Umesh Pal Murder Case: लल्ला गद्दी उगलेगा अशरफ के राज, तीन दिन की सशर्त कस्टडी रिमांड मंजूर
उमेशपाल हत्याकांड के मुकदमे में नामजद माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की मदद करने के आरोप में जेल भेजे गए लल्ला गद्दी की पुलिस कस्टडी रिमांड न्यायालय ने मंजूर कर ली है।
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माफिया अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ और सद्दाम के मददगार लल्ला गद्दी से केस संबंधी साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस को तीन दिन का समय मिला है। लल्ला के वकील के विरोध के बावजूद कोर्ट ने सही खुलासे के लिए जरूरी मानते हुए यह रिमांड मंजूर की है। मंगलवार से 30 मार्च तक लल्ला पुलिस के साथ रहेगा। अब एसआईटी लल्ला को बहेड़ी ले जाकर साक्ष्य जुटाएगी।
उमेशपाल हत्याकांड के मुकदमे में नामजद माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की मदद करने के आरोप में जेल गए बारादरी के चक महमूद निवासी लल्ला गद्दी की पुलिस कस्टडी रिमांड न्यायालय ने मंजूर कर ली है। तीन दिनों की रिमांड मंजूर होने के बाद एसआईटी उसे जेल से लाकर 28 से 30 मार्च तक साथ रखेगी।
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टीम तीन दिन तक लल्ला से पूछताछ कर करेगी और बिथरी चैनपुर थाने में दर्ज मुकदमे के सबूत जुटाएगी। एसआईटी मंगलवार सुबह जिला जेल पहुंचकर लल्ला गद्दी को रिमांड पर लेगी। इस दौरान उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा। बृहस्पतिवार शाम को लल्ला गद्दी की रिमांड समाप्त होने पर दोबारा मेडिकल करवाकर उसे जेल में दाखिल कर दिया जाएगा।
बहेड़ी से डायरी-पेनकार्ड बरामद करने का तर्क
बिथरी में दर्ज केस की विवेचना कर रहे सीओ थ्री आशीष प्रताप सिंह ने कोर्ट में तर्क दिया कि केस में नामजद होने के बाद मोहम्मद राजा उर्फ लल्ला गद्दी फरार हो गया था। वह बहेड़ी भी गया था। वहां किसी जगह उसने केस से संबंधित डायरी और पेनकार्ड आदि सामान छुपा दिया है। इसे बरामद करना है जो केवल लल्ला के साथ जाकर ही संभव है, कोई और व्यक्ति इसे बरामद नहीं करा सकता।
बहेड़ी में कुछ नहीं, ऐसा बयान ही नहीं दिया
लल्ला गद्दी के वकील ने तर्क रखा कि बहेड़ी में कोई डायरी आदि छुपाने जैसा कोई बयान उनके मुवक्किल ने दिया ही नहीं है तो उसकी बरामदगी का क्या औचित्य है। कहा कि पुलिस ने लल्ला को 20 मार्च की रात में गिरफ्तार किया और करीब 22 घंटे बाद 21 मार्च की रात जेल भेजा। इस बीच में अगर पुलिस चाहती तो बिथरी से बहेड़ी की दूरी एक घंटे का रास्ता है, जहां लल्ला को ले जाकर बरामदगी कर सकती थी। यह पुलिस रिमांड की अर्जी खारिज करने योग्य है।