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रामपुर सीआरपीएफ कैंप हमला प्रकरण- जुर्माना भरकर मुंबई का फहीम अंसारी जेल से रिहा
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बरेली। रामपुर सीआरपीएफ कैंप पर हमले में बरेली सेंट्रल जेल में बंद तीन आरोपियों में शामिल मुंबई के गोरेगांव निवासी फहीम अंसारी को जुर्माना भरने के बाद मंगलवार को जेल से रिहा कर दिया गया। फहीम को दस साल की सजा हुई थी, जबकि वो 12 साल पहले ही जेल में काट चुका है। इसलिए 95 हजार जुर्माना भरने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
रामपुर सीआरपीएफ सेंटर पर 31 दिसंबर 2007 की रात में आतंकियों ने हमला कर दिया था। इसमें सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे। गेट के बाहर एक रिक्शा चालक की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने आठ लोगों को पकड़ा था। इनमें पाक अधिकृत कश्मीर निवासी इमरान शहजाद, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का फारूख, प्रतापगढ़ का कौसर, बहेड़ी का गुलाब खान, बिहार का सबाउद्दीन, मुंबई गोरेगांव निवासी फहीम अंसारी, मुरादाबाद के मिलक कामरू निवासी जंग बहादुर बाबा और रामपुर का शरीफ शामिल था। इनमें गुलाब, कौसर, शरीफ, जंगबहादुर और फहीम को बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया। कुछ आरोपी लखनऊ जेल भेजे गए। एक नवंबर को रामपुर में कोर्ट ने गुलाब और कौसर को दोषमुक्त कर दिया। छह आरोपी दोषी साबित हुए। इनमें बरेली जेल में बंद तीन आरोपी भी थे। फहीम भी इनमें शामिल था। उस पर अवैध पिस्टल और पासपोर्ट रखने का दोष सिद्ध हुआ था। साथ ही अवैध हथियार रखने और धोखाधड़ी का आरोपी माना गया। हालांकि आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका साबित नहीं हो सकी। फहीम को दस साल की सजा हुई थी, लेकिन वो पहले से ही 12 साल जेल में काट चुका था। लिहाजा जुर्माना देने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
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रामपुर सीआरपीएफ सेंटर पर 31 दिसंबर 2007 की रात में आतंकियों ने हमला कर दिया था। इसमें सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे। गेट के बाहर एक रिक्शा चालक की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने आठ लोगों को पकड़ा था। इनमें पाक अधिकृत कश्मीर निवासी इमरान शहजाद, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का फारूख, प्रतापगढ़ का कौसर, बहेड़ी का गुलाब खान, बिहार का सबाउद्दीन, मुंबई गोरेगांव निवासी फहीम अंसारी, मुरादाबाद के मिलक कामरू निवासी जंग बहादुर बाबा और रामपुर का शरीफ शामिल था। इनमें गुलाब, कौसर, शरीफ, जंगबहादुर और फहीम को बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया। कुछ आरोपी लखनऊ जेल भेजे गए। एक नवंबर को रामपुर में कोर्ट ने गुलाब और कौसर को दोषमुक्त कर दिया। छह आरोपी दोषी साबित हुए। इनमें बरेली जेल में बंद तीन आरोपी भी थे। फहीम भी इनमें शामिल था। उस पर अवैध पिस्टल और पासपोर्ट रखने का दोष सिद्ध हुआ था। साथ ही अवैध हथियार रखने और धोखाधड़ी का आरोपी माना गया। हालांकि आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका साबित नहीं हो सकी। फहीम को दस साल की सजा हुई थी, लेकिन वो पहले से ही 12 साल जेल में काट चुका था। लिहाजा जुर्माना देने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
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