फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   civcamenities

इंटरनेट बंद हुआ तो मोबाइल छोड़ परिवार के साथ बैठे और बतियाए

Sat, 21 Dec 2019 01:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 01:35 AM IST
विज्ञापन
civcamenities
बदली दिखी दिनचर्या, मोबाइल के बजाय लोगों ने अपनों के साथ बिताया समय
विज्ञापन

बरेली। तनाव और आशंकाओं के माहौल में ही सही, बहुत समय बाद एक दिन ऐसा रहा जब लोगों ने वाकई फुर्सत महसूस की। इंटरनेट बंद होने से ही ज्यादातर लोगों की दिनचर्या बदल गई। युवा कुछ बोरियत के शिकार जरूर हुए लेकिन इसे दूर करने के लिए उन्हें गपशप का सहारा मिल गया। तमाम घरों में बच्चे और बड़े एकसाथ बैठे और बात करते दिखे।
आमतौर पर व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल साइट्स पर बिजी रहने वाले लोगों के बीच आपात स्थितियों में बंद की गई इंटरनेट सेवा ने अनजाने ही परिवार के सदस्यों को आपस में बातचीत का मौका दे दिया। घर में होने के बावजूद अपने-अपने मोबाइल पर उलझे रहने वाले परिवार के सदस्य शुक्रवार को आपस में गपशप और मौजमस्ती करते दिखे। हालांकि युवा वर्ग इंटरनेट बंद होने से थोड़ा असहज भी था लेकिन कॉलिंग सुविधा में कोई दिक्कत न होने से इसका कोई खास असर नहीं दिखा। गांधी उद्यान में दोस्तों संग पहुंचे शुभम ने कहा कि नेट बंद होने पर थोड़ी परेशानी हुई लेकिन सुरक्षा के लिए यह जरूरी कदम था। कारोबारी सुधीर सिंह का कहना था कि उन्हें कुछ ईमेल भेजने के लिए परेशान होना पड़ा। वहीं, इरफान का कहना था कि यह सही निर्णय रहा क्योंकि इंटरनेट बंद होने से फर्जी सूचनाएं नहीं फैलीं।
विज्ञापन

महिलाएं बोलीं : कुछ समय के लिए मेसेज की टोन से मिली निजात
घर के कामकाज के बीच सोशल साइट्स पर एक्टिव रहने वाली महिलाओं ने भी इंटरनेट बंद करने के फैसले को सही ठहराया। शोध छात्रा नैना राज सिंह ने कहा कि इंटरनेट बंद होने से दिक्कत हुई। पूरा दिन अजीब सा रहा लेकिन यह जरूरी भी था। फर्जी मेसेज से माहौल खराब होने का डर था। गृहणी नम्रता अग्रवाल ने कहा कि इंटरनेट बंद होने से समस्या तो हुईं लेकिन बेवजह आने वाले मेसेज की टोन से कुछ समय के लिए निजात मिल गई। उद्यमी मीनाक्षी खंडेलवाल ने कहा कि उनके कई काम मेल और व्हाट्सएप से ही होते हैं, लेकिन माहौल को शांत बनाए रखने के लिए यह जरूरी था।
विज्ञापन
विज्ञापन


गर्भवती के लिए फायदेमंद इंटरनेट से दूरी
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा गुप्ता का कहना है कि इंटरनेट न चलना गर्भवती महिलाओं और उनके शिशुओं के लिए भी अच्छा रहा है। आमतौर पर महिलाएं गर्भ के छठे, सातवें महीने में मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल कर समय गुजारती हैं। इसके रेडिएशन का असर गर्भस्थ शिशु पर भी होता है। महिलाओं को भी ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और नींद न आने की बीमारी हो जाती है। इंटरनेट का 36 घंटे बंद रहना, गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशुओं के लिए फायदेमंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed