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जूता-मोजा, स्वेटर और बस्ता बांटने में घपले का होगा पर्दाफाश
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डीएम ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र के स्कूलों में जांच की सौंपी जिम्मेदारी
बरेली। परिषदीय स्कूलों में स्वेटर, जूता-मोजा और बस्ता वितरण में धांधली के मामले सामने आने के बाद डीएम ने जांच शुरू करा दी है। उन्होंने इसके लिए सभी एसडीएम को जांच अधिकारी बनाते हुए प्रत्येक ब्लॉक में सैंपल के तौर पर 20-20 स्कूलों की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। हालांकि एसडीएम का कहना है कि स्कूलों में छुट्टी की वजह से जांच पूरी नहीं हो पा रही है।
परिषदीय स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चों को अब तक स्वेटर वितरित नहीं हुए हैं। पिछले माह प्रमुख सचिव जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अफसरों को फटकार लगाई थी। उन्होंने डीएम नितीश कुमार को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। हालांकि बाद में आपूर्तिकर्ता संस्था ने कुछ स्कूलों में आपाधापी में स्वेटर बांटे तो उनकी क्वालिटी बेहद घटिया मिली। यहां तक कि भोजीपुरा में मझौव्वा गंगापुर के सरकारी स्कूल, जिसमें खुद नवनीत सहगल निरीक्षण करने पहुंचे थे, वहां भी बच्चों को फटे स्वेटर दे दिए गए थे। इसके अलावा 3.34 लाख बच्चों को जूता-मोजा और बस्ता वितरण में भी खेल किया गया। डीएम नितीश कुमार ने इन सभी मामलों की जांच शुरू करा दी गई है। इसके लिए प्रत्येक तहसील क्षेत्र में एसडीएम को जांच अधिकारी बनाया है। उन्हें सैंपल के तौर पर प्रत्येक ब्लॉक के बीस स्कूलों की जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
डीएम के आदेश पर सरकारी स्कूलों की जांच होनी है। हालांकि अभी स्कूलों में शीत अवकाश है। कोशिश की जाएगी कि जल्द से जल्द रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाए। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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बरेली। परिषदीय स्कूलों में स्वेटर, जूता-मोजा और बस्ता वितरण में धांधली के मामले सामने आने के बाद डीएम ने जांच शुरू करा दी है। उन्होंने इसके लिए सभी एसडीएम को जांच अधिकारी बनाते हुए प्रत्येक ब्लॉक में सैंपल के तौर पर 20-20 स्कूलों की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। हालांकि एसडीएम का कहना है कि स्कूलों में छुट्टी की वजह से जांच पूरी नहीं हो पा रही है।
परिषदीय स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चों को अब तक स्वेटर वितरित नहीं हुए हैं। पिछले माह प्रमुख सचिव जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अफसरों को फटकार लगाई थी। उन्होंने डीएम नितीश कुमार को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। हालांकि बाद में आपूर्तिकर्ता संस्था ने कुछ स्कूलों में आपाधापी में स्वेटर बांटे तो उनकी क्वालिटी बेहद घटिया मिली। यहां तक कि भोजीपुरा में मझौव्वा गंगापुर के सरकारी स्कूल, जिसमें खुद नवनीत सहगल निरीक्षण करने पहुंचे थे, वहां भी बच्चों को फटे स्वेटर दे दिए गए थे। इसके अलावा 3.34 लाख बच्चों को जूता-मोजा और बस्ता वितरण में भी खेल किया गया। डीएम नितीश कुमार ने इन सभी मामलों की जांच शुरू करा दी गई है। इसके लिए प्रत्येक तहसील क्षेत्र में एसडीएम को जांच अधिकारी बनाया है। उन्हें सैंपल के तौर पर प्रत्येक ब्लॉक के बीस स्कूलों की जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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डीएम के आदेश पर सरकारी स्कूलों की जांच होनी है। हालांकि अभी स्कूलों में शीत अवकाश है। कोशिश की जाएगी कि जल्द से जल्द रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाए। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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