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चोटी कटवा भेजा गया जेल
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बरेली। ऊलजलूल फतवा जारी करने और भड़काऊ बयान देने के आरोपी मोइन सिद्दीकी उर्फ चोटी कटवा को किला पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। जेल जाने से पहले आरोपी ने फरहत नकवी और निदा खान का नाम लिए बगैर फिर निशाना साधा। बोला- बयानबाजी करने वालों को वक्त आने पर बताऊंगा।
रविवार को मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने महिलाओं के साथ किला थाने का घेराव कर धरना दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ फतवा जारी करने वाले मोईन उर्फ चोटी कटवा ने तीन दिन पहले नया फतवा जारी कर उन्हें तीन दिन में देश से निकालने का अल्टीमेटम दिया था। पुलिस पर आरोप लगाया कि भड़काऊ बयान और माहौल बिगाड़ने की साजिश के बाद भी आरोपी मोईन को नहीं पकड़ा जा रहा है। रविवार को फरहत की ओर से आईपीसी की धारा 506 के तहत थाना किला में मोईन सिद्दीकी के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने सोमवार की शाम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे कोर्ट में पेश करने से पहले आरोपी मोईन सिद्दीकी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां मीडिया के बातचीत करने पर मोईन सिद्दीकी उर्फ चोटी कटवा बोला- मेरे खिलाफ जो बयानबाजी की जा रही है सब एकदम झूठ है। जेल से निकलने के बाद बयानबाजी करने वालों को वक्त आने पर बताऊंगा। वह बोला मेरे खिलाफ तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इसलिए दूरी बनाने के लिए भाई व परिवार के अन्य लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं। मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश पारित किया।
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आरोपी के खिलाफ धारा 506 का मुकदमा दर्ज है। ऐसी धमकी जिससे किसी के जीवन को खतरा हो उसमें बाहर से जमानत का प्रावधान नहीं है। इसमें दस वर्ष तक की सजा हो सकती है। - डीसी शर्मा, किला इंस्पेक्टर
मिलीभगत के चलते हुई मोईन की गिरफ्तारी
मंगलवार दोपहर आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान एसएसपी कार्यालय पहुंची। हालांकि उस वक्त एसएसपी अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। वहां मीडिया के सवालों के जवाब में निदा खान ने कहा कि मोईन ने फतवा नहीं प्रेस नोट जारी किया था। फतवा दारुल इफ्ता की ओर से जारी किया गया था। मोईन बयान तो किसी के खिलाफ भी दे सकता है। निदा का कहना है कि उन्होंने मोईन के खिलाफ डेढ़ साल पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? जबकि उसे गिरफ्तार करने को डीएम ने भी आदेश दिया था। अब अचानक कहां से मिल गया। फिर फतवा जारी करने वाले खुर्शीद आलम को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? निदा का कहना है कि पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने और मिलीभगत के चलते मोईन को गिरफ्तार किया गया है। मिलीभगत करने वालों में सीरान भी हो सकते हैं।
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रविवार को मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने महिलाओं के साथ किला थाने का घेराव कर धरना दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ फतवा जारी करने वाले मोईन उर्फ चोटी कटवा ने तीन दिन पहले नया फतवा जारी कर उन्हें तीन दिन में देश से निकालने का अल्टीमेटम दिया था। पुलिस पर आरोप लगाया कि भड़काऊ बयान और माहौल बिगाड़ने की साजिश के बाद भी आरोपी मोईन को नहीं पकड़ा जा रहा है। रविवार को फरहत की ओर से आईपीसी की धारा 506 के तहत थाना किला में मोईन सिद्दीकी के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने सोमवार की शाम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे कोर्ट में पेश करने से पहले आरोपी मोईन सिद्दीकी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां मीडिया के बातचीत करने पर मोईन सिद्दीकी उर्फ चोटी कटवा बोला- मेरे खिलाफ जो बयानबाजी की जा रही है सब एकदम झूठ है। जेल से निकलने के बाद बयानबाजी करने वालों को वक्त आने पर बताऊंगा। वह बोला मेरे खिलाफ तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इसलिए दूरी बनाने के लिए भाई व परिवार के अन्य लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं। मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश पारित किया।
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आरोपी के खिलाफ धारा 506 का मुकदमा दर्ज है। ऐसी धमकी जिससे किसी के जीवन को खतरा हो उसमें बाहर से जमानत का प्रावधान नहीं है। इसमें दस वर्ष तक की सजा हो सकती है। - डीसी शर्मा, किला इंस्पेक्टर
मिलीभगत के चलते हुई मोईन की गिरफ्तारी
मंगलवार दोपहर आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान एसएसपी कार्यालय पहुंची। हालांकि उस वक्त एसएसपी अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। वहां मीडिया के सवालों के जवाब में निदा खान ने कहा कि मोईन ने फतवा नहीं प्रेस नोट जारी किया था। फतवा दारुल इफ्ता की ओर से जारी किया गया था। मोईन बयान तो किसी के खिलाफ भी दे सकता है। निदा का कहना है कि उन्होंने मोईन के खिलाफ डेढ़ साल पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? जबकि उसे गिरफ्तार करने को डीएम ने भी आदेश दिया था। अब अचानक कहां से मिल गया। फिर फतवा जारी करने वाले खुर्शीद आलम को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? निदा का कहना है कि पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने और मिलीभगत के चलते मोईन को गिरफ्तार किया गया है। मिलीभगत करने वालों में सीरान भी हो सकते हैं।