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Bareilly News: सेवानिवृत्त कर्मचारी के भुगतान में लापरवाही पर लिपिक निलंबित
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बरेली। नगर निगम के संपत्ति कर विभाग में तैनात लिपिक (अधिष्ठान) यश कुमार को सक्षम अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी भारी पड़ गई। सेवानिवृत्त कर्मचारी के भुगतान को तीन साल तक अटकाने, कर्मचारी सेवा नियमावली के तहत समय से कार्रवाई नहीं करने के आरोप में लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। नगर आयुक्त ने मामले की विस्तृत जांच लेखाधिकारी को सौंपी है।
आदेश के मुताबिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी ब्रह्म शंकर त्रिपाठी के एक जनवरी 2006 से एक जुलाई 2022 तक के वेतन का नियमानुसार पुनर्निर्धारण मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने 21 अगस्त 2026 को कर पत्रावली वापस की थी। नगर आयुक्त ने 15 सितंबर को लिपिक यश कुमार को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद भुगतान के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इनमें वेतन, एसीपी, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश व बीमा राशि समेत अन्य देयक शामिल हैं।
आदेश में यह भी आरोप लगाया गया है कि संपत्ति कर विभाग के लिपिक राघिव हुसैन की लगातार अनुपस्थिति और न्यायालय व उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के मामले में भी समय से विभागीय कार्रवाई नहीं कराई गई। इसके अलावा सेवानिवृत्त लिपिक शफकतयार खां, बनवारी लाल और शमीम बेग से जुड़े न्यायालयीय मामलों में भी कार्रवाई लंबित रखने का आरोप है। इस संबंध में पांच अक्तूबर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
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निलंबन के दौरान यश कुमार को नियमानुसार जीवन निर्वहन भत्ता देय होगा और उन्हें कार्यालय अधीक्षक के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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आदेश के मुताबिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी ब्रह्म शंकर त्रिपाठी के एक जनवरी 2006 से एक जुलाई 2022 तक के वेतन का नियमानुसार पुनर्निर्धारण मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने 21 अगस्त 2026 को कर पत्रावली वापस की थी। नगर आयुक्त ने 15 सितंबर को लिपिक यश कुमार को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद भुगतान के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इनमें वेतन, एसीपी, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश व बीमा राशि समेत अन्य देयक शामिल हैं।
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आदेश में यह भी आरोप लगाया गया है कि संपत्ति कर विभाग के लिपिक राघिव हुसैन की लगातार अनुपस्थिति और न्यायालय व उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के मामले में भी समय से विभागीय कार्रवाई नहीं कराई गई। इसके अलावा सेवानिवृत्त लिपिक शफकतयार खां, बनवारी लाल और शमीम बेग से जुड़े न्यायालयीय मामलों में भी कार्रवाई लंबित रखने का आरोप है। इस संबंध में पांच अक्तूबर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
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निलंबन के दौरान यश कुमार को नियमानुसार जीवन निर्वहन भत्ता देय होगा और उन्हें कार्यालय अधीक्षक के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त