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चिताएं पड़ी कम, जमीन पर हुआ अपनों का अंतिम संस्कार
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बरेली। कोरोना संक्रमण की वजह से दम तोड़ने वालों की संख्या स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में शनिवार को चार थी लेकिन दूसरी तरफ शहर के तीन श्मशान घाट पर नौ शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया। एकाएक शवों की संख्या बढ़ने से श्मशान घाट पर चिता स्थल खाली न होने की समस्या भी आने लगी है। शनिवार को कई शवों का अंतिम संस्कार जमीन पर करना पड़ा।
शनिवार को सिटी श्मशान भूमि पर 22 शवों का अंतिम संस्कार किया गया, इनमें से चार कोरोनो संक्रमितों के थे। शनिवार को यहां चिता सजाने के लिए चबूतरे कम पड़ गए। लिहाजा कुछ शव का जमीन पर चिता सजाकर अंतिम संस्कार किया गया। कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार गैस संयंत्र शवदाह में किया गया। संजयनगर श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार के 27 चबूतरे हैं, लेकिन शनिवार को यहां भी चबूतरे कम पड़ गए। शनिवार को यहां 20 शवों में अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से पांच शव कोरोना संक्रमितों के थे। दरअसल, शुक्रवार को जिन शवों का अंतिम संस्कार किया गया था, उनकी अस्थियां (फूल) रविवार को चुनी जाएंगी। इससे पहले चबूतरे से राख नहीं हटाई जा सकती। शुक्रवार को यहां 14 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। गुलाबबाड़ी श्मशान में भूमि पर शनिवार को पांच शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से एक कोरोना संक्रमित था। अंतिम संस्कार के लिए ज्यादा शव आने से लकड़ियां भी कम पड़ने लगी हैं। संजयनगर श्मशान भूमि ट्रस्ट के महेश पटेल ने बताया कि उत्तराखंड में लकड़ी मंहगी हो गई है। लिहाजा यहां भी लकड़ी के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। सिटी श्मशान भूमि के हिंदू सोशल सर्विस ट्रस्ट के विजय अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड से चार ट्रक लकड़ी सोमवार को आ जाएगी। इसके बाद ही लकड़ी के नए रेट निर्धारित किए जाएंगे।
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शनिवार को सिटी श्मशान भूमि पर 22 शवों का अंतिम संस्कार किया गया, इनमें से चार कोरोनो संक्रमितों के थे। शनिवार को यहां चिता सजाने के लिए चबूतरे कम पड़ गए। लिहाजा कुछ शव का जमीन पर चिता सजाकर अंतिम संस्कार किया गया। कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार गैस संयंत्र शवदाह में किया गया। संजयनगर श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार के 27 चबूतरे हैं, लेकिन शनिवार को यहां भी चबूतरे कम पड़ गए। शनिवार को यहां 20 शवों में अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से पांच शव कोरोना संक्रमितों के थे। दरअसल, शुक्रवार को जिन शवों का अंतिम संस्कार किया गया था, उनकी अस्थियां (फूल) रविवार को चुनी जाएंगी। इससे पहले चबूतरे से राख नहीं हटाई जा सकती। शुक्रवार को यहां 14 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। गुलाबबाड़ी श्मशान में भूमि पर शनिवार को पांच शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से एक कोरोना संक्रमित था। अंतिम संस्कार के लिए ज्यादा शव आने से लकड़ियां भी कम पड़ने लगी हैं। संजयनगर श्मशान भूमि ट्रस्ट के महेश पटेल ने बताया कि उत्तराखंड में लकड़ी मंहगी हो गई है। लिहाजा यहां भी लकड़ी के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। सिटी श्मशान भूमि के हिंदू सोशल सर्विस ट्रस्ट के विजय अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड से चार ट्रक लकड़ी सोमवार को आ जाएगी। इसके बाद ही लकड़ी के नए रेट निर्धारित किए जाएंगे।
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