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शहर की हवा हो रही जहरीली
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शहर के मुख्य अयूब खां चौराहे पर उड़ती धूल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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छह माह पहले लगाया था एक लाख का जुर्माना इसके बाद नहीं की कोई कार्रवाई
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बरेली। शहर में प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखने के लिए बनी समिति ने अब सगातार बढ़ रहे प्रदूषण से आंखें फेर ली हैं। करीब छह महीने पहले नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने निगरानी समिति का गठन किया था। उस वक्त तो समिति ने एक मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना किया, लेकिन इसके बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। समिति ने शहर में प्रदूषण की स्थिति को लेकर कोई रिपोर्ट भी नहीं दी है।
सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदाई और फ्लाईओवर-ओवरब्रिज के निर्माण आदि के चलते शहर में चारों ओर धूल उड़ रही है। लिहाजा प्रदूषण का स्तर रोजाना बढ़ रहा है। सड़कों पर निकलने के दौरान लोग धूल फांकने को मजबूर हैं, लेकिन निगरानी समिति ने अब जल निगम या सेतु निगम पर कोई कार्रवाई नहीं की है। करीब छह माह पहले नगर आयुक्त ने दोनों विभागों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बाद निगरानी के लिए समिति बनाई थी। इसका काम शहर में कार्यदायी संस्थाओं के कामकाज की निगरानी कर रिपोर्ट देना है। उसके बाद नगर निगम स्तर से कार्रवाई की जानी थी, लेकिन आज तक निगरानी समिति ने कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जबकि शहर में कार्यस्थलों पर पानी का छिड़काव भी ठीक से नहीं कराया जा रहा है। छिड़काव न कराए जाने से धूल के गुबार उड़ रहे हैं। नगर निगम दफ्तर के सामने वाली रोड पर भी छिड़काव नहीं हो रहा है।
नगर आयुक्त ने कहा कि समिति से प्रदूषण की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी जाएगी। एनजीटी के नियमों का पालन नहीं करने वाली कार्यदाई संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी। शहर को प्रदूषित नहीं करने दिया जाएगा।
सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदाई और फ्लाईओवर-ओवरब्रिज के निर्माण आदि के चलते शहर में चारों ओर धूल उड़ रही है। लिहाजा प्रदूषण का स्तर रोजाना बढ़ रहा है। सड़कों पर निकलने के दौरान लोग धूल फांकने को मजबूर हैं, लेकिन निगरानी समिति ने अब जल निगम या सेतु निगम पर कोई कार्रवाई नहीं की है। करीब छह माह पहले नगर आयुक्त ने दोनों विभागों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बाद निगरानी के लिए समिति बनाई थी। इसका काम शहर में कार्यदायी संस्थाओं के कामकाज की निगरानी कर रिपोर्ट देना है। उसके बाद नगर निगम स्तर से कार्रवाई की जानी थी, लेकिन आज तक निगरानी समिति ने कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जबकि शहर में कार्यस्थलों पर पानी का छिड़काव भी ठीक से नहीं कराया जा रहा है। छिड़काव न कराए जाने से धूल के गुबार उड़ रहे हैं। नगर निगम दफ्तर के सामने वाली रोड पर भी छिड़काव नहीं हो रहा है।
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नगर आयुक्त ने कहा कि समिति से प्रदूषण की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी जाएगी। एनजीटी के नियमों का पालन नहीं करने वाली कार्यदाई संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी। शहर को प्रदूषित नहीं करने दिया जाएगा।
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