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बरेली में डेंगू का प्रकोप: सीएचसी बने रेफरल सेंटर, खाली पड़े डेंगू वार्ड, जिला अस्पताल का वार्ड फुल

Fri, 22 Sep 2023 01:56 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Fri, 22 Sep 2023 01:56 AM IST
सार

डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर बने वार्ड खाली पड़े है। डेंगू के संदिग्ध लक्षण मिलने पर मरीज की जांच, इलाज के बजाय जिला अस्पताल भेज रहे हैं। इधर, जिला अस्पताल का वार्ड फुल है। एक बेड पर दो मरीज भर्ती होने की नौबत है।

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CHC became referral center, dengue wards remained vacant in bareilly
जिला अस्पताल का डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर बने वार्ड खाली पड़े है। डेंगू के संदिग्ध लक्षण मिलने पर मरीज की जांच, इलाज के बजाय जिला अस्पताल भेज रहे हैं। इधर, जिला अस्पताल का वार्ड फुल है। एक बेड पर दो मरीज भर्ती होने की नौबत है।

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जुलाई में शुरू हुए संचारी रोग नियंत्रण मुहिम के तहत सभी सीएचसी पर फीवर वार्ड बनाने के निर्देश थे। मलेरिया के मामले तेजी से बढ़े। शेरगढ़, मीरगंज, भमोरा, फतेहगंज पश्चिमी में मलेरिया बेकाबू हुआ, लेकिन इन सीएचसी पर भी कोई मलेरिया का मरीज भर्ती नहीं हुआ। 
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अब मलेरिया के साथ ही डेंगू के मरीज भी बढ़ रहे हैं। बृहस्पतिवार तक जिले में डेंगू के 95 मरीज मिल चुके हैं। इसमें शहर के 35 केस और 50 मरीज गांवों में मिले हैं। फीवर वार्ड का पर्चा बदला और डेंगू-मलेरिया का नया पर्चा चस्पा हो गया। बेड पर मच्छरदानियां लगा दी गईं। सीएचसी के बेड खाली ही हैं।

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सीएचसी पर स्टाफ, सुविधाएं कम

सीएचसी पर 24 घंटे इलाज की सुविधा है, लेकिन डेंगू के मरीज की प्लेटलेट्स कम होने की आशंका रहती है। सीएचसी पर प्लेटलेट्स मुहैया न होने से हालत बिगड़ सकती है। ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं, लेकिन वेंटिलेटर, हाई फ्लो नेजल कैनुला भी नहीं है। लिहाजा, गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिलना कठिन है। इसके अलावा सीएचसी पर महज एक या दो डॉक्टर हैं। प्रशिक्षित स्टाफ की भी कमी है।

सीएचसी पर नहीं की जांच, भेजा जिला अस्पताल

आंवला के पेपलगांव की राजबाला (50) 15 दिन से बुखार की चपेट में थीं। 30 अगस्त को सीएचसी पहुंची। वहां दवा मिली पर जांच नहीं की। तीन दिन सीएचसी के स्टाफ ने डेंगू और मलेरिया जांच का सुझाव दिया। निजी लैब से जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव रही। बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत होने पर सीएचसी पहुंची तो उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर भर्ती हुईं।

गांव में भी करीब दर्जन भर लोग गंभीर बीमार

आंवला के पेपलगांव के ही रहने वाले अभय प्रताप सिंह (20) ने बताया कि उन्हें करीब दस दिन से बुखार आ रहा था। सीएचसी पर सिर्फ बुखार की दवाएं दे रहे थे। मलेरिया की जांच की थी, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव मिली। इधर, हालत बिगड़ने के चलते सीएचसी के एक स्टाफ ने जिला अस्पताल जाने को कहा। यहां पहुंचने पर तत्काल डेंगू, मलेरिया अन्य जांच की गई। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर भर्ती कर लिया।

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