{"_id":"5d8922e18ebc3e93a8446509","slug":"civic-amenities-bareilly-news-bly3773894187","type":"story","status":"publish","title_hn":"गायत्री प्रजापति के कार्यकाल में हुए खनन पट्टों की विजिलेंस जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गायत्री प्रजापति के कार्यकाल में हुए खनन पट्टों की विजिलेंस जांच शुरू
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बरेली। सपा सरकार में चर्चित रहे भूतत्व व खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। शासन ने अब उनके कार्यकाल में खनन पट्टे लेने वाली सभी कंपनियों और ठेकों की विजिलेंस जांच शुरू करा दी है। शासन ने बरेली से भी सपा सरकार में हुए खनन और पट्टों का ब्योरा तलब किया है।
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे गायत्री प्रजापति को अखिलेश सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था लेकिन दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था। सपा सरकार गिरने के बाद प्रजापति की मुसीबतें और बढ़ती गईं। खनन ठेकों और पट्टों के अलावा उनके परिवार के सदस्यों पर और भी कई गंभीर आरोप लगे हैं जिनकी जांच अभी चल रही है। अब खनन निदेशक ने शासन के निर्देश पर विजिलेंस जांच शुरू करा दी है। मुख्य खनन अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बरेली समेत सूबे के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूर्व मंत्री प्रजापति के कार्यकाल में हुए खनन पट्टे, ठेके, कंपनी और व्यक्तिओं के नाम विजिलेंस को सौंप दिए जाएं। पत्र में कहा गया है कि इस मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान मेरठ करेगा। प्राथमिकता के आधार पर सारे अभिलेख विजिलेंस मेरठ को सौंपे जाएं।
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भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे गायत्री प्रजापति को अखिलेश सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था लेकिन दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया था। सपा सरकार गिरने के बाद प्रजापति की मुसीबतें और बढ़ती गईं। खनन ठेकों और पट्टों के अलावा उनके परिवार के सदस्यों पर और भी कई गंभीर आरोप लगे हैं जिनकी जांच अभी चल रही है। अब खनन निदेशक ने शासन के निर्देश पर विजिलेंस जांच शुरू करा दी है। मुख्य खनन अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बरेली समेत सूबे के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूर्व मंत्री प्रजापति के कार्यकाल में हुए खनन पट्टे, ठेके, कंपनी और व्यक्तिओं के नाम विजिलेंस को सौंप दिए जाएं। पत्र में कहा गया है कि इस मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान मेरठ करेगा। प्राथमिकता के आधार पर सारे अभिलेख विजिलेंस मेरठ को सौंपे जाएं।
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