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शहरवासियों ने दिखाई होशियारी.. उर्स से पहले ही करने लगे खरीददारी
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बरेली। धनतेरस वाले ही दिन उर्स-ए-रजवी का कुल होने की वजह से व्यापारियों का पहले ही दिवाली की जरूरी खरीदारी कर लेने का सुझाव पब्लिक की समझ में आ गया। सोमवार को मुख्य बाजारों में अचानक उमड़े लोगों ने जता दिया कि वे उर्स से पहले ही खरीदारी की जिम्मेदारी निपटा लेना चाहते हैं ताकि उर्स के बीच भीड़भाड़ की वजह से दिक्कतें न हों। सोमवार को अचानक बाजार में खरीदारों की भीड़ बढ़ने से कारोबारियों के चेहरे भी खिल गए। शहर के प्रमुख कारोबारियों के मुताबिक सोमवार को आमतौर पर बाजार में कम ही भीड़भाड़ रहती है लेकिन इस बार बाजार में उमड़ी भीड़ ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। कारोबारियों ने अमर उजाला के सुझाव की सराहना करते हुए कहा कि अगर उर्स से पहले दिवाली की ज्यादातर खरीदारी हो जाती है तो सिर्फ वे ही नहीं बल्कि पब्लिक को भी काफी राहत मिलेगी।
अबकी कम दामों में ज्यादा नए डिजाइनों से पटा बर्तन बाजार
धनतेरस से पहले बर्तन बाजार सज गया है। इस बार धातु भाव में 25 से 30 प्रतिशत तक नरमी है लिहाजा स्टील, पीतल, कांसा, तांबा आदि के बर्तन पिछले साल से सस्ते हैं। स्टील में डिजाइनों की भरमार है। कारोबारियों के मुताबिक अभी गिनेचुने लोग खरीदारी कर रहे हैं। धनतेरस और उर्स एक ही दिन होने से दिन में कारोबार प्रभावित रहेगा। शाम को ग्राहकों की भीड़ संभालने के लिए वे अभी से तैयारी कर रहे हैं।
22 करोड़- सस्ते के चक्कर में चाइना से पिटी इंडिया मेड झालर
मेक इन इंडिया का नारा जगमग करती झालरों पर कमजोर नजर आ रहा है। बाजार करोड़ोें के चाइनीज आइटम से पटे हुए हैं। पूरे मंडल के साथ खीरी, हरदोई और कुमाऊं क्षेत्र में भी बिजली का सामान बरेली से ही सप्लाई होता है। इस बार भी चाइनीज आइटम की मांग ज्यादा है क्याेंकि भारतीय उत्पाद महंगे हैं। मसलन 30 रुपये में मिलने वाली चाइनीज झालर जैसी भारतीय झालर 45 रुपये की है।
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दिवाली पर सजावट के लिए बाजार में कई नए आइटम भी हैं। लाइट और पटाखा का एक साथ मजा देने वाले आइटम भी इनमें हैं। मोमबत्ती और दीया एलईडी में आ गई हैं। ये सब आइटम चाइनीज हैं यानी गारंटी कुछ नहीं है। फिर बाजार में इनकी मांग है। कारोबार पर दुकानदारों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। कुछ बेहतर बता रहे हैं तो कुछ को मंदी नजर आ रही है। हालांकि इसके बावजूद करीब 22 करोड़ रुपये का कारोबार होना इस बार माना जा रहा है।
कल से उर्स.. आज भी कर लें त्योहार की खरीददारी
बुधवार से उर्स शुरू हो रहा है, लिहाजा बाजारों में एकाएक भीड़ बढ़ेगी। बेहतर है कि मंगलवार को भी ज्यादा से ज्यादा खरीदारी कर ली जाए। वैसे बुधवार को भी बाजार सामान्य रहने की उम्मीद है। कारोबारी कह रहे हैं कि प्रशासन को बाजार में चौकसी बढ़ानी चाहिए।
अमर उजाला के दिवाली की खरीद उर्स से पहले करने के सुझाव का असर बाजार और ग्राहकों दोनों पर पड़ा है। एडवांस बुकिंग और खरीददारी कराने वालों की तादाद सोमवार से ही बढ़ना शुरू हो गई है।
- सुबोध अग्रवाल, सराफ
एक ही दिन धनतेरस और उर्स होने से कारोबारी परेशान थे लेकिन अमर उजाला की पहल से बाजार को गति मिली है। लोग मंगलवार और बुधवार को भी आराम से खरीददारी कर सकेंगे। धनतेरस पर शाम पांच से पहले ग्राहक नहीं आ पाएंगे।
