फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Civic Amenities,akhelash yadav

प्रशासन ने मुंह फेरा तो अखिलेश यादव ने किसान की मदद को बढ़ाया हाथ

Mon, 16 Sep 2019 02:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2019 02:05 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities,akhelash yadav
आंवला। कर्ज में डूबा बेबस किसान जब पत्नी और बेटी के इलाज के लिए रुपयों का इंतजाम नहीं कर सका तो उसने मौत को गले लगा लिया। बृहस्पतिवार को सेंधा गांव में चंदनिया के पेड़ से उसका शव लटकता मिला था। घटना के चार दिन बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी या सत्तारूढ़ पार्टी का नेता किसान के परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा, न ही तहसील प्रशासन ने इस बात की जांच करने की जरूरत समझी कि किस कारणवश किसान ने जिंदगी का दमन छोड़कर मौत को गले लगाना बेहतर समझा। रविवार को रामपुर से लौटे पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सर्किट हाउस में पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आर्थिक मदद की तौर पर उन्हें 50 हजार रुपये नकद दिए। साथ ही दो लाख रुपये पार्टी फंड से देने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

आंवला तहसील के गांव पथरी निवासी कुंवारपाल मौर्य बच्चों को उच्च शिक्षित करने की जद्दोजहद में कर्ज तले दब गए थे। हालात जब बदतर हो गए जब उन्होंने कर्ज लेकर मेंथा की फसल लगाई और उसमें नुकसान हो गया। इसके बाद लगातार तीन साल तक वह घाटे से उभर नहीं पाए। इस दौरान बैंक और साहूकारों का उनके ऊपर मोटा कर्ज हो गया। कर्ज चुकता नहीं कर पाए तो कर्जदारों का दबाव बढ़ने लगा। इस बीच पत्नी हरदेवी और बेटी की तबीयत बिगड़ गई। उनके इलाज के लिए उन्होंने तमाम जगह हाथ पांव मारे पर रुपयों का इंतजाम नहीं कर पाए। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह घरवालों से रामनगर बाजार जाने की बात कहकर निकले फिर कभी लौटकर नहीं आए।
विज्ञापन

कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या के मामले पर पूरा प्रशासन पर्दा डालने पर लग गया। घटना के चार दिन बाद भी न तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने किसान के घर का रुख किया न ही किसी भाजपाई ने सरकारी इमदाद दिलाने की कोई कवायद की। मामले की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मिली तो रविवार को उन्होंने किसान की पत्नी हरदेवी और बेटे से सर्किट हाउस में मुलाकात की। 50 हजार रुपये नकद देते हुए दो लाख रुपये पार्टी फंड से देने का वादा किया। पूर्व विधायक महीपाल सिंह यादव ने हैदराबाद से नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे किसान के बेटे अनिल को अपने कॉलेज से निशुल्क पढ़ाई करवाने की बात कही। मामले में एसडीएम से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका सीयूजी नंबर लगातार पहुंच से बाहर जाता रहा। हालांकि लेखपाल पंकज सक्सेना ने बताया कि दो दिन से बैंक बंद होने के कारण किसान पर कितना कर्ज था इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। सोमवार को बैंक खुलने पर जानकारी लेकर अधिकारियों को दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed