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गायों के हिस्से का चारा और बछड़ों के हिस्से का दूध किसके पेट में जा रहा है
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बरेली। कान्हा उपवन में गोवंशीय पशुओं की मौत पर तमाम आरोप नकारने वाले नगर आयुक्त सैमुअल पॉल अब खुद वहां की अव्यवस्था पर हैरान हैं। नगर आयुक्त के औचक निरीक्षण में खुलासा हुआ है कि कान्हा उपवन में न तो छोटे गोवंश को पर्याप्त दूध मिल रहा है न गायों को पर्याप्त हरा चारा। उन्होंने इसके बाद अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले दिनों मेयर उमेश गौतम ने कान्हा उपवन का निरीक्षण कर निगम अफसरों की लापरवाही से वहां गायों की मौत होने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि कान्हा में गायों को न पर्याप्त चारा मिल रहा है न ही दूसरी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। नगर आयुक्त ने मेयर के आरोपों को गलत करार देते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इसके कुछ दिन बाद ही कान्हा उपवन का संचालन नगर निगम के हाथों में आ गया मगर यहां की व्यवस्थाएं अब तक दुरुस्त नहीं हुई हैं। आठ नवंबर को दोपहर दो बजे नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने यहां औचक निरीक्षण किया तो कान्हा उपवन में निगम की सारी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
कान्हा में ये मिलीं खामियां
- छोटे गोवंश को कर्मचारी जानबूझकर कम दूध पिला रहे हैं, इस पर जिम्मेदारी तय होगी।
- भूसे में हरे चारे और चोकर की मात्रा निर्धारित से कम मिली, इसे ठीक करने को कहा गया।
- बीमार जानवरों की देखरेख भी ठीक नहीं, शिफ्टों में दो-दो कर्मचारी लगाने के निर्देश।
- तमाम जानवरों की ईयर टैगिंग भी नहीं कराई गई।
सांड़ों के लिए बना अलग शेड, ऑनलाइन होगी निगरानी
कान्हा में सांड़ों के लिए अलग से शेड बना दिया गया है, मगर अभी यहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं। करीब 20 लाख रुपये की लागत से बने इस शेड में 60 सांड़ के रहने का इंतजाम होगा। नगर आयुक्त ने इसमें नाली बनवाने के साथ ही मिट्टी समतल कर दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कान्हा उपवन में 18 प्वाइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए हैं ताकि वहां की ऑनलाइन निगरानी की जा सके।
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मैं तो पहले से ही कह रहा हूं कि कान्हा उपवन की स्थिति बहुत खराब है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के प्रोजेक्ट पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब अगर नगर आयुक्त को भी गड़बड़ियां मिली हैं तो उन्हें वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त करानी चाहिए। - उमेश गौतम, मेयर
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पिछले दिनों मेयर उमेश गौतम ने कान्हा उपवन का निरीक्षण कर निगम अफसरों की लापरवाही से वहां गायों की मौत होने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि कान्हा में गायों को न पर्याप्त चारा मिल रहा है न ही दूसरी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। नगर आयुक्त ने मेयर के आरोपों को गलत करार देते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इसके कुछ दिन बाद ही कान्हा उपवन का संचालन नगर निगम के हाथों में आ गया मगर यहां की व्यवस्थाएं अब तक दुरुस्त नहीं हुई हैं। आठ नवंबर को दोपहर दो बजे नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने यहां औचक निरीक्षण किया तो कान्हा उपवन में निगम की सारी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
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कान्हा में ये मिलीं खामियां
- छोटे गोवंश को कर्मचारी जानबूझकर कम दूध पिला रहे हैं, इस पर जिम्मेदारी तय होगी।
- भूसे में हरे चारे और चोकर की मात्रा निर्धारित से कम मिली, इसे ठीक करने को कहा गया।
- बीमार जानवरों की देखरेख भी ठीक नहीं, शिफ्टों में दो-दो कर्मचारी लगाने के निर्देश।
- तमाम जानवरों की ईयर टैगिंग भी नहीं कराई गई।
सांड़ों के लिए बना अलग शेड, ऑनलाइन होगी निगरानी
कान्हा में सांड़ों के लिए अलग से शेड बना दिया गया है, मगर अभी यहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं। करीब 20 लाख रुपये की लागत से बने इस शेड में 60 सांड़ के रहने का इंतजाम होगा। नगर आयुक्त ने इसमें नाली बनवाने के साथ ही मिट्टी समतल कर दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कान्हा उपवन में 18 प्वाइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए हैं ताकि वहां की ऑनलाइन निगरानी की जा सके।
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मैं तो पहले से ही कह रहा हूं कि कान्हा उपवन की स्थिति बहुत खराब है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के प्रोजेक्ट पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब अगर नगर आयुक्त को भी गड़बड़ियां मिली हैं तो उन्हें वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त करानी चाहिए। - उमेश गौतम, मेयर