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धान खरीद केंद्र के टेंडर निरस्त होने पर ठेकेदारों ने किया हंगामा
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बरेली। धान खरीद पहली अक्टूबर से शुरू होनी है लेकिन अभी टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पाई है। परिवहन और उठान के लिए ऑनलाइन मांगे गए टेंडर सोमवार दोपहर में खोले गए तो कुछ ठेकेदारों ने अपने टेंडर निरस्त होते ही हंगामा शुरू कर दिया। मामला गंभीर होता देख आरएफसी ने एसएसपी से मदद मांगी। पुलिस पहुंची तो हंगामा कर रहे ठेकेदार खिसक लिए। हालांकि आरएफसी ने अब सभी टेंडरों की दोबारा समीक्षा कर खाद्य आयुक्त से उन पर क्लियरेंस लेने का फैसला लिया है।
खाद्य विभाग ने बरेली मंडल में 70 धान क्रय केंद्रों पर ट्रांसपोर्ट और हैंडलिंग के लिए ई- टेंडर मांगे थे। इसके तहत 61 केंद्रों के लिए आवेदन आए। सोमवार दोपहर टेंडर खुलने और उनका फाइनल किया जाना था। इसलिए तमाम ठेकेदार पहले से ही मौजूद थे। उनकी मौजूदगी में टेंडर खुले और स्कूटनी में आठ टेंडर निरस्त हो गए। इस पर प्रभावित ठेकेदारों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि टेंडर सही होने पर भी कैंसिल किए गए हैं। आरएफसी पीके श्रीवास्तव ने समझाने की कोशिश की लेकिन कुछ आक्रमक हुए तो उन्होंने पुलिस बुला ली। पुलिस आते ही हंगामा कर रहे लोग खिसक गए। आरएफसी ने बताया कि जो टेंडर रद हुए हैं अथवा जिन पर कोई आपत्ति है उनकी जांच फिर से हो रही है। इसके बाद वे खाद्य आयुक्त को टेंडर स्वीकृति के लिए सौंपे दिए जाएंगे। खाद्य आयुक्त के निर्णय के बाद ही केंद्र पर ठेकेदार तैनात हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस बार राइस मिलर केंद्रों से धान नहीं उठाएंगे, नामित ठेकेदार ही मिलों तक धान पहुंचाएंगे।
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खाद्य विभाग ने बरेली मंडल में 70 धान क्रय केंद्रों पर ट्रांसपोर्ट और हैंडलिंग के लिए ई- टेंडर मांगे थे। इसके तहत 61 केंद्रों के लिए आवेदन आए। सोमवार दोपहर टेंडर खुलने और उनका फाइनल किया जाना था। इसलिए तमाम ठेकेदार पहले से ही मौजूद थे। उनकी मौजूदगी में टेंडर खुले और स्कूटनी में आठ टेंडर निरस्त हो गए। इस पर प्रभावित ठेकेदारों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि टेंडर सही होने पर भी कैंसिल किए गए हैं। आरएफसी पीके श्रीवास्तव ने समझाने की कोशिश की लेकिन कुछ आक्रमक हुए तो उन्होंने पुलिस बुला ली। पुलिस आते ही हंगामा कर रहे लोग खिसक गए। आरएफसी ने बताया कि जो टेंडर रद हुए हैं अथवा जिन पर कोई आपत्ति है उनकी जांच फिर से हो रही है। इसके बाद वे खाद्य आयुक्त को टेंडर स्वीकृति के लिए सौंपे दिए जाएंगे। खाद्य आयुक्त के निर्णय के बाद ही केंद्र पर ठेकेदार तैनात हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस बार राइस मिलर केंद्रों से धान नहीं उठाएंगे, नामित ठेकेदार ही मिलों तक धान पहुंचाएंगे।
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