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कॉलेजों ने तो निर्धारित कर ली अपने मन की फीस
बरेली
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:22 AM IST
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प्राइवेट परीक्षा फार्म का मनमाना अग्रसारण शुल्क वसूलने वाले प्राइवेट कॉलेज रेग्युलर परीक्षा फार्म के शुल्क में भी अपनी मनमानी चला रहे हैं। प्राइवेट कॉलेजों में एक ही कोर्स की अलग-अलग फीस वसूली जा रही है। विवि प्रशासन इसलिए खामोश है कि उनके पास कोई शिकायत नहीं पहुंची। दूसरी तरफ छात्र मनमानी फीस देने को मजबूर हैं। पांच सौ से एक हजार रुपये तक छात्रों से ज्यादा वसूले रहे हैं। जबकि ज्यादातर कॉलेजों ने एडमिशन फीस के साथ ही परीक्षा शुल्क वसूल लिया और अब परीक्षा फार्म की हार्ड कॉपी जमा करने में भी उतनी ही फीस ले रहे हैं।
राजकीय और अनुदानित कॉलेज में बीए प्रथम की 1450 रुपये फीस है और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के लिए 1950 रुपये विवि से निर्धारित है। एक प्राइवेट कॉलेज में फार्म जमा करने वाले छात्र के अनुसार उससे 2500 रुपये लिए गए। यानी पांच सौ रुपये से ज्यादा विकास शुल्क के नाम पर वसूल लिया गया। कुछ कॉलेज तो एक हजार रुपये तक विकास शुल्क का वसूल रहे हैं। परास्नातक में भी यही हो रहा है। उनसे भी पांच सौ रुपये ज्यादा वसूल रहे हैं।
ज्यादातर एडमिशन फीस में ही वसूल लेते हैं परीक्षा फीस
ज्यादातर कॉलेज एडमिशन के साथ ही परीक्षा फीस ले लेते हैं जो कॉलेज को एक मुश्त विवि में जमा करनी होती है। फीस की बात करें तो स्नातक की 800 और परास्नातक की 1000 फीस है। इसमें विकास शुल्क, पंजीकरण शुल्क, प्रैक्टिकल, प्रोसेसिंग शुल्क जुड़कर ज्यादा फीस बनती है। छात्रों को दो बार फीस न देना पड़े इसके लिए विवि ने आनलाइन में फीस का विकल्प भी हटा दिया। उसके बावजूद कॉलेज हॉर्ड कॉपी के साथ फीस ले रहे हैं और छात्रों से कह रहे हैं कि एडमिशन फीस में परीक्षा शुल्क नहीं लिया अब लिया जा रहा है। जबकि बरेली कॉलेज का उदाहरण लें तो यहां परीक्षा फीस एडमिशन फीस में ही ली गई। अब यहां छात्रों से कोई पैसा नहीं लिया जा रहा। जबकि प्राइवेट कॉलेजों में यह धड़ल्ले से हो रहा है।
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विवि द्वारा निर्धारित रेग्युलर छात्रों की परीक्षा फीस
कोर्स राजकीय और अनुदानित कॉलेज सेल्फ फाइनेंस
बीए प्रथम : 1450 1450 1950
बीकॉम प्रथम : 1250 1450 1750
बीएससी प्रथम : 1450 1450 1950
एमए प्रथम : 1650 1650 2150
एमकॉम : 1450 1450 1950
एमएससी : 1650 1650 2150
एमए के फार्म भी हुए ओपन
प्राइवेट परीक्षा फार्म में शनिवार को सिर्फ एमकॉम के फार्म ही ओपन हो पाए थे। शनिवार रात को एमए के फार्म ओपन हुए। रविवार को फार्म भी भरे गए। हालांकि प्राइवेट फार्म भरने की प्रक्रिया धीमी है। शनिवार को कुछ कॉलेजों का विकल्प भी ओपन नहीं हो पा रहा था। वह भी सही हो गया है। छात्र अब एमए के प्राइवेट फार्म भर सकते हैं। परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि एमए और एमकॉम के फार्म हैं।
वर्जन
हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। संस्थागत छात्रों को परीक्षा शुल्क अलग से न देना पड़े इसलिए आनलाइन से फीस का विकल्प हटाया गया। कॉलेज किस तरह से फीस ले रहे हैं इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत आती है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक
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राजकीय और अनुदानित कॉलेज में बीए प्रथम की 1450 रुपये फीस है और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के लिए 1950 रुपये विवि से निर्धारित है। एक प्राइवेट कॉलेज में फार्म जमा करने वाले छात्र के अनुसार उससे 2500 रुपये लिए गए। यानी पांच सौ रुपये से ज्यादा विकास शुल्क के नाम पर वसूल लिया गया। कुछ कॉलेज तो एक हजार रुपये तक विकास शुल्क का वसूल रहे हैं। परास्नातक में भी यही हो रहा है। उनसे भी पांच सौ रुपये ज्यादा वसूल रहे हैं।
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ज्यादातर एडमिशन फीस में ही वसूल लेते हैं परीक्षा फीस
ज्यादातर कॉलेज एडमिशन के साथ ही परीक्षा फीस ले लेते हैं जो कॉलेज को एक मुश्त विवि में जमा करनी होती है। फीस की बात करें तो स्नातक की 800 और परास्नातक की 1000 फीस है। इसमें विकास शुल्क, पंजीकरण शुल्क, प्रैक्टिकल, प्रोसेसिंग शुल्क जुड़कर ज्यादा फीस बनती है। छात्रों को दो बार फीस न देना पड़े इसके लिए विवि ने आनलाइन में फीस का विकल्प भी हटा दिया। उसके बावजूद कॉलेज हॉर्ड कॉपी के साथ फीस ले रहे हैं और छात्रों से कह रहे हैं कि एडमिशन फीस में परीक्षा शुल्क नहीं लिया अब लिया जा रहा है। जबकि बरेली कॉलेज का उदाहरण लें तो यहां परीक्षा फीस एडमिशन फीस में ही ली गई। अब यहां छात्रों से कोई पैसा नहीं लिया जा रहा। जबकि प्राइवेट कॉलेजों में यह धड़ल्ले से हो रहा है।
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विवि द्वारा निर्धारित रेग्युलर छात्रों की परीक्षा फीस
कोर्स राजकीय और अनुदानित कॉलेज सेल्फ फाइनेंस
बीए प्रथम : 1450 1450 1950
बीकॉम प्रथम : 1250 1450 1750
बीएससी प्रथम : 1450 1450 1950
एमए प्रथम : 1650 1650 2150
एमकॉम : 1450 1450 1950
एमएससी : 1650 1650 2150
एमए के फार्म भी हुए ओपन
प्राइवेट परीक्षा फार्म में शनिवार को सिर्फ एमकॉम के फार्म ही ओपन हो पाए थे। शनिवार रात को एमए के फार्म ओपन हुए। रविवार को फार्म भी भरे गए। हालांकि प्राइवेट फार्म भरने की प्रक्रिया धीमी है। शनिवार को कुछ कॉलेजों का विकल्प भी ओपन नहीं हो पा रहा था। वह भी सही हो गया है। छात्र अब एमए के प्राइवेट फार्म भर सकते हैं। परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि एमए और एमकॉम के फार्म हैं।
वर्जन
हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। संस्थागत छात्रों को परीक्षा शुल्क अलग से न देना पड़े इसलिए आनलाइन से फीस का विकल्प हटाया गया। कॉलेज किस तरह से फीस ले रहे हैं इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत आती है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक