{"_id":"5dc9cc928ebc3e5b261238ae","slug":"civic-amenities-forest-bareilly-news-bly383633627","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकटिया पुल : शाहजहांपुर रोड पर वन विभाग ने पेच फंसाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकटिया पुल : शाहजहांपुर रोड पर वन विभाग ने पेच फंसाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। शाहजहांपुर रोड पर नकटिया नदी पर बनाए जा रहे पुल के निर्माण वन विभाग के रिवाइज एस्टीमेट देकर अड़ंगा लगा दिया है। अपनी जमीन के इस्तेमाल के लिए वन विभाग ने पहले सेतु निगम को आठ लाख का एस्टीमेट दिया था जिसे अब बढ़ाकर 74 लाख का कर दिया है और एनओसी भी रोक दी है। इससे पुल का निर्माण अटक गया है। सेतु निगम के सीपीएम देवेंद्र सिंह ने डीएम से जनहित में इस दिक्कत का समाधान कराने की गुजारिश की है।
बरेली-शाहजहांपुर रोड पर 5.50 करोड़ की लागत से इस पुल का निर्माण पिछले साल सितंबर में मंजूर हुआ था। सेतु निगम को इस प्रोजेक्ट के लिए रिजर्व फारेस्ट की 0.4377 हेक्टेयर गैर वानिकी जमीन का इस्तेमाल करना था। आड़े आने वाले पेड़ भी काटे जाने थे। सेतु निगम ने इसके लिए एनओसी मांगी तो दिसंबर 2018 में डीएफओ ने करीब 7.92 लाख रुपये का एस्टीमेट दिया था। सेतु निगम ने इस एस्टीमेट के आधार पर पुल के प्रोजेक्ट में ही ये धनराशि शासन से स्वीकृत करा ली थी लेकिन काम तक शुरू नहीं हो पाया। अब हाल ही में वन विभाग ने इस काम के लिए 74.36 लाख का संशोधित एस्टीमेट सेतु निगम को भेज दिया है। यह देखकर सेतु निगम के अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि इतना बजट देने के लिए शासन तैयार नहीं होगा। साथ ही इस औपचारिकता में काफी वक्त भी लग जाएगा। इस मामले को लेकर सीपीएम ने डीएम नितीश कुमार से वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने का आग्रह किया है।
‘नकटिया पुल के लिए वन विभाग का संशोधित बजट बहुत ज्यादा है। इसके लिए जिलाधिकारी को लिखा गया है। ताकि इस समस्या का समाधान जल्द ढूंढा जा सके।’
- वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
विज्ञापन
बरेली-शाहजहांपुर रोड पर 5.50 करोड़ की लागत से इस पुल का निर्माण पिछले साल सितंबर में मंजूर हुआ था। सेतु निगम को इस प्रोजेक्ट के लिए रिजर्व फारेस्ट की 0.4377 हेक्टेयर गैर वानिकी जमीन का इस्तेमाल करना था। आड़े आने वाले पेड़ भी काटे जाने थे। सेतु निगम ने इसके लिए एनओसी मांगी तो दिसंबर 2018 में डीएफओ ने करीब 7.92 लाख रुपये का एस्टीमेट दिया था। सेतु निगम ने इस एस्टीमेट के आधार पर पुल के प्रोजेक्ट में ही ये धनराशि शासन से स्वीकृत करा ली थी लेकिन काम तक शुरू नहीं हो पाया। अब हाल ही में वन विभाग ने इस काम के लिए 74.36 लाख का संशोधित एस्टीमेट सेतु निगम को भेज दिया है। यह देखकर सेतु निगम के अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि इतना बजट देने के लिए शासन तैयार नहीं होगा। साथ ही इस औपचारिकता में काफी वक्त भी लग जाएगा। इस मामले को लेकर सीपीएम ने डीएम नितीश कुमार से वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
‘नकटिया पुल के लिए वन विभाग का संशोधित बजट बहुत ज्यादा है। इसके लिए जिलाधिकारी को लिखा गया है। ताकि इस समस्या का समाधान जल्द ढूंढा जा सके।’
- वीके सेन, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम