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जिंदा जला बच्चा: कांपती जुबां से नानी ने बयां किया मंजर, मां और मौसी बेहोश, मचान पर चढ़ने से बची अरीना की जान
Mon, 17 Apr 2023 08:13 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 17 Apr 2023 08:13 AM IST
सार
बरेली में रोजा इफ्तार के लिए खाना बनाते वक्त सिलिंडर लीक होने से आग लग गई। आग से बच्चा जिंदा जल गया जबकि बहन झुलस गई। अग्निशमन कर्मियों ने जान पर खेलकर रेस्क्यू किया। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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घर में लगी आग में जिंदा जला बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में कोतवाली के पीछे आजमनगर की तंग गली के घर में सिलिंडर लीक होने से बरामदे में आग लग गई। इससे कमरे में सो रहे भाई-बहन घिर गए। बच्ची की जान बच गई पर सात साल के शेखू की मौत हो गई। दमकल कर्मियों ने रेस्क्यू कर दोनों को बाहर निकाला। बच्ची का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आजमनगर की जोगियान गली निवासी शादाब रविवार शाम पांच बजे नमाज पढ़ने गए थे। उनकी पत्नी समरीन बरामदे में खाना बना रही थीं। सात साल का बेटा शेखू और 12 साल की बेटी अरीना अंदर कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान सिलिंडर में लगा रेगुलेटर लीक होने से पहले बरामदे में और फिर कमरे में आग फैल गई। समरीन शोर मचाती हुई मदद के लिए बाहर भागीं।
पड़ोसियों ने सूचना दी तो थोड़ी देर बाद पहुंची दमकल की टीम ने रेस्क्यू शुरू किया। मुश्किल हालात से जूझकर दोनों बच्चों को निकाला पर तब तक शेखू की मौत हो चुकी थी। अरीना को पहले जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसका उपचार चल रहा है। एफएसओ संजीव कुमार यादव ने बताया कि तंग गली में ऑपरेशन के दौरान दिक्कत आई। चार गाड़ियां लगाकर आग पर काबू पा लिया गया। अफसोस है कि एक बच्चे को नहीं बचा सके।
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कांपती जुबां से नानी ने बयां किया मंजर, मां और मौसी बेहोश
शादाब के घर में लगी आग से परिवार तबाह हो गया। गरीब के बेटे की जान चली गई और बेटी की जान भी खतरे में है। परिवार का पूरा सामान नष्ट हो गया। ईद की तैयारी भी धरी रह गई।
शादाब काफी समय से अपनी ससुराल में ही रह रहा है। उसका मकान तंग गली में अंदर की ओर है। मकान बेहद छोटा है। इसमें कमरे के आगे के बरामदे को भी ढंककर कमरे जैसा रूप दे दिया गया है।
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आजमनगर की जोगियान गली निवासी शादाब रविवार शाम पांच बजे नमाज पढ़ने गए थे। उनकी पत्नी समरीन बरामदे में खाना बना रही थीं। सात साल का बेटा शेखू और 12 साल की बेटी अरीना अंदर कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान सिलिंडर में लगा रेगुलेटर लीक होने से पहले बरामदे में और फिर कमरे में आग फैल गई। समरीन शोर मचाती हुई मदद के लिए बाहर भागीं।
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पड़ोसियों ने सूचना दी तो थोड़ी देर बाद पहुंची दमकल की टीम ने रेस्क्यू शुरू किया। मुश्किल हालात से जूझकर दोनों बच्चों को निकाला पर तब तक शेखू की मौत हो चुकी थी। अरीना को पहले जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसका उपचार चल रहा है। एफएसओ संजीव कुमार यादव ने बताया कि तंग गली में ऑपरेशन के दौरान दिक्कत आई। चार गाड़ियां लगाकर आग पर काबू पा लिया गया। अफसोस है कि एक बच्चे को नहीं बचा सके।
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कांपती जुबां से नानी ने बयां किया मंजर, मां और मौसी बेहोश
शादाब के घर में लगी आग से परिवार तबाह हो गया। गरीब के बेटे की जान चली गई और बेटी की जान भी खतरे में है। परिवार का पूरा सामान नष्ट हो गया। ईद की तैयारी भी धरी रह गई।
शादाब काफी समय से अपनी ससुराल में ही रह रहा है। उसका मकान तंग गली में अंदर की ओर है। मकान बेहद छोटा है। इसमें कमरे के आगे के बरामदे को भी ढंककर कमरे जैसा रूप दे दिया गया है।
आग में सारा सामान जला
इसी में समरीन की रसोई थी, जहां वह इफ्तार का सामान तैयार कर रही थी। पति शादाब व परिवार के अन्य लोग नमाज पढ़ने गए थे। इस बीच लगी आग ने बेटे शेखू की जान ले ली तो बेटी अरीना अस्पताल में भर्ती है। गृहस्थी का सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
रोते-रोते शेखू की मां और मौसी बेहोश
शादाब की सास रो रही थीं। वह बता रही थीं कि ईद को लेकर शेखू और अरीना बहुत खुश थे। वह शेखू को बाजार ले गई थीं। वहां से डेढ़ सौ रुपये की चप्पल खरीदकर लाया था। पिता से नए कपड़े बनवाने की जिद भी बच्चे कर रहे थे। रोते-रोते शेखू की मां और मौसी बेहोश हो गईं।
मचान पर चढ़ने से बची अरीना की जान
आग लगने के दौरान बच्चे कमरे में सो रहे थे। धुंआ और लपटों से जागे तो बरामदे की आग कमरे में आ चुकी थी। तब दोनों बच्चों ने जान बचाने की काफी जद्दोजहद की। शेखू छोटा होने की वजह से नीचे रह गया पर 12 वर्षीय अरीना कमरे में बने मचान पर चढ़ गई। हालांकि टीम के पहुंचने तक वह भी आग की चपेट में आंशिक रूप से आ गई।
आग लगने के दौरान बच्चे कमरे में सो रहे थे। धुंआ और लपटों से जागे तो बरामदे की आग कमरे में आ चुकी थी। तब दोनों बच्चों ने जान बचाने की काफी जद्दोजहद की। शेखू छोटा होने की वजह से नीचे रह गया पर 12 वर्षीय अरीना कमरे में बने मचान पर चढ़ गई। हालांकि टीम के पहुंचने तक वह भी आग की चपेट में आंशिक रूप से आ गई।
तंग गली में हौज पाइप डालकर चलाया काम
आजम नगर की तंग गली में दमकल स्टाफ ने पहले छोटी गाड़ी भेजी। गाड़ी घटनास्थल वाली गली में नहीं जा सकी। करीब पचास मीटर का फासला रह गया। तब हौज पाइप डालकर टीम ने आग पर काबू पाया।
आजम नगर की तंग गली में दमकल स्टाफ ने पहले छोटी गाड़ी भेजी। गाड़ी घटनास्थल वाली गली में नहीं जा सकी। करीब पचास मीटर का फासला रह गया। तब हौज पाइप डालकर टीम ने आग पर काबू पाया।