छात्रा के बयान के बाद एसआईटी और हाईकोर्ट पर टिकीं निगाहें, चिन्मयानंद की गिरफ्तारी को लेकर कयास जारी
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न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम गीतिका सिंह के कोर्ट में दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज होने के बाद अब लोगों की निगाहें स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म की दर्ज होने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट और उसके बाद स्वामी की गिरफ्तारी को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कानून के जानकारों के मुताबिक कोर्ट में पीड़ित के बयान दर्ज होने के बाद कोर्ट से अनुमति लेकर विवेचक बयानों का अवलोकन करेंगे और विवेचक के निर्देश पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज हो सकती है।
मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में आईजी नवीन अरोड़ा के नेतृत्व में एसआईटी कर रही है, इसलिए रिपोर्ट दर्ज होने में अभी समय लग सकता है। यदि विवेचक खुद के निर्णय पर स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने को आदेश देते हैं तो मामला दर्ज हो सकता है।
कानून के जानकारों का कहना है कि जांच हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही है और इस मामले में 23 तारीख को सुनवाई भी होनी है, लिहाजा जांच टीम कोर्ट में छात्रा के दिए गए बयानों का अवलोकन करने के बाद अब तक की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगी। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर भी स्वामी के खिलाफ कोर्ट के बयानों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज हो सकती है।
छात्रा के दोस्तों से एसआईटी ने दोबारा की पूछताछ
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म मामले की जांच के बाद छात्रा के सोमवार को 164 के तहत कोर्ट में बयान हो गए, लेकिन अभी स्वामी से रंगदारी मांगे जाने के मामले की जांच पूरी नहीं हो पाई है। इसलिए सोमवार को छात्रा के दोस्तों को फिर पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय में एसआईटी ने बुलाया। यहां उनसे चार घंटे तक पूछताछ की गई। कॉलेज स्टाफ से जुड़े कुछ लोगों से भी पूछताछ की गई। एसएस कॉलेज प्राचार्य अवनीश भी पुलिस लाइन पहुंचे, लेकिन उनसे पूछताछ नहीं हो सकी।
एसआईटी ने सुबह करीब नौ बजे छात्रा के कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए उसके पिता के पास नोटिस भेजा और इसके बाद स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले की जांच शुरू कर दी। दोपहर लगभग 12 बजे संजय और उसके साथी विक्रम और दो अन्य साथियों के अलावा लॉ कॉलेज स्टाफ के लोगों को भी बुलाया गया। पुलिस लाइन स्थित पहुंचते ही उन्हें एसआईटी ने कैंप कार्यालय में ले जाकर बैठा लिया और दरवाजा बंद करके अलग-अलग सभी से सवाल-जवाब किए।
हालांकि संजय एसआईटी को काफी कुछ पहले से ही स्वामी के बारे में जानकारी दे चुका है। संजय से एसआईटी ने उन सारी चीजों पर भी सवाल किए कि स्वामी चिन्मयानंद के अश्लील वीडियो उनके हाथ कैसे लगे। उनके दिमाग में पांच करोड़ की रंगदारी का आइडिया क्यों और कैसे आया।
बताते हैं कि उसने यह रंगदारी स्वामी को सबक सिखाने के लिए मांगी थी, लेकिन जिस तरह से संजय और छात्रा और उसके साथियों का पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने संबंधी वीडियो और होटल में खाना खाने के दौरान का वीडियो वायरल हो रहा है, उससे लग रहा है कि मौज मस्ती के लिए स्वामी से रुपये ऐंठने के लिए ताना-बाना बुना गया था। लेकिन मामला उलटा बैठ गया। एसआईटी दोनों मामलों की जांच रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में पेश करेगी।