Bareilly: डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच आईडीएसपी में सांठगांठ का खेल, सुगबुगाहट पर खिसके डॉक्टर
सोमवार को बहेड़ी की एक लैब का संचालक और उसका साथी सीएमओ कार्यालय पहुंचा था। परिसर में ही दोनों को एक ओर ले जाकर डॉक्टर और उनका सहकर्मी बातचीत कर रहे थे। इधर, कार्यालय में सेटिंग की सुगबुगाहट होने लगी।
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बरेली में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग में फिर सांठगांठ की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। सोमवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के डॉक्टर और निजी लैब संचालकों के साथ सेटिंग की चर्चा रही। हालांकि, मामला भांपकर डॉक्टर मौके से खिसक गए।
डेंगू के मरीजों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को मुहैया नहीं कराने पर बीते दिनों कई निजी लैब संचालकों और अस्पतालों को नोटिस जारी हुए थे। सीएमओ के निर्देश पर आईडीएसपी की टीम ने बहेड़ी, शीशगढ़, मीरगंज पहुंचकर जांच की थी। साथ ही, डेथ ऑडिट भी किया था। निरीक्षण में जहां मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, उन लैब को नोटिस भी जारी किए थे।
बताते हैं कि सोमवार को बहेड़ी की एक लैब का संचालक और उसका साथी सीएमओ कार्यालय पहुंचा था। परिसर में ही दोनों को एक ओर ले जाकर डॉक्टर और उनका सहकर्मी बातचीत कर रहे थे। इधर, कार्यालय में सेटिंग की सुगबुगाहट होने लगी। कर्मचारियों की नजरें अपनी ओर केंद्रित होते देख डॉक्टर वहां से खिसक गए। लैब संचालकों को भी विदा कर दिया। यह मामला परिसर में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।
सहकर्मी के मोबाइल नंबर से हुई थी कॉल
बताते हैं कि आईडीएसपी में सांठगांठ का खेल कई दिन से चल रहा था। डॉक्टर अपने नंबर के बजाय सहकर्मी के मोबाइल फोन से बात करते हैं। मामले में पत्रकारों ने सहकर्मी से बात की तो उसने बताया कि डॉक्टर ने लैब संचालकों को मुलाकात के लिए बुलाया था। हालांकि, उनके बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी होने से इन्कार किया।
15 दिन पहले दिया नोटिस, अब मुकरे
डेंगू के मरीजों का डाटा छिपाने के आरोप में बीते दिनों बहेड़ी पैथोलॉजी, न्यू सेवा पैथोलॉजी, लाइफ सिक्योर, नेशनल पैथोलॉजी, हेल्थ केयर पैथोलॉजी लैब, ट्रू रिजल्ट पैथोलॉजी, विद्या पैथोलॉजी, सुनीता पैथोलॉजी को नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, सोमवार को प्रकरण ने तूल पकड़ा तो डॉक्टर ने किसी अवैध लैब को नोटिस जारी करने से ही इन्कार कर दिया।
कोरोना महामारी में भी लगे थे खेल के आरोप
कोरोना काल में संक्रमितों का डाटा छिपा रहे निजी लैब और अस्पतालों से भी सेटिंग के आरोप स्वास्थ्य विभाग के सर्विलांस सेल पर लगे थे। मामले की जांच हुई पर नतीजा सिफर रहा। अब डेंगू का प्रकोप बढ़ने पर आईडीएसपी यूनिट की भूमिका सवालों के घेरे में हैं।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट के डॉ. मीसम अब्बास ने बताया कि जिस लैब की बात हो रही है, वह अवैध है। जब पंजीकरण ही नहीं है तो नोटिस कैसे देंगे। उन्हें बुलाकर संक्रामक रोगों की रिपोर्टिंग करने और फार्मेट के बारे में बता रहा था। सांठगांठ के आरोप निराधार हैं।