- विभोर गोयल, हाउसहोल्ड मैटेरियल कारोबारी
अभी बाजार में करंट नहीं आया है। करोड़ों का माल डंप है। चाइना के आइटम सस्ते होने की वजह से मांग ज्यादा है। हो सकता है कि एक दो दिन में खरीददार बढ़ें।
- रविंद्र यादव, अध्यक्ष, बैकमा
इस बार धातु का भाव नीचा है इसलिए बर्तन भी 25 से 30 प्रतिशत तक सस्ते हैं। धनतेरस वाले दिन ही परंपरागत खरीददारी होती है। लोगों की मांग और पसंद के अनुरूप तमाम डिजाइन मौजूद हैं।
- मोहन अग्रवाल, बर्तन कारोबारी
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अबकी कम दामों में ज्यादा नए डिजाइनों से पटा बर्तन बाजार
धनतेरस से पहले बर्तन बाजार सज गया है। इस बार धातु भाव में 25 से 30 प्रतिशत तक नरमी है लिहाजा स्टील, पीतल, कांसा, तांबा आदि के बर्तन पिछले साल से सस्ते हैं। स्टील में डिजाइनों की भरमार है। कारोबारियों के मुताबिक अभी गिनेचुने लोग खरीदारी कर रहे हैं। धनतेरस और उर्स एक ही दिन होने से दिन में कारोबार प्रभावित रहेगा। शाम को ग्राहकों की भीड़ संभालने के लिए वे अभी से तैयारी कर रहे हैं।
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22 करोड़- सस्ते के चक्कर में चाइना से पिटी इंडिया मेड झालर
मेक इन इंडिया का नारा जगमग करती झालरों पर कमजोर नजर आ रहा है। बाजार करोड़ोें के चाइनीज आइटम से पटे हुए हैं। पूरे मंडल के साथ खीरी, हरदोई और कुमाऊं क्षेत्र में भी बिजली का सामान बरेली से ही सप्लाई होता है। इस बार भी चाइनीज आइटम की मांग ज्यादा है क्याेंकि भारतीय उत्पाद महंगे हैं। मसलन 30 रुपये में मिलने वाली चाइनीज झालर जैसी भारतीय झालर 45 रुपये की है।
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दिवाली पर सजावट के लिए बाजार में कई नए आइटम भी हैं। लाइट और पटाखा का एक साथ मजा देने वाले आइटम भी इनमें हैं। मोमबत्ती और दीया एलईडी में आ गई हैं। ये सब आइटम चाइनीज हैं यानी गारंटी कुछ नहीं है। फिर बाजार में इनकी मांग है। कारोबार पर दुकानदारों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। कुछ बेहतर बता रहे हैं तो कुछ को मंदी नजर आ रही है। हालांकि इसके बावजूद करीब 22 करोड़ रुपये का कारोबार होना इस बार माना जा रहा है।
कल से उर्स.. आज भी कर लें त्योहार की खरीददारी
बुधवार से उर्स शुरू हो रहा है, लिहाजा बाजारों में एकाएक भीड़ बढ़ेगी। बेहतर है कि मंगलवार को भी ज्यादा से ज्यादा खरीदारी कर ली जाए। वैसे बुधवार को भी बाजार सामान्य रहने की उम्मीद है। कारोबारी कह रहे हैं कि प्रशासन को बाजार में चौकसी बढ़ानी चाहिए।
अमर उजाला के दिवाली की खरीद उर्स से पहले करने के सुझाव का असर बाजार और ग्राहकों दोनों पर पड़ा है। एडवांस बुकिंग और खरीददारी कराने वालों की तादाद सोमवार से ही बढ़ना शुरू हो गई है।
- सुबोध अग्रवाल, सराफ
एक ही दिन धनतेरस और उर्स होने से कारोबारी परेशान थे लेकिन अमर उजाला की पहल से बाजार को गति मिली है। लोग मंगलवार और बुधवार को भी आराम से खरीददारी कर सकेंगे। धनतेरस पर शाम पांच से पहले ग्राहक नहीं आ पाएंगे।
- विभोर गोयल, हाउसहोल्ड मैटेरियल कारोबारी
अभी बाजार में करंट नहीं आया है। करोड़ों का माल डंप है। चाइना के आइटम सस्ते होने की वजह से मांग ज्यादा है। हो सकता है कि एक दो दिन में खरीददार बढ़ें।
- रविंद्र यादव, अध्यक्ष, बैकमा
इस बार धातु का भाव नीचा है इसलिए बर्तन भी 25 से 30 प्रतिशत तक सस्ते हैं। धनतेरस वाले दिन ही परंपरागत खरीददारी होती है। लोगों की मांग और पसंद के अनुरूप तमाम डिजाइन मौजूद हैं।
- मोहन अग्रवाल, बर्तन कारोबारी