वालों से कुछ बात करने की कोशिश कर रहे थे तो कोई न कोई पुलिस कर्मी वहां आकर खड़ा हो जा रहा था।
पति की हो चुकी है एक और शादी, दूसरी पत्नी थी मृतका
जिस महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई उसके पति की यह दूसरी शादी थी। गांव वाले दबी जुबान इसकी भी चर्चा कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार मृतका उसके पति की दूसरी बीबी थी, जबकि उसकी पहली पत्नी पास ही के एक दूसरे गांव की है। उसके तीन बच्चे भी हैं और तीनों की शादी हो चुकी है।