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आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माण चिह्नित करना शुरू किए
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आवास विकास परिषद ने अवैध निर्माण किए चिह्नित।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। आवास विकास परिषद ने राजेंद्रनगर और जनकपुरी क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण चिह्नित करने शुरू कर दिए हैं। यहां बता दें कि इन क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति बगैर दर्जनोें अवैध निर्माण चोरी छिपे किए जा रहे हैं। आवासीय क्षेत्र में कई निर्माण कमर्शियल हरा परदा डालकर हो रहे हैं। परिषद ने ऐसे ही एक निर्माणकर्ता पर एफआईआर दर्ज कराई है। परिषद के अफसरों ने बताया कि अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
राजेंद्रनगर और जनकपुरी आवासीय योजना क्षेत्र में एक बार फिर अवैध निर्माण चिह्नित किए जाने लगे हैं। यहां बता दें कि निर्माण पूरा होते ही बिल्ंिडग में कमर्शियल गतिविधियां शुरू कर दी जाती हैं, जबकि बिल्डिंग बनवाने वाले लोग मानचित्र आवासीय प्रयोग में ही स्वीकृत दिखाते हैं। इसलिए परिषद को निर्माण पूरा होने के बाद ही पता चल पाता है कि बिल्डिंग अवैध है। इसके चलते परिषद ने अब सतर्कता ज्यादा बरतना शुरू कर दी है। स्टाफ को निर्देश हैं कि कहीं क्षेत्र में नया निर्माण हो रहा है तो उसका मानचित्र और मौजूदा स्थिति का मिलान जरूर कर लिया जाए।
हरे पर्दे में अवैध निर्माण
आवास विकास परिषद कार्यालय के सामने मॉडल रोड स्थित भूखंड नंबर 19 पर हरा पर्दा डालकर मानचित्र के विपरीत निर्माण कई माह से चल रहा है। परिषद ने नोटिस जारी करने के बाद ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किया था। इसके बाद निर्माण कुछ दिनों रुका रहा। अब पर्दे की आड़ में फिर से निर्माण होने लगा है। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया था। परिषद ने भूखंड आवंटी बलविंदर कौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को थाना प्रेमनगर में तहरीर दी है।
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मैं मंत्री जी का पीए बोल रहा हूं, बिल्ंिडग को देखना भी नहीं
बरेली। राजेंद्रनगर क्षेत्र में मकानों और आवासीय प्लाटों पर धड़ल्ले से कमर्शियल निर्माण और बड़े शोरूम बनते जा रहे हैं। आवास विकास परिषद इस पर कोई कार्रवाई का प्लान बनाता है तब सिफारिश और धमकी भरे फोन आना शुरू हो जाते हैं। ऐसा ही एक फोन परिषद के एक अधिकारी के पास आया, उधर से आवाज आई ‘मैं मंत्री जी का पीए बोल रहा हूं, शोरूम की ओर झांकना नहीं’, ऐसे ही अन्य फोन आए कि तुम कुछ ज्यादा ही ध्वस्तीकरण अभियान चलाने के ब्यान देते हो अंजाम अच्छा नहीं होगा। इन फोनों से परिषद के अफसर परेशान दिखे। उनका कहना है कि ज्यादातर फोन फर्जी ही होते हैं। मंत्री जी के पीए का नाम लेकर आने वाला फोन भी फर्जी निकला।
स्टाफ से कहा गया है कि परिषद क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर निगरानी रखें। क्याेंकि शिकायतें मिल रही हैं कि निर्माण पूरा होते ही बिल्डिंग में कमर्शियल गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। हरा पर्दा डालकर अवैध निर्माण करने वाले एक आवंटी पर एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दे दी है।
- राजीव कुमार, एक्सईएन आवास विकास परिषद
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राजेंद्रनगर और जनकपुरी आवासीय योजना क्षेत्र में एक बार फिर अवैध निर्माण चिह्नित किए जाने लगे हैं। यहां बता दें कि निर्माण पूरा होते ही बिल्ंिडग में कमर्शियल गतिविधियां शुरू कर दी जाती हैं, जबकि बिल्डिंग बनवाने वाले लोग मानचित्र आवासीय प्रयोग में ही स्वीकृत दिखाते हैं। इसलिए परिषद को निर्माण पूरा होने के बाद ही पता चल पाता है कि बिल्डिंग अवैध है। इसके चलते परिषद ने अब सतर्कता ज्यादा बरतना शुरू कर दी है। स्टाफ को निर्देश हैं कि कहीं क्षेत्र में नया निर्माण हो रहा है तो उसका मानचित्र और मौजूदा स्थिति का मिलान जरूर कर लिया जाए।
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हरे पर्दे में अवैध निर्माण
आवास विकास परिषद कार्यालय के सामने मॉडल रोड स्थित भूखंड नंबर 19 पर हरा पर्दा डालकर मानचित्र के विपरीत निर्माण कई माह से चल रहा है। परिषद ने नोटिस जारी करने के बाद ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किया था। इसके बाद निर्माण कुछ दिनों रुका रहा। अब पर्दे की आड़ में फिर से निर्माण होने लगा है। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया था। परिषद ने भूखंड आवंटी बलविंदर कौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को थाना प्रेमनगर में तहरीर दी है।
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मैं मंत्री जी का पीए बोल रहा हूं, बिल्ंिडग को देखना भी नहीं
बरेली। राजेंद्रनगर क्षेत्र में मकानों और आवासीय प्लाटों पर धड़ल्ले से कमर्शियल निर्माण और बड़े शोरूम बनते जा रहे हैं। आवास विकास परिषद इस पर कोई कार्रवाई का प्लान बनाता है तब सिफारिश और धमकी भरे फोन आना शुरू हो जाते हैं। ऐसा ही एक फोन परिषद के एक अधिकारी के पास आया, उधर से आवाज आई ‘मैं मंत्री जी का पीए बोल रहा हूं, शोरूम की ओर झांकना नहीं’, ऐसे ही अन्य फोन आए कि तुम कुछ ज्यादा ही ध्वस्तीकरण अभियान चलाने के ब्यान देते हो अंजाम अच्छा नहीं होगा। इन फोनों से परिषद के अफसर परेशान दिखे। उनका कहना है कि ज्यादातर फोन फर्जी ही होते हैं। मंत्री जी के पीए का नाम लेकर आने वाला फोन भी फर्जी निकला।
स्टाफ से कहा गया है कि परिषद क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर निगरानी रखें। क्याेंकि शिकायतें मिल रही हैं कि निर्माण पूरा होते ही बिल्डिंग में कमर्शियल गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। हरा पर्दा डालकर अवैध निर्माण करने वाले एक आवंटी पर एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दे दी है।
- राजीव कुमार, एक्सईएन आवास विकास परिषद