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अजितेश अब मुरादाबाद के एमआर से मारपीट करने के मामले में अंदर
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अजितेश को जेल ले जाती पुलिस।
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बरेली। करीब साल भर पहले साक्षी मिश्रा से प्रेम विवाह कर सुर्खियों में आए अजितेश को पुलिस ने मुरादाबाद के एक एमआर से मारपीट करने के मामले में एक बार बार फिर अंदर कर दिया है। डेढ़ साल पुराने मामले में पीड़ित को अजितेश के भी शामिल होने का पता तब चला जब आरोपियों ने खुद ही दबदबा बनाने के लिए मारपीट के फोटो वायरल किए।
अजितेश को शनिवार को इंस्पेक्टर प्रेमनगर अवनीश कुमार ने उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक 21 जून 2019 को डीडीपुरम के एक होटल के बाहर पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ लोगों ने शहर में गांधीपुरम हनुमान मंदिर के पास रहने वाले मुरादाबाद के मूल निवासी एमआर अमित मिश्रा के साथ मारपीट कर उन्हें एक कमरे ले जाकर बंधक बना लिया था और उन्हें जबरन शराब भी पिलाई। फिर उन्हें कार से अगवा करने की कोशिश की थी। अमित की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने वैष्णो कुंज निवासी आयुष तनेजा, बमनपुरी निवासी मयंक रस्तोगी, साहूकारा निवासी अनिकेत और अमन मिश्रा के नाम एफआईआर में शामिल कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बाद में एक-एक कर सभी आरोपियों की जमानत भी हो गई।
कुछ समय पहले इन आरोपियों ने हनक बनाने के लिए खुद ही अमित मिश्रा के साथ की गई मारपीट के फोटो वायरल कर दिए। यही फोटो देखकर अमित मिश्रा को पता लगा कि उनके साथ मारपीट करने वालों में अजितेश भी शामिल था। इन फोटो में वह उसका गला पकड़े हुए दिख रहा था। इसके बाद अमित ने एडीजी अविनाश चंद्र को प्रार्थना पत्र दिया तो उन्होंने मामले में दोबारा विवेचना करने का आदेश दे दिया। इसके बाद प्रेमनगर पुलिस ने एफआईआर में अजितेश का नाम शामिल कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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मासूम बच्चा लेकर पहुंची साक्षी पीड़ित पर भड़की
साक्षी ने पहले तो घर पर ही अजितेश की गिरफ्तारी पर विरोध जताया फिर गोद में कुछ महीने का बेटा लेकर थाना प्रेमनगर पहुंच गई। पीड़ित अमित मिश्रा से सामना हुआ तो साक्षी ने उनसे अनुरोध किया कि पति से हुई गलती की वह माफी मांग लेगी लेकिन वह अजितेश पर कार्रवाई न कराएं। अमित का कहना है कि अजितेश को माफ करने से इनकार करने पर साक्षी ने धमकी दी कि उसकी ताकत कम नहीं है, वह उसे देख लेगी। हालांकि मीडिया से बातचीत में साक्षी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि अजितेश को गुपचुप तरीके से कब आरोपी बना लिया गया, पता नहीं चला।
इससे पहले मोबाइल लूट में हुआ था गिरफ्तार
कुछ महीने पहले सपा युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष वैभव गंगवार और अजितेश पर जनकपुरी में रहने वाले दीपांश माहेश्वरी ने मारपीट और मोबाइल लूटने का आरोप लगाया था। प्रेमनगर पुलिस ने दोनों को सलेक्शन प्वाइंट के पास मौके से ही गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में प्रेमनगर पुलिस ने चार्जशीट लगा दी है।
मारपीट, बंधक बनाने और अगवा करने की कोशिश के मामले में अजितेश का नाम पहले शामिल नहीं था। चार्जशीट भी कोर्ट जा चुकी थी। पीड़ित के साक्ष्य देकर कोर्ट से चार्जशीट वापस कराने पर नाम जोड़ा गया। इसके बाद अजितेश को जेल भेजा गया है। - अवनीश यादव, इंस्पेक्टर प्रेमनगर
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अजितेश को शनिवार को इंस्पेक्टर प्रेमनगर अवनीश कुमार ने उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक 21 जून 2019 को डीडीपुरम के एक होटल के बाहर पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ लोगों ने शहर में गांधीपुरम हनुमान मंदिर के पास रहने वाले मुरादाबाद के मूल निवासी एमआर अमित मिश्रा के साथ मारपीट कर उन्हें एक कमरे ले जाकर बंधक बना लिया था और उन्हें जबरन शराब भी पिलाई। फिर उन्हें कार से अगवा करने की कोशिश की थी। अमित की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने वैष्णो कुंज निवासी आयुष तनेजा, बमनपुरी निवासी मयंक रस्तोगी, साहूकारा निवासी अनिकेत और अमन मिश्रा के नाम एफआईआर में शामिल कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बाद में एक-एक कर सभी आरोपियों की जमानत भी हो गई।
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कुछ समय पहले इन आरोपियों ने हनक बनाने के लिए खुद ही अमित मिश्रा के साथ की गई मारपीट के फोटो वायरल कर दिए। यही फोटो देखकर अमित मिश्रा को पता लगा कि उनके साथ मारपीट करने वालों में अजितेश भी शामिल था। इन फोटो में वह उसका गला पकड़े हुए दिख रहा था। इसके बाद अमित ने एडीजी अविनाश चंद्र को प्रार्थना पत्र दिया तो उन्होंने मामले में दोबारा विवेचना करने का आदेश दे दिया। इसके बाद प्रेमनगर पुलिस ने एफआईआर में अजितेश का नाम शामिल कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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मासूम बच्चा लेकर पहुंची साक्षी पीड़ित पर भड़की
साक्षी ने पहले तो घर पर ही अजितेश की गिरफ्तारी पर विरोध जताया फिर गोद में कुछ महीने का बेटा लेकर थाना प्रेमनगर पहुंच गई। पीड़ित अमित मिश्रा से सामना हुआ तो साक्षी ने उनसे अनुरोध किया कि पति से हुई गलती की वह माफी मांग लेगी लेकिन वह अजितेश पर कार्रवाई न कराएं। अमित का कहना है कि अजितेश को माफ करने से इनकार करने पर साक्षी ने धमकी दी कि उसकी ताकत कम नहीं है, वह उसे देख लेगी। हालांकि मीडिया से बातचीत में साक्षी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि अजितेश को गुपचुप तरीके से कब आरोपी बना लिया गया, पता नहीं चला।
इससे पहले मोबाइल लूट में हुआ था गिरफ्तार
कुछ महीने पहले सपा युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष वैभव गंगवार और अजितेश पर जनकपुरी में रहने वाले दीपांश माहेश्वरी ने मारपीट और मोबाइल लूटने का आरोप लगाया था। प्रेमनगर पुलिस ने दोनों को सलेक्शन प्वाइंट के पास मौके से ही गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में प्रेमनगर पुलिस ने चार्जशीट लगा दी है।
मारपीट, बंधक बनाने और अगवा करने की कोशिश के मामले में अजितेश का नाम पहले शामिल नहीं था। चार्जशीट भी कोर्ट जा चुकी थी। पीड़ित के साक्ष्य देकर कोर्ट से चार्जशीट वापस कराने पर नाम जोड़ा गया। इसके बाद अजितेश को जेल भेजा गया है। - अवनीश यादव, इंस्पेक्टर प्रेमनगर