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बिजली देहात की दी, बिल शहरी हिसाब से भिजवाए, गर्दन फंसी तो बाज आए
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बरेली। उप्र विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था जांच समिति के सभापति के हस्तक्षेप के बाद बिजली का बिल जमा करने में पिछड़ने पर डेढ़ साल रूरल रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति के दौर से गुजरे नकटिया इलाके के लोगों को शहरी शेड्यूल के मुताबिक सप्लाई देने का फैसला लिया गया है। भरतौल, उमरिया और बिथरी के इलाकों के करीब पांच हजार लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
नकटिया सबस्टेशन से पहले शहरी रोस्टर के तहत बिजली सप्लाई की जाती थी जिसे डेढ़ साल पहले रूरल रोस्टर के अधीन कर दिया गया था। अब एक्सईन यूसी सोनकर ने विद्युत खंड प्रथम और द्वितीय को लिखे पत्र में मोहनपुर नकटिया को आईपीडीएस टाउन बताया है। साथ ही विधान परिषद के सभापति के मामला संज्ञान में लेने का जिक्र करते हुए नगर पंचायत के रोस्टर के अनुसार सप्लाई को कहा है। बता दें कि इस सबस्टेशन से भरतौल, उमरिया, मोहनपुर ठिरिया, परसोना और बिथरी के इलाके जुड़े हुए हैं। बता दें कि रूरल रोस्टर होने के बाद भी इस सबस्टेशन के उपभोक्ता शहरी दरों पर बिल का भुगतान कर रहे थे।
पूर्व सैनिकों ने पहुंचाया विधान परिषद सभापति तक मामला
नेशनल एक्स सर्विसमेन कोऑर्डिनेशन कमेटी के केएस रावत ने बताया कि शहरी दर पर बिल देने के बाद भी रूरल रोस्टर से बिजली देने पर साल भर से आपत्ति जताई जा रही थी। कोई सुनवाई न होने पर विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल से सख्त कदम उठाने को कहा था। उन्होंने विधान परिषद के सभापति को पत्र लिखा। तब कहीं समस्या का निदान हो पाया।
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नकटिया सबस्टेशन से पहले शहरी रोस्टर के तहत बिजली सप्लाई की जाती थी जिसे डेढ़ साल पहले रूरल रोस्टर के अधीन कर दिया गया था। अब एक्सईन यूसी सोनकर ने विद्युत खंड प्रथम और द्वितीय को लिखे पत्र में मोहनपुर नकटिया को आईपीडीएस टाउन बताया है। साथ ही विधान परिषद के सभापति के मामला संज्ञान में लेने का जिक्र करते हुए नगर पंचायत के रोस्टर के अनुसार सप्लाई को कहा है। बता दें कि इस सबस्टेशन से भरतौल, उमरिया, मोहनपुर ठिरिया, परसोना और बिथरी के इलाके जुड़े हुए हैं। बता दें कि रूरल रोस्टर होने के बाद भी इस सबस्टेशन के उपभोक्ता शहरी दरों पर बिल का भुगतान कर रहे थे।
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पूर्व सैनिकों ने पहुंचाया विधान परिषद सभापति तक मामला
नेशनल एक्स सर्विसमेन कोऑर्डिनेशन कमेटी के केएस रावत ने बताया कि शहरी दर पर बिल देने के बाद भी रूरल रोस्टर से बिजली देने पर साल भर से आपत्ति जताई जा रही थी। कोई सुनवाई न होने पर विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल से सख्त कदम उठाने को कहा था। उन्होंने विधान परिषद के सभापति को पत्र लिखा। तब कहीं समस्या का निदान हो पाया।
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