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Bareilly News: चकबंदी लेखपाल 25 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, सहायक चकबंदी अधिकारी भागा
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बरेली। एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) ने 25 हजार रुपये रिश्वत लेते चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वह सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय भूरे सिंह के कहने पर वारिसान दर्ज करने के बदले रिश्वत ले रहा था। एंटी करप्शन ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सीओ एंटी करप्शन यशपाल सिंह ने बताया कि फरीदपुर निवासी टंडन बाबू की मां का निधन हो गया था। उनकी गांव गजनेरा में कृषि भूमि है। उन्होंने शिकायत की थी कि यहां चक संख्या 128 में बतौर वारिसान टंडन बाबू और उनके भाइयों का नाम दर्ज होना था। उन्होंने कलक्ट्रेट स्थित सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय भूरे सिंह से संपर्क किया। वारिसान दर्ज कराने के लिए जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर दीं। चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह को कार्रवाई आगे बढ़ानी थी। भूरे सिंह के कहने पर उसने इसके लिए रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त के रूप में 25 हजार रुपये तय हुए। टंडन बाबू की शिकायत पर ट्रैप टीम प्रभारी बब्बन खान की टीम शुक्रवार सुबह 11 बजे ही चकबंदी कार्यालय के आसपास फैल गई। सुबह 11:11 बजे लेखपाल ने टंडन बाबू को रुपये लेने के लिए सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय के कार्यालय बुलाया। यहां उनसे रिश्वत ली। इसी दौरान एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने रंगे हाथों लेखपाल महावीर को गिरफ्तार कर लिया।
सहायक चकबंदी अधिकारी भूरे सिंह भाग निकला। सीओ यशपाल सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ रिपाेर्ट दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
चकबंदी लेखपाल मूल रूप से मुरादाबाद जिले के थाना बिलारी के जशरथपुर का निवासी है। संवाद
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सीओ एंटी करप्शन यशपाल सिंह ने बताया कि फरीदपुर निवासी टंडन बाबू की मां का निधन हो गया था। उनकी गांव गजनेरा में कृषि भूमि है। उन्होंने शिकायत की थी कि यहां चक संख्या 128 में बतौर वारिसान टंडन बाबू और उनके भाइयों का नाम दर्ज होना था। उन्होंने कलक्ट्रेट स्थित सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय भूरे सिंह से संपर्क किया। वारिसान दर्ज कराने के लिए जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर दीं। चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह को कार्रवाई आगे बढ़ानी थी। भूरे सिंह के कहने पर उसने इसके लिए रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त के रूप में 25 हजार रुपये तय हुए। टंडन बाबू की शिकायत पर ट्रैप टीम प्रभारी बब्बन खान की टीम शुक्रवार सुबह 11 बजे ही चकबंदी कार्यालय के आसपास फैल गई। सुबह 11:11 बजे लेखपाल ने टंडन बाबू को रुपये लेने के लिए सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय के कार्यालय बुलाया। यहां उनसे रिश्वत ली। इसी दौरान एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने रंगे हाथों लेखपाल महावीर को गिरफ्तार कर लिया।
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सहायक चकबंदी अधिकारी भूरे सिंह भाग निकला। सीओ यशपाल सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ रिपाेर्ट दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
चकबंदी लेखपाल मूल रूप से मुरादाबाद जिले के थाना बिलारी के जशरथपुर का निवासी है। संवाद