{"_id":"5d3cae458ebc3e6cd4060326","slug":"crime-bareilly-news-bly3702485169","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो क्या अपाहिज था हत्यारा, वारदात से पहले भी लड़खड़ाता दिखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो क्या अपाहिज था हत्यारा, वारदात से पहले भी लड़खड़ाता दिखा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। गुलमोहर पार्क में सेंट्रल बैंक की सहायक प्रबंधक और उनके पति के नृशंस हत्याकांड में अब फिर नया मोड़ आया है। पुलिस को एक और सीसीटीवी फुटेज मिली है जो वारदात से पहले की है। इसमें भी हत्यारे का बांया पैर और हाथ विकलांगता से ग्रस्त दिख रहा है जैसे वह पैरालिसिस का शिकार हो। पुलिस इस बिंदु पर भी काम कर रही है कि कहीं नीरज सत्संगी को पैरालिसिस की दवा या मालिश के लिए तो आरोपी उनके घर नहीं आता था। उसके पास जो बैग था, वह भी उसी तरह का था जो देसी दवा देने वाले लेकर घूमते हैं।
पुलिस रोज कॉलोनी से सटे रास्तों की नई-नई सीसीटीवी फुटेज खोजकर हत्यारे के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। बावजूद अभी तक उसका सुराग भी नहीं मिल सका है। शनिवार सुबह प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को कॉलोनी के बाहरी रास्ते से एक नया सीसीटीवी फुटेज मिला। ये घटना से करीब आधा घंटा पहले साढ़े नौ बजे के करीब का था। इसमें पहली फुटेज में दिख रहा वही संदिग्ध शख्स पैदल जाता दिख रहा है। वो अपना बायां पैर सही से नहीं डाल पा रहा, वहीं उसका बायां हाथ भी सही से नहीं चल रहा था। पहले पुलिस पैर की लड़खड़ाहट को छत से कूदने की वजह से मान रही थी पर घटना से पहले के इस फुटेज से पुलिस ने जांच की थ्योरी बदल ी है। पुलिस अब इसे पैरालिसिस पेशेंट मान रही है। नीरज सत्संगी भी पंद्रह साल से पैरालिसिस से जूझ रहे थे। पुलिस का मानना है कि किसी तरह की देसी दवा या इलाज की अन्य वजह से आरोपी का नीरज से संपर्क हुआ होगा और वह कभीकभार उनसे मिलता रहा होगा। इस फुटेज में आरोपी के मुंह पर मास्क और कैप नहीं लगा है पर बैग उसके पास है। लग रहा है कि कैप और मास्क उस समय तक बैग में रखा था जिसे दरवाजे पर पहुंचने से थोड़ा पहले लगाया गया है।
परिवार को दिखाई नई फुटेज
शनिवार दोपहर घर में हवन के साथ ही भोज कराया गया। इसमें परिजन, रिश्तेदार और कांग्रेस नेता अजय शुक्ला जैसे करीबी लोग मौजूद थे। इसी दौरान प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह अपनी टीम के साथ घर पहुंचे और नया फुटेज परिवार को दिखाया। जतिन से अपेक्षा की कि वे लोगों से जानकारी करें कि इलाज के बहाने तो पिता का किसी से परिचय नहीं था। परिवार से उनके शादी के रिसेप्शन की वीडियो देखकर उसमें इस तरह के व्यक्ति की फोटो देखने को कहा।
विज्ञापन
वारदात से पहले गलियों में टोह ली
आरोपी ने हत्याकांड को अंजाम देने से पहले कॉलोनी की गलियों में घूमकर टोह ली थी। इसकी पुष्टि अलग-अलग रास्तों के सीसीटीवी फुटेज से मिल रही है। पहले वह सीधे रास्ते से घर में एंट्री करना चाहता था। बाद में गेट के पास पड़ोसियों को देख वह पीछे लौट गया। फिर दूसरी गली में होकर वह बचते-बचाते सत्संगी फैमिली के घर तक पहुंचा। बाहरी हिस्से का लोहे का गेट उसने खुद ही खोला, अंदर का गेट या तो खुला था या फिर रूपा सत्संगी से खुलवाया गया।
विज्ञापन
पुलिस रोज कॉलोनी से सटे रास्तों की नई-नई सीसीटीवी फुटेज खोजकर हत्यारे के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। बावजूद अभी तक उसका सुराग भी नहीं मिल सका है। शनिवार सुबह प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को कॉलोनी के बाहरी रास्ते से एक नया सीसीटीवी फुटेज मिला। ये घटना से करीब आधा घंटा पहले साढ़े नौ बजे के करीब का था। इसमें पहली फुटेज में दिख रहा वही संदिग्ध शख्स पैदल जाता दिख रहा है। वो अपना बायां पैर सही से नहीं डाल पा रहा, वहीं उसका बायां हाथ भी सही से नहीं चल रहा था। पहले पुलिस पैर की लड़खड़ाहट को छत से कूदने की वजह से मान रही थी पर घटना से पहले के इस फुटेज से पुलिस ने जांच की थ्योरी बदल ी है। पुलिस अब इसे पैरालिसिस पेशेंट मान रही है। नीरज सत्संगी भी पंद्रह साल से पैरालिसिस से जूझ रहे थे। पुलिस का मानना है कि किसी तरह की देसी दवा या इलाज की अन्य वजह से आरोपी का नीरज से संपर्क हुआ होगा और वह कभीकभार उनसे मिलता रहा होगा। इस फुटेज में आरोपी के मुंह पर मास्क और कैप नहीं लगा है पर बैग उसके पास है। लग रहा है कि कैप और मास्क उस समय तक बैग में रखा था जिसे दरवाजे पर पहुंचने से थोड़ा पहले लगाया गया है।
विज्ञापन
परिवार को दिखाई नई फुटेज
शनिवार दोपहर घर में हवन के साथ ही भोज कराया गया। इसमें परिजन, रिश्तेदार और कांग्रेस नेता अजय शुक्ला जैसे करीबी लोग मौजूद थे। इसी दौरान प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह अपनी टीम के साथ घर पहुंचे और नया फुटेज परिवार को दिखाया। जतिन से अपेक्षा की कि वे लोगों से जानकारी करें कि इलाज के बहाने तो पिता का किसी से परिचय नहीं था। परिवार से उनके शादी के रिसेप्शन की वीडियो देखकर उसमें इस तरह के व्यक्ति की फोटो देखने को कहा।
विज्ञापन
वारदात से पहले गलियों में टोह ली
आरोपी ने हत्याकांड को अंजाम देने से पहले कॉलोनी की गलियों में घूमकर टोह ली थी। इसकी पुष्टि अलग-अलग रास्तों के सीसीटीवी फुटेज से मिल रही है। पहले वह सीधे रास्ते से घर में एंट्री करना चाहता था। बाद में गेट के पास पड़ोसियों को देख वह पीछे लौट गया। फिर दूसरी गली में होकर वह बचते-बचाते सत्संगी फैमिली के घर तक पहुंचा। बाहरी हिस्से का लोहे का गेट उसने खुद ही खोला, अंदर का गेट या तो खुला था या फिर रूपा सत्संगी से खुलवाया गया।