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Bareilly News: भगवत सरन मामले में आरोप तय, फिलहाल जेल में रहेेंगे
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बरेली। छह साल पहले थाना हाफिजगंज क्षेत्र में जानलेवा हमले के एक मामले में पूर्व मंत्री भगवत सरन समेत सभी दस अभियुक्तों को जेल भेजा गया था। शुक्रवार को पूर्व मंत्री भगवत और उनके साथियों पर आरोप तय कर दिए गए हैं। 28 फरवरी को इनकी जमानत पर सुनवाई होगी।
भगवत सरन समेत सभी अभियुक्तों पर कोर्ट में आरोप तय कर दिए गए। सभी अभियुक्त जेल से तलब होकर शुक्रवार को फिर कोर्ट पहुंचे जहां इन सभी पर आरोपों का निर्धारण हुआ। जिन लोगों पर आरोप तय किए गए है उनमें भगवत सरन के अलावा उनके भाई योगेंद्र, तरुण कुमार उर्फ अंशु, ओमेंद्र कुमार, विनोद दिवाकर, पुरुषोत्तम गंगवार, शेर सिंह, सुधीर कुमार मिश्रा, वीरपाल सिंह गंगवार व अनिल कुमार शामिल हैं। मामले की सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख तय की गई है। इन सभी लोगों की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई 28 फरवरी को ही होगी।
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं विनोद दिवाकर
- जेल जाने और आरोप तय होने के बाद भगवत और साथियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फिलहाल नवाबगंज व आसपास के सभी थानों में इन लोगों के ऊपर दर्ज अन्य मुकदमों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। भगवत सरन के साथ जेल में बंद विनोद दिवाकर इस समय भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं। बता दें कि भगवत के बेहद करीबी विनोद दिवाकर को सपा सरकार में नवाबगंज का ब्लॉक प्रमुख बनाया गया था। सपा में रहते हुए ही उनके खिलाफ यह केस दर्ज हुआ। इधर, भाजपा के सत्ता में आने पर विनोद दिवाकर ने पाला बदलकर अपनी प्रमुखी जाने से बचा ली थी। दोनों पक्षों में समझौता कराने में भी उनकी बड़ी भूमिका रही थी पर कोर्ट ने समझौता नहीं माना।
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भगवत सरन समेत सभी अभियुक्तों पर कोर्ट में आरोप तय कर दिए गए। सभी अभियुक्त जेल से तलब होकर शुक्रवार को फिर कोर्ट पहुंचे जहां इन सभी पर आरोपों का निर्धारण हुआ। जिन लोगों पर आरोप तय किए गए है उनमें भगवत सरन के अलावा उनके भाई योगेंद्र, तरुण कुमार उर्फ अंशु, ओमेंद्र कुमार, विनोद दिवाकर, पुरुषोत्तम गंगवार, शेर सिंह, सुधीर कुमार मिश्रा, वीरपाल सिंह गंगवार व अनिल कुमार शामिल हैं। मामले की सुनवाई के लिए 28 फरवरी की तारीख तय की गई है। इन सभी लोगों की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई 28 फरवरी को ही होगी।
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भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं विनोद दिवाकर
- जेल जाने और आरोप तय होने के बाद भगवत और साथियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फिलहाल नवाबगंज व आसपास के सभी थानों में इन लोगों के ऊपर दर्ज अन्य मुकदमों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। भगवत सरन के साथ जेल में बंद विनोद दिवाकर इस समय भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं। बता दें कि भगवत के बेहद करीबी विनोद दिवाकर को सपा सरकार में नवाबगंज का ब्लॉक प्रमुख बनाया गया था। सपा में रहते हुए ही उनके खिलाफ यह केस दर्ज हुआ। इधर, भाजपा के सत्ता में आने पर विनोद दिवाकर ने पाला बदलकर अपनी प्रमुखी जाने से बचा ली थी। दोनों पक्षों में समझौता कराने में भी उनकी बड़ी भूमिका रही थी पर कोर्ट ने समझौता नहीं माना।
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