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करनपुर जाएगा सॉलिड वेस्ट प्लांट, जमीन की खरीद-फरोख्त शुरू
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बरेली। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का रजऊ परसपुर से शिफ्ट होना तय हो गया है। नगर निगम के रजऊ के कुछ दूर करनपुर और सथरापुर में प्लांट के लिए जमीन चिह्नित करने के बाद जिला प्रशासन ने भी इसे हरी झंडी दे दी है। इसके बाद जमीन की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नगर निगम के प्लांट के लिए इन दोनों गांवों में करीब 11 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
शहर से हर दिन निकलने वाले सैकड़ों क्विंटल कूड़े के निस्तारण के लिए रजऊ परसपुर में बना सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट दो साल पहले बंद कर दिया गया। इसके बाद बाकरगंज में मिनी प्लांट लगा लेकिन उससे समस्या हल नहीं हो पाई। 26 सितंबर को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में यह मामला सामने आने के बाद नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद नगर निगम और प्रशासन ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए प्लांट लगाने की कार्रवाई तेज कर दी है। पांच अक्तूबर को नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने प्रशासन को फरीदपुर के राजस्व गांव करनपुर में 5.581 हेक्टेयर और सथरा गांव में 5.416 हेक्टेयर जमीन की खरीद भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर करने संबंधी रिपोर्ट भेजी है। इसमें विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) को प्रस्तावित भूमि का गाटा संख्या और खसरा व खतौनियों का रिकार्ड के साथ सजरा प्लान भी भेजा गया है। प्रशासन ने भूमि खरीद क्रय किए जाने की औपचारिकता पूर्ण कराने के लिए नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें एसएलओ से यह निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया गया है कि संबंधित जमीन नगर निगम के अतिरिक्त किसी व्यक्ति या संस्था के हाथ क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी जाए।
मेयर की दान में दी गई जमीन को लेने से किया था इंकार
केंद्र सरकार की 2005 में मंजूरी के बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट रजऊ परसपुर में इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से सटी जमीन पर बना था, जिसका 13 मार्च 2013 को एकेसी डेवलपर्स ने संचालन शुरू किया था। प्लांट शुरू होते ही नगर निगम और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति उमेश गौतम के बीच खींचतान शुरू हो गई। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे चले। इसके बाद मई 2014 में एनजीटी ने प्लांट को बंद करने का आदेश दे दिया । वर्ष 2017 में मेयर बनने से पहले उमेश गौतम ने फरीदपुर के बहगुलपुर में प्लांट लगाने के लिए 110 बीघा जमीन खरीदकर दान में दी। शुरूआत में इसे लेने की कवायद हुई लेकिन बाद में निगम अफसरों ने इसे लेेने से मना कर दिया।
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खरीद की प्रक्रिया तय करने को डीएम ने अफसरों को बुलाया
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए भूमि खरीद पर मंथन के लिए डीएम ने 16 अक्तूबर को कलक्ट्रेट में एसएलएओ, एडीएम वित्त और एसडीएम व सब रजिस्टार की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इसमें जमीन मालिकों से खरीद के लिए क्रय दर निर्धारण सहित कई बिंदुओं को तय किया जाएगा।
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शहर से हर दिन निकलने वाले सैकड़ों क्विंटल कूड़े के निस्तारण के लिए रजऊ परसपुर में बना सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट दो साल पहले बंद कर दिया गया। इसके बाद बाकरगंज में मिनी प्लांट लगा लेकिन उससे समस्या हल नहीं हो पाई। 26 सितंबर को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में यह मामला सामने आने के बाद नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद नगर निगम और प्रशासन ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नए प्लांट लगाने की कार्रवाई तेज कर दी है। पांच अक्तूबर को नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने प्रशासन को फरीदपुर के राजस्व गांव करनपुर में 5.581 हेक्टेयर और सथरा गांव में 5.416 हेक्टेयर जमीन की खरीद भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर करने संबंधी रिपोर्ट भेजी है। इसमें विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) को प्रस्तावित भूमि का गाटा संख्या और खसरा व खतौनियों का रिकार्ड के साथ सजरा प्लान भी भेजा गया है। प्रशासन ने भूमि खरीद क्रय किए जाने की औपचारिकता पूर्ण कराने के लिए नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें एसएलओ से यह निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया गया है कि संबंधित जमीन नगर निगम के अतिरिक्त किसी व्यक्ति या संस्था के हाथ क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी जाए।
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मेयर की दान में दी गई जमीन को लेने से किया था इंकार
केंद्र सरकार की 2005 में मंजूरी के बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट रजऊ परसपुर में इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से सटी जमीन पर बना था, जिसका 13 मार्च 2013 को एकेसी डेवलपर्स ने संचालन शुरू किया था। प्लांट शुरू होते ही नगर निगम और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति उमेश गौतम के बीच खींचतान शुरू हो गई। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे चले। इसके बाद मई 2014 में एनजीटी ने प्लांट को बंद करने का आदेश दे दिया । वर्ष 2017 में मेयर बनने से पहले उमेश गौतम ने फरीदपुर के बहगुलपुर में प्लांट लगाने के लिए 110 बीघा जमीन खरीदकर दान में दी। शुरूआत में इसे लेने की कवायद हुई लेकिन बाद में निगम अफसरों ने इसे लेेने से मना कर दिया।
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खरीद की प्रक्रिया तय करने को डीएम ने अफसरों को बुलाया
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए भूमि खरीद पर मंथन के लिए डीएम ने 16 अक्तूबर को कलक्ट्रेट में एसएलएओ, एडीएम वित्त और एसडीएम व सब रजिस्टार की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इसमें जमीन मालिकों से खरीद के लिए क्रय दर निर्धारण सहित कई बिंदुओं को तय किया जाएगा।