फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   crime

हत्यारोपी के बयानों की तस्दीक बनेगी चार्जशीट का आधार

Sat, 03 Aug 2019 02:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
crime
बरेली। सत्संगी दंपती मर्डर केस में हत्यारोपी ऑटो ड्राइवर अनुराग भागवानी के बैंक अफसर रूपा सत्संगी के साथ नजदीकी संबंधों का दावा करना पुलिस के अफसरों को भारी भी पड़ सकता है। दरअसल पुलिस के हाथों में हत्याभियुक्त के कबूलनामे के अलावा अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिसके आधार पर इस दावे को साबित किया जा सके। ऐसे में अगर सत्संगी परिवार इस मुद्दे पर पुलिस अफसरों की घेराबंदी करने में कामयाब हुए तो इसका जवाब देने में उनके सामने मुश्किल खड़ी होना तय है।
विज्ञापन

हत्याकांड के खुलासे के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने बैंक अफसर रूपा सत्संगी के हत्यारोपी ऑटो ड्राइवर अनुराग भागवानी के साथ संबंधों की बात कहे जाने से सत्संगी परिवार बुरी तरह आहत है। शर्मिंदगी की वजह से परिवार के लोग उसी रात चुपचाप बरेली से रवाना हो गए थे। अब उन्होंने दिल्ली में डेरा डालकर बरेली के पुलिस अफसरों से जवाब लेने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने गृृृृृृृृृृृृृह मंत्रालय में शिकायत थी, इसके बाद सरकार और अदालत के जरिये भी अफसरों को घेरने की तैयारी की जा रही है। अभी तक जो हालात हैं, उसमें पुलिस अफसर इसमें फंसते भी दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन

कितना मजबूत पुलिस अफसरों का दावा

कॉल डिटेल
रूपा सत्संगी की कॉल डिटेल से पुलिस के दावे की पुष्टि होती नहीं लग रही है। हाल-फिलहाल रूपा सत्संगी की अनुराग भागवानी से फोन पर कोई बातचीत नहीं हुई। करीब डेढ़ महीने पहले फोन पर बात हुई थी लेकिन बेहद संक्षिप्त। यानी कॉल डिटेल से रूपा सत्संगी और अनुराग की नजदीकी की पुष्टि नहीं हो रही। उल्टे यह सवाल जरूर खड़ा हो रहा है कि रूपा सत्संगी ने अगर उसके साथ पति की हत्या योजना बनाई तो कब और कहां। हाल-फिलहाल दोनों में बातचीत नहीं हुई तो हत्या का दिन और समय कैसे तय हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोशल मीडिया
पुलिस ने रूपा सत्संगी के फेसबुक और व्हाट्सएप एकाउंट की भी पड़ताल की है। इससे भी उनकी अनुराग भागवानी से किसी नजदीकी की पुष्टि नहीं हो रही है।

पड़ोस के लोग
सत्संगी परिवार के पड़ोस से भी पुलिस के दावे की पुष्टि नहीं हो रही। उल्टे पुलिस के इस दावे से कॉलोनी के लोग काफी हैरान हैं। उनकी निगाह में रूपा सत्संगी बेहद गंभीरता और गरिमा के साथ रहने वाली महिला थीं। उन्हें कभी भी इस बात का शक नहीं हुआ कि उनके साथ इस तरह की कोई बात है। वह अपने पति का भी काफी ख्याल रखती थीं। उन्होंने कभी कोई ऐसी बात भी नहीं की जिससे यह महसूस हो कि वह बीमार पति का ख्याल रखते-रखते ऊब गई हैं।

बैंक स्टाफ
रूपा सत्संगी सेंट्रल बैंक की जिस कोहाड़ापीर ब्रांच में तैनात थीं, उसके स्टाफ की नजर में भी उनका व्यक्तित्व आदर्श था। स्टाफ के मुताबिक रूपा काफी मितभाषी, मददगार और सुलझी हुई महिला थीं। उनके व्यक्तित्व में कभी कोई खटकने वाली बात महसूस नहीं हुई।

उम्र का फर्क
रूपा सत्संगी 58 की होने जा रही थीं और 31 जुलाई को ही उन्हें रिटायर होना था। अनुराग भागवानी की उम्र 37 साल ही है। यानी दोनों की उम्र में 21 साल का फर्क था। उम्र का यह अंतर भी दोनों के बीच किसी संबंध पर सवाल उठाता है।

परिवार का दावा- हमारे सामने कुछ नहीं बता पाया भागवानी
सत्संगी परिवार के लोगों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें जब अनुराग भागवानी के इस बयान की जानकारी दी कि उसके रूपा सत्संगी से संबंध थे तो उन्होंने उससे कुछ सवाल पूछे थे जिनमें से एक का भी वह जवाब नहीं दे सका। उन्होंने उससे पूछा था कि उसके संबंध कब बने और हाल-फिलहाल वह रूपा सत्संगी से कहां और कैसे मिला। उसकी पिछली बार उनसे कब और कहां बात हुई। इनमें से किसी सवाल का वह साफ जवाब नहीं दे पाया। यह सब पुलिस अफसरों की जानकारी में था, फिर भी उन्होंने अनुराग और रूपा सत्संगी के संबंधों का दावा कर दिया।

चार्जशीट तैयार करना भी चुनौती
सीसीटीवी फुटेज को छोड़ दिया जाए तो दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के मामले में पुलिस की झोली खाली नजर आ रही है। आरोपी का मोबाइल पुलिस अभी तक नहीं खोज सकी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कबूल किया है कि उसके रूपा सत्संगी ने उसे मोबाइल पर ज्यादा बात करने से मना किया था। पुलिस सूत्रों का यह भी दावा है कि आरोपी ने कुछ तारीख और जगह बताई हैं जब और जहां वह रूपा सत्संगी से मिला था। अब उन जगहों पर जाकर लोगों से पूछताछ कर इसकी तस्दीक की जाएगी। घटना का कोई चश्मदीद नहीं है। पड़ोसी जब पुलिस के दावे से सहमति ही नहीं जता रहे तो उनका गवाही देना भी मुमकिन नहीं लगता। डॉग स्कवॉड से पुलिस को कोई क्लू नहीं मिला, फिंगरप्रिंट रिपोर्ट पर भी वह खामोश है।

खून से सने कपड़े नहीं मिले
हत्यारोपी अनुराग भागवानी का मोबाइल और खून से सने कपड़े पुलिस को नहीं मिल सके हैं जो साक्ष्य के तौर पर बेहद अहम हैं। पुलिस के मुताबिक अनुराग ने बताया कि दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उसने मोबाइल वहीं फेंक दिया था। जब दिल्ली से आगरा के लिए चला तो खून से सने अपने कपड़े भी पॉलिथीन में भरकर फेंक दिए। पुलिस को भी अब नहीं लगता कि ये चीजें अब मिल सकेंगी। एहतियात के तौर पर अनुराग का नंबर जरूर सर्विलांस पर लगवा दिया गया है, अगर उसमें कोई सिम पड़ेगा तो पुलिस उसे ट्रेस कर सकेगी।


पड़ोसी बोले- अब पीछा छोड़ दो
बरेली। सत्संगी परिवार के पड़ोसी खुलासे के बाद सकते में हैं और अब मीडिया से भी बात करने में कतरा रहे हैं। शुक्रवार को कॉलोनी की गलियों में सन्नाटा पसरा था। मजदूर लोहे का गेट लगाने में जुटे थे। घरों में महिलाएं और बच्चे ही थे। वारदात या खुलासे को लेकर महिलाओं ने बात करने से इनकार कर दिया। बोलीं, इस घटना के बाद उनकी कॉलोनी काफी चर्चित हो चुकी है। वे कामकाजी परिवारों से जुड़े लोग हैं जिनके आसपास इस तरह की घटना पहली बार हुई है। वे इसे एक बुरा सपना समझकर भूल जाना चाहते हैं। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए सुरक्षा के इंतजाम कर लिए हैं। दो गेट लगवाने के साथ ही गार्ड भी रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed