{"_id":"5d5c62298ebc3e6c291392cc","slug":"crime-baheri-news-bly3729714146","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहेड़ी में अवैध खनन पर एक और इंस्पेक्टर की कुर्सी गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहेड़ी में अवैध खनन पर एक और इंस्पेक्टर की कुर्सी गई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बहेड़ी। नेताओं के दबाव में अवैध खनन कराने वालों का साथ देने के मामले में पुलिस की वर्दी पर लगा दाग और गहरा हो गया है। मंगलवार को एसएसपी ने अवैध खनन के मामले में इंस्पेक्टर राजेश कुमार को भी लाइन हाजिर कर दिया। उनके स्थान पर अब क्राइम ब्रांच की इन्वेस्टिगेशन विंग के रामअवतार सिंह को बहेड़ी का चार्ज दिया गया है। इससे पहले अवैध खनन के मामले में इलाके के कद्दावर नेता से रार होने के बाद इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को भी लाइन हाजिर किया गया था।
बहेड़ी में अवैध खनन को लेकर दो बड़े नेताओं के स्वार्थ टकराने के बाद विवाद शुरू हुआ था। इनमें एक नेता इलाके का ही था जबकि दूसरा बदायूं का था। पुलिस ने बदायूं के नेता के दबाव में जब बहेड़ी के नेता के करीबी लोगों पर शिकंजा कसा तो बहेड़ी के नेता ने इंस्पेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके बाद अवैध खनन का सारा खेल खुलकर सामने आ गया। पता चला कि बहेड़ी में खनन के दो पट्टों पर रायल्टी का भुगतान किए बगैर नियम-शर्तों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था। मामला शासन तक पहुंचने के बाद आला अफसरों को तत्कालीन इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को लाइन हाजिर करने को मजबूर होना पड़ा था।
इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को हटाए जाने के बाद बहेड़ी थाने का चार्ज थाने में ही तैनात अतिरिक्त इंस्पेक्टर राजेश कुमार को दे दिया गया था, लेकिन वह भी धनंजय सिंह के रास्ते पर ही चल पड़े। बेहद खामोशी के साथ इलाके में अवैध खनन फिर शुरू हो गया। इसकी शिकायतें आईं तो राजेश कुमार ने उन्हें भी हवा में उड़ा दिया। यहां तक किए एसडीएम के आदेश तक की अनदेखी कर अवैध खनन पर कार्रवाई करने जा रही राजस्व टीम के साथ पुलिसबल नहीं भेजा। एसडीएम ने इसकी शिकायत एसएसपी से की थी। इन सबका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा और एसएसपी मुनिराज जी. ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। ब्यूरो
बहेड़ी में अवैध खनन को लेकर दो बड़े नेताओं के स्वार्थ टकराने के बाद विवाद शुरू हुआ था। इनमें एक नेता इलाके का ही था जबकि दूसरा बदायूं का था। पुलिस ने बदायूं के नेता के दबाव में जब बहेड़ी के नेता के करीबी लोगों पर शिकंजा कसा तो बहेड़ी के नेता ने इंस्पेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके बाद अवैध खनन का सारा खेल खुलकर सामने आ गया। पता चला कि बहेड़ी में खनन के दो पट्टों पर रायल्टी का भुगतान किए बगैर नियम-शर्तों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था। मामला शासन तक पहुंचने के बाद आला अफसरों को तत्कालीन इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को लाइन हाजिर करने को मजबूर होना पड़ा था।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को हटाए जाने के बाद बहेड़ी थाने का चार्ज थाने में ही तैनात अतिरिक्त इंस्पेक्टर राजेश कुमार को दे दिया गया था, लेकिन वह भी धनंजय सिंह के रास्ते पर ही चल पड़े। बेहद खामोशी के साथ इलाके में अवैध खनन फिर शुरू हो गया। इसकी शिकायतें आईं तो राजेश कुमार ने उन्हें भी हवा में उड़ा दिया। यहां तक किए एसडीएम के आदेश तक की अनदेखी कर अवैध खनन पर कार्रवाई करने जा रही राजस्व टीम के साथ पुलिसबल नहीं भेजा। एसडीएम ने इसकी शिकायत एसएसपी से की थी। इन सबका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा और एसएसपी मुनिराज जी. ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। ब्यूरो
विज्ञापन