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चिन्मयानंद मामला : फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद एसआईटी सौंपेंगी कोर्ट को रिपोर्ट
Thu, 19 Sep 2019 09:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
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Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 09:54 AM IST
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चिन्मयानंद
- फोटो : अमर उजाला
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एसआईटी ने अपहरण और फिरौती मामले में घटना से जुड़े लोगों के बयान और उनसे सवाल जवाब करने के साथ ही वीडियो क्लिप पेन ड्राइव में लेकर और मोबाइल कब्जे में लिए हैं। जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। ताकि स्पष्ट हो सके कि जो वीडियोज मिलीं हैं, उनमें कोई छेड़छाड़ तो नहीं है। फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद जांच पूरी कर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपेंगे।
एसआईटी की टीम का नेतृत्व कर रहे आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि टीम ने सबसे पहले पुलिस की विवेचना का अवलोकन किया और स्थानीय पुलिस अफसरों से रायमशविरा किया। सबसे पहले देखा किसके-किसके बयान हो गए हैं। उनमें क्या कमी रह गई है। जांच को आगे बढ़ाते हुए एसएस कॉलेज, एसएस लॉ कॉलेज, हॉस्टल, मुमुक्षु आश्रम का भ्रमण किया गया और वहां के प्राचार्य, कॉलेज स्टाफ व छात्र-छात्राओं से बातचीत की और बयान लिए।
इसके बाद दोनों मामलों के वादी के बयान दर्ज किए, फिर छात्रा के बयान दर्ज किए। छात्रा ने दिल्ली मे जो तहरीर दी थी थी वह उचित माध्यम से एसआईटी के पास आई और उसे विवेचना में शामिल किया गया। इसके बाद छात्रा का मेडिकल कराया गया।
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मेडिकल रिपोर्ट में जो तथ्य थे उसमें फॉरेंसिक का भी सहारा लिया गया। इसके अलावा जो मोबाइल हैं, पेन ड्राइव में वीडियो लिए गए हैं। उनकी फॉरेसिंक जांच कराई जा रही है, देखा जा रहा है कि उसमें किसी तरह की कोई एडिटिंग तो नहीं है। फॉरेसिक जांच पूरी होने के बाद सारी कड़ियों को मिलाकर जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगे। इसमें वह अपनी तरफ से कुछ भी बताने को अधिकृत नहीं हैं।
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एसआईटी की टीम का नेतृत्व कर रहे आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि टीम ने सबसे पहले पुलिस की विवेचना का अवलोकन किया और स्थानीय पुलिस अफसरों से रायमशविरा किया। सबसे पहले देखा किसके-किसके बयान हो गए हैं। उनमें क्या कमी रह गई है। जांच को आगे बढ़ाते हुए एसएस कॉलेज, एसएस लॉ कॉलेज, हॉस्टल, मुमुक्षु आश्रम का भ्रमण किया गया और वहां के प्राचार्य, कॉलेज स्टाफ व छात्र-छात्राओं से बातचीत की और बयान लिए।
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इसके बाद दोनों मामलों के वादी के बयान दर्ज किए, फिर छात्रा के बयान दर्ज किए। छात्रा ने दिल्ली मे जो तहरीर दी थी थी वह उचित माध्यम से एसआईटी के पास आई और उसे विवेचना में शामिल किया गया। इसके बाद छात्रा का मेडिकल कराया गया।
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मेडिकल रिपोर्ट में जो तथ्य थे उसमें फॉरेंसिक का भी सहारा लिया गया। इसके अलावा जो मोबाइल हैं, पेन ड्राइव में वीडियो लिए गए हैं। उनकी फॉरेसिंक जांच कराई जा रही है, देखा जा रहा है कि उसमें किसी तरह की कोई एडिटिंग तो नहीं है। फॉरेसिक जांच पूरी होने के बाद सारी कड़ियों को मिलाकर जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगे। इसमें वह अपनी तरफ से कुछ भी बताने को अधिकृत नहीं हैं।