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शर्तों के साथ 20 अप्रैल के बाद उत्तराखंड जाने वाले मजदूरों को मिलेगी रियायत
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
यूपी और उत्तराखंड के कमिश्रर सहित अन्य उच्चाधिकारियों ने बनाई संयुक्त रणनीति
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फैक्ट्रियों और कृषि क्षेत्र में काम करने वालों की लिस्ट के सत्यापन के बाद मिलेगी अनुमति
बरेली। लॉकडाउन की अवधि में 20 अप्रैल के बाद से प्रस्तावित रियायतों को लागू करने करने के लिए यूपी और उत्तराखंड के उच्चाधिकारियों ने मिलकर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। अफसरों ने कहा कि उत्तराखंड और यूपी के श्रमिकों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखते हुए लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं श्रमिकों को आने-जाने की अनुमति दी जाएगी, जिनकी कंपनियां, उद्योग या ठेकेदार उन्हें एक चिह्नित स्थान से बस द्वारा ले जाने की व्यवस्था करेंगे।
उत्तराखंड के यूएसनगर के कमिश्नर और बरेली कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने ऑनलाइन बैठक में कहा कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाएगा। सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से अनुपालन के लिए समुचित पुलिस बल तैनात किया जाएगा। साथ ही उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में एक नोडल अधिकारी को भी इसी कार्य के लिए तैनात किया जाएगा। श्रमिकों के साथ ही कृषकों की आवाजाही में भी इसी प्रकार के नियम लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अनावश्यक व्यक्ति इस प्रकार के आवागमन में शामिल न होने पाए।
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मंडलायुक्त बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में उत्तराखंड और यूपी के सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ श्रमिकों के आवागमन को सुचारू बनाने के संबंध में एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंडलायुक्त ने कहा कि किसी एक जगह पर सभी श्रमिकों को इकट्ठा किया जाएगा। जहां उनके ठेकेदार, कंपनी या औद्योगिक इकाई की बस उन्हें लेने आएगी। इस दौरान मेडिकल टीम उपस्थित रहेगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि हॉटस्पॉट का कोई भी श्रमिक न आने जाने पाए। दोनों राज्यों के बीच श्रमिकों के आवागमन की सूची ईमेल द्वारा भेजी जाएगी। सूची के सत्यापित हो जाने के बाद ही श्रमिकों को आने जाने का पास निर्गत किया जाएगा। बैठक में बरेली के डीआईजी राजेश कुमार पांडेय, उत्तराखंड में कुमायूं के मंडलायुक्त डॉ. नीरज खैरलवाल, उधम सिंह नगर के एसएसपी बरिंदर जीत सिंह, बरेली के डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, पीलीभीत के डीएम वैभव श्रीवास्तव व एसएसपी के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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फैक्ट्रियों और कृषि क्षेत्र में काम करने वालों की लिस्ट के सत्यापन के बाद मिलेगी अनुमति बरेली। लॉकडाउन की अवधि में 20 अप्रैल के बाद से प्रस्तावित रियायतों को लागू करने करने के लिए यूपी और उत्तराखंड के उच्चाधिकारियों ने मिलकर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। अफसरों ने कहा कि उत्तराखंड और यूपी के श्रमिकों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखते हुए लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं श्रमिकों को आने-जाने की अनुमति दी जाएगी, जिनकी कंपनियां, उद्योग या ठेकेदार उन्हें एक चिह्नित स्थान से बस द्वारा ले जाने की व्यवस्था करेंगे।
उत्तराखंड के यूएसनगर के कमिश्नर और बरेली कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने ऑनलाइन बैठक में कहा कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाएगा। सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से अनुपालन के लिए समुचित पुलिस बल तैनात किया जाएगा। साथ ही उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में एक नोडल अधिकारी को भी इसी कार्य के लिए तैनात किया जाएगा। श्रमिकों के साथ ही कृषकों की आवाजाही में भी इसी प्रकार के नियम लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अनावश्यक व्यक्ति इस प्रकार के आवागमन में शामिल न होने पाए।
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मंडलायुक्त बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में उत्तराखंड और यूपी के सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ श्रमिकों के आवागमन को सुचारू बनाने के संबंध में एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंडलायुक्त ने कहा कि किसी एक जगह पर सभी श्रमिकों को इकट्ठा किया जाएगा। जहां उनके ठेकेदार, कंपनी या औद्योगिक इकाई की बस उन्हें लेने आएगी। इस दौरान मेडिकल टीम उपस्थित रहेगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि हॉटस्पॉट का कोई भी श्रमिक न आने जाने पाए। दोनों राज्यों के बीच श्रमिकों के आवागमन की सूची ईमेल द्वारा भेजी जाएगी। सूची के सत्यापित हो जाने के बाद ही श्रमिकों को आने जाने का पास निर्गत किया जाएगा। बैठक में बरेली के डीआईजी राजेश कुमार पांडेय, उत्तराखंड में कुमायूं के मंडलायुक्त डॉ. नीरज खैरलवाल, उधम सिंह नगर के एसएसपी बरिंदर जीत सिंह, बरेली के डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, पीलीभीत के डीएम वैभव श्रीवास्तव व एसएसपी के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।