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पेशी के दौरान बंदियों से मिलने-मिलाने का खेल खत्म
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बरेली। चंदौसी में दो सिपाहियों की हत्या कर तीन बंदियों के फरार होने की घटना के बाद डीआईजी राजेश पांडेय ने बरेली रेंज के चारों कप्तानों को अलर्ट जारी किया है। पेशी के लिए आने वाले बंदियों की हवालात में उनके परिवार वालों के मिलने पर भी रोक लगाने के साथ जेल वैन में बैठाने से पहले बंदियों की तलाशी लेने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी बंदी की फोन पर बात नहीं कराएंगे।
पेशी पर आने वाले बंदियों को आते-जाते समय कचहरी परिसर स्थित हवालात में रखा जाता है। अवैध रूप से इस दौरान बंदियों के परिवार वाले भी उनसे मिलते हैं और उन्हें खाने-पीने की चीजें भी देते हैं। इस बीच संदिग्ध वस्तुएं भी उनके पास पहुंचा दी जाती हैं। यह सबकुछ ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के सामने होता है। पुलिस कर्मी बंदियों की मोबाइल पर बात भी करा देते हैं। चंदौसी में हुई घटना के पीछे इसी लापरवाही को जिम्मेदार माना जा रहा है।
गुरुवार को डीआईजी ने बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के कप्तान को आदेश जारी कर बंदियों को लाते और ले जाते समय सतर्कता के निर्देश दिए हैं। आरआई को खास तौर पर कहा गया है कि जिन पुलिस कर्मियों को बंदियों की सुरक्षा के लिए भेजा जाए, उनकी ठीक से जांच कर ली जाए। बंदियों को दूसरे जिलों में ले जाने के दौरान विशेष सुरक्षा रहे। वैन में ड्राइवर के बराबर में बैठने वाले पुलिस कर्मियों के पास भी असलहे होने चाहिए। सिपाहियों की ड्यूटी भी बंदियों की संख्या के अनुसार लगाई जाए। बंदियों को बैठाने के बाद वैन के दरवाजे की
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कुंडी अंदर और बाहर दोनों तरफ से बंद रहे।
बंदियों को लाते ले जाते समय सुरक्षा को लेकर आदेश जारी कर सभी को अलर्ट कर दिया गया है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी
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पेशी पर आने वाले बंदियों को आते-जाते समय कचहरी परिसर स्थित हवालात में रखा जाता है। अवैध रूप से इस दौरान बंदियों के परिवार वाले भी उनसे मिलते हैं और उन्हें खाने-पीने की चीजें भी देते हैं। इस बीच संदिग्ध वस्तुएं भी उनके पास पहुंचा दी जाती हैं। यह सबकुछ ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के सामने होता है। पुलिस कर्मी बंदियों की मोबाइल पर बात भी करा देते हैं। चंदौसी में हुई घटना के पीछे इसी लापरवाही को जिम्मेदार माना जा रहा है।
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गुरुवार को डीआईजी ने बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के कप्तान को आदेश जारी कर बंदियों को लाते और ले जाते समय सतर्कता के निर्देश दिए हैं। आरआई को खास तौर पर कहा गया है कि जिन पुलिस कर्मियों को बंदियों की सुरक्षा के लिए भेजा जाए, उनकी ठीक से जांच कर ली जाए। बंदियों को दूसरे जिलों में ले जाने के दौरान विशेष सुरक्षा रहे। वैन में ड्राइवर के बराबर में बैठने वाले पुलिस कर्मियों के पास भी असलहे होने चाहिए। सिपाहियों की ड्यूटी भी बंदियों की संख्या के अनुसार लगाई जाए। बंदियों को बैठाने के बाद वैन के दरवाजे की
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कुंडी अंदर और बाहर दोनों तरफ से बंद रहे।
बंदियों को लाते ले जाते समय सुरक्षा को लेकर आदेश जारी कर सभी को अलर्ट कर दिया गया है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी