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Bareilly News: एबीवीपी कार्यकर्ताओं व विवि के कर्मचारियों के बीच झड़प, हाथापाई की नौबत
Thu, 13 Aug 2026 12:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:21 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच बुधवार को तीखी बहस के बाद हाथपाई की नौबत आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एबीवीपी के महानगर संगठन मंत्री अरुण सूर्यवंशी मुरादाबाद की एक छात्रा के काम से परीक्षा विभाग पहुंचे और एक कर्मचारी पर दस्तावेज ठीक करने का दबाव बनाने लगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह कार्य रजिस्ट्रार कार्यालय से होना था, लेकिन एबीवीपी के पदाधिकारी को यह बात समझ नहीं आ रही थी। इतने में उनकी भाषा भी खराब होने लगी तो कर्मचारियों ने इसका विरोध किया।
बहस के बीच एबीवीपी के पदाधिकारी ने अन्य साथियों को बुलवा लिया। इतने में रुविवि के अन्य कर्मचारी भी जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे का गिरेबान तक पकड़ लिया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला संभाल लिया। शाम पांच बजे मीटिंग खत्म होने के बाद कुलपति प्रो. केपी सिंह ने एक-एक कर कर्मचारियों व एबीवीपी के पदाधिकारियों से बात की। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
कर्मचारी एसोसिएशन ने कुलसाचिव महेंद्र कुमार को मौखिक रूप से अल्टीमेटम दिया कि कर्मचारियों से इस तरह के दुर्व्यवहार का परिणाम ठीक नहीं होगा। एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री विकास गोला ने बताया कि मामला शांत हो चुका है। कर्मचारियों ने अपनी गलती मान ली है। फिलहाल, कोई समस्या नहीं है।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एबीवीपी के महानगर संगठन मंत्री अरुण सूर्यवंशी मुरादाबाद की एक छात्रा के काम से परीक्षा विभाग पहुंचे और एक कर्मचारी पर दस्तावेज ठीक करने का दबाव बनाने लगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह कार्य रजिस्ट्रार कार्यालय से होना था, लेकिन एबीवीपी के पदाधिकारी को यह बात समझ नहीं आ रही थी। इतने में उनकी भाषा भी खराब होने लगी तो कर्मचारियों ने इसका विरोध किया।
बहस के बीच एबीवीपी के पदाधिकारी ने अन्य साथियों को बुलवा लिया। इतने में रुविवि के अन्य कर्मचारी भी जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे का गिरेबान तक पकड़ लिया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला संभाल लिया। शाम पांच बजे मीटिंग खत्म होने के बाद कुलपति प्रो. केपी सिंह ने एक-एक कर कर्मचारियों व एबीवीपी के पदाधिकारियों से बात की। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
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कर्मचारी एसोसिएशन ने कुलसाचिव महेंद्र कुमार को मौखिक रूप से अल्टीमेटम दिया कि कर्मचारियों से इस तरह के दुर्व्यवहार का परिणाम ठीक नहीं होगा। एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री विकास गोला ने बताया कि मामला शांत हो चुका है। कर्मचारियों ने अपनी गलती मान ली है। फिलहाल, कोई समस्या नहीं है।
